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नई दिल्ली, 25 जनवरी 2025: दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय राजीव भवन में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में उत्तर प्रदेश सरकार मेंविपक्ष की नेता श्रीमती मोना मिश्रा ने दिल्ली में बीजेपी और आम आदमी पार्टी की खींचतान से दिल्ली की स्थिति को बदहाल करार दिया। उन्होंनेकहा कि दिल्ली में प्रदूषण, कूड़े के पहाड़, सड़कों पर गड्ढे, जाम, और खराब स्वास्थ्य सेवाएं साफ दिखती हैं, लेकिन कोई सकारात्मक बदलाव नजरनहीं आता।

कांग्रेस की पहल और केजरीवाल सरकार की नाकामी
श्रीमती मिश्रा ने दिल्ली के रेहड़ी पटरी वालों की स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा, “कांग्रेस सरकार ने 5 मार्च 2014 को देशभर के रेहड़ी पटरीवालों के अधिकार को कानूनी रूप से मान्यता दी थी। यह कानून ‘रेहड़ी पटरी आजीविका संरक्षण कानून 2014’ के तहत लागू हुआ। लेकिन अफसोसकि केजरीवाल सरकार ने इसे 6 साल तक लागू नहीं किया।”

क्या है कानून का प्रावधान?
उन्होंने कहा कि इस कानून में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि स्ट्रीट वेंडर्स को कोई भी जबरन नहीं हटा सकता, जब तक उनका सर्वे पूरा न हो और विक्रयप्रमाण पत्र जारी न हो। लेकिन दिल्ली में आज तक कोई वेंडिंग ज़ोन नहीं निर्धारित किया गया है।

दिल्ली के स्ट्रीट वेंडर्स की बदहाल स्थिति
मिश्रा ने यह भी बताया कि दिल्ली में लगभग 7.5 लाख स्ट्रीट वेंडर्स होने चाहिए, लेकिन केवल 72,467 वेंडर्स की पहचान की गई है, और उनमें सेअधिकांश को अभी तक उनका पहचान पत्र तक नहीं मिला है। “दिल्ली में आम आदमी पार्टी ने 35 लाख लोगों को बेरोजगार कर दिया है, ये लोगआज भी संघर्ष कर रहे हैं।”

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