केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लिवर एवं पित्त विज्ञान संस्थान (ILBS) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया, जहाँ उन्होंने युवाओं को बेहतरऔर लंबा जीवन जीने के लिए प्रेरित किया। अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें बताईं और खुद के जीवन में आएबदलावों पर भी प्रकाश डाला।
नींद, आहार और व्यायाम से बदली ज़िंदगी
अमित शाह ने कहा कि मई 2020 से उन्होंने अपनी जीवनशैली में बड़ा बदलाव किया है। उन्होंने पर्याप्त नींद, संतुलित आहार, भरपूर पानी औरनियमित व्यायाम को अपने जीवन का हिस्सा बनाकर स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार पाया है। उन्होंने बताया कि अब वह एलोपैथिक दवाओं औरइंसुलिन से लगभग पूरी तरह मुक्त हो चुके हैं।
युवाओं को दी सलाह
गृह मंत्री ने खासतौर पर युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें रोज़ अपने शरीर के लिए दो घंटे और दिमाग के लिए कम से कम छह घंटे कीनींद अवश्य लेनी चाहिए। ऐसा करने से न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य में भी बड़ा बदलाव महसूस होगा।
बुद्ध की कहानी से समझाया आत्म-अनुशासन का महत्व
अमित शाह ने महात्मा बुद्ध से जुड़ी एक प्रेरणादायक कथा भी साझा की। उन्होंने बताया कि एक महिला अपने बेटे की गूड़ खाने की आदत छुड़वाने केलिए बुद्ध के पास गई। बुद्ध ने उस महिला को एक सप्ताह बाद आने को कहा। जब वह दोबारा पहुंची, तब बुद्ध ने लड़के को गूड़ न खाने की सलाहदी। मां के पूछने पर कि यही बात पहले क्यों नहीं कही, बुद्ध ने उत्तर दिया कि वे स्वयं भी गूड़ खाते थे और पहले अपनी आदत सुधारना चाहते थे।अमित शाह ने इस प्रसंग के माध्यम से यह संदेश दिया कि दूसरों को सलाह देने से पहले खुद पर अमल करना जरूरी है।
स्वस्थ जीवन ही देश के विकास की नींव
अमित शाह ने यह भी कहा कि आज के युवा जो आने वाले दशकों तक देश को आगे बढ़ाएंगे, उन्हें अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देनी चाहिए। एकस्वस्थ शरीर और मस्तिष्क ही राष्ट्र निर्माण में वास्तविक योगदान दे सकता है।