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दिल्ली सरकार की मंत्री और आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि ईडी अब एकनिष्पक्ष जांच एजेंसी नहीं रह गई है, बल्कि वह भाजपा की सरकार का राजनीतिक हथियार बन गई है। यह बयान आतिशी ने तब दिया जब सुप्रीमकोर्ट ने भी ईडी की कार्यशैली पर कड़ी टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि ईडी का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है।कोर्ट की यह बात पूरे देश के लिए बहुत गंभीर संकेत है।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान साफ कहा कि ईडी का काम अब सच्चाई पता लगाना नहीं रह गया, बल्कि वह उन नेताओं पर निशाना साध रही है जोसरकार की नीतियों से सहमत नहीं हैं।
कोर्ट ने यह भी कहा कि ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियाँ अगर राजनीतिक दबाव में काम करेंगी, तो यह लोकतंत्र के लिए बहुत खतरनाक है।

क्या कहा आतिशी ने?
आतिशी ने कहा कि दिल्ली की शराब नीति के बहाने आम आदमी पार्टी के नेताओं को फँसाया गया।
उन्होंने कहा हमारे नेताओं को गिरफ्तार किया गया, लेकिन आज तक ईडी एक भी सबूत नहीं दिखा सकी। करोड़ों रुपये की बात की गई, लेकिन एकभी पैसा नहीं मिला। उन्होंने कहा कि मनीष सिसोदिया, जो बच्चों की शिक्षा के लिए दिन-रात काम कर रहे थे, उन्हें झूठे आरोपों में महीनों तक जेल मेंरखा गया। अब जब मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुँचा, तो वहां सच्चाई सामने आ गई। अदालत ने नेताओं को जमानत दी, क्योंकि ईडी कुछ साबित नहींकर पाई।

सिर्फ विपक्ष को ही क्यों निशाना?
आतिशी ने सवाल उठाया कि अगर ईडी सच में एक निष्पक्ष एजेंसी है, तो वह केवल विपक्षी नेताओं पर ही क्यों कार्रवाई करती है? उन्होंने कहा किबिहार, झारखंड, बंगाल और दिल्ली जैसे राज्यों में ईडी और सीबीआई लगातार छापे मार रही हैं, लेकिन भाजपा के नेताओं के खिलाफ कभी कोईछापा नहीं पड़ता। क्या भाजपा के सारे नेता बिल्कुल साफ़ हैं? यह सवाल हर नागरिक को सोचना चाहिए।

जनता को सतर्क होने की ज़रूरत
आतिशी ने जनता से अपील की कि अब समय आ गया है कि हम सब सच के साथ खड़े हों। उन्होंने कहा “अगर आज हम चुप रहे, तो कल कोई भीसरकार हमारे अधिकारों को छीन सकती है। यह लड़ाई आम आदमी पार्टी की नहीं, यह लड़ाई देश के लोकतंत्र की है। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियोंको ईमानदारी से और बिना किसी दबाव के काम करना चाहिए। अगर वे किसी पार्टी का साथ देंगी, तो लोग उन पर भरोसा करना बंद कर देंगे।
सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी और आतिशी के सवालों ने देश में एक बहुत बड़ा मुद्दा खड़ा कर दिया है। ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियाँ अगरकिसी पार्टी के कहने पर काम करेंगी, तो न्याय नहीं मिल पाएगा। लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत यही है कि हर संस्था स्वतंत्र होकर काम करे, बिनाकिसी डर और दबाव के।


आज समय है कि देश की जनता जागरूक हो, और यह समझे कि जब सत्ता में बैठे लोग एजेंसियों का गलत इस्तेमाल करते हैं, तो इससे पूरे देश कोनुकसान होता है। हमें मिलकर सच्चाई का साथ देना होगा, ताकि देश का लोकतंत्र और संविधान मजबूत बना रहे।


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