
हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अनंगपुर गांव को बचाने के लिए रविवार को आयोजित महापंचायत में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंदकेजरीवाल के निर्देश पर पार्टी का एक प्रतिनिधि मंडल शामिल हुआ. प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व कर रहे ‘‘आप’’ के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने सभी को एकजुट होने का आह्वान करते हुए कहा कि 1300 साल पुरानी अनंगपुर गांव की विरासत को मिटाने की साज़िश के खिलाफ अब गांव-देहात एकजुट हैं. जब सब साथ होंगे तो बीजेपी सरकार को झुकना ही पड़ेगा। उन्होंने कहा कि तीन काले कानूनों के खिलाफ किसानों ने एकजुटता दिखाई तो केंद्र सरकार को कानून वापस लेना पड़ा. अगर केंद्र सरकार अपने फायदे के लिए अध्यादेश लाकर कोर्ट का फैसला पलट सकती है तो लाखों लोगों को बचाने के लिए भी अध्यादेश ला सकती है.फरीदाबाद के अनंगपुर गांव में रविवार को आयोजित महापंचायत को संबोधित करते हुए “आप” के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि आज से तीन साल पहले किसानों ने केंद्र सरकार केकाले कानूनों के खिलाफ अपनी लड़ाई शुरू की थी. पंजाब, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के किसान दिल्ली के बॉर्डर पर आकर बैठ गए. मीडिया नेकिसान को नहीं दिखाया मगर वह डटे रहे। गर्मी-सर्दी झेली, बरसात में सब कुछ भीग गया. 600 किसान मर गए.
कोर्ट में सरकार गई थी गांव वालों के खिलाफ
फिर भी किसान डटे रहे और एक साल बाद केंद्र सरकार को हार माननी पड़ी और किसान जीत गए. सौरभ भारद्वाज ने कहा कि अनंगपुर गांव को बचानेके लिए हम सबको एक लंबी लड़ाई लड़नी पड़ेगी और इसके लिए हम सभी को तैयार होना पड़ेगा. अगर हम सभी एकजुट रहेंगे तो जीतेंगे और सरकारको झुकना पड़ेगा। आज सरकार हर जगह एक बहाना बनाती है कि कोर्ट का आदेश आ गया। लेकिन कोर्ट तो सरकार ही गई थी कोर्ट में सरकार गांववालों के खिलाफ गई थी. एक तरफ सरकार लड़ेगी, दूसरी तरफ गांव वाले, तो सरकार ही जीतेगी। क्योंकि सरकार के पास बड़े-बड़े वकील हैं। गांव वाला तो हारेगा. सरकार को गांव वालों के लिए लड़ना चाहिए. सरकार को गांव वालों की तरफ से मुकदमे लड़ने चाहिए लेकिन आज सरकार गांव वालों के खिलाफ मुकदमे लड़ कर उन्हें हरा रही है. सौरभ भारद्वाज ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने जब दिल्ली की चुनी हुई सरकार को ताकतदेने का आदेश दिया. तो एक हफ्ते के अंदर केंद्र सरकार ने अध्यादेश लाकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश को पलट दिया। मुख्य चुनाव आयुक्त को चुनने केलिए सुप्रीम कोर्ट ने कानून बनाया. लेकिन सरकार को यह पसंद नहीं आया और एक हफ्ते में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को पलट दिया. जब सरकार को अपने मन की करनी होती है.
सुप्रीम कोर्ट के फैसले को देती है पलट
तो न कोई हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट नहीं होता है केंद्र सरकार एक हफ्ते के अंदर अध्यादेश लाती है और सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलट देती है. केंद्रसरकार जिस दिन चाहे कोर्ट का आदेश पलट सकती है आज सरकार कोर्ट का नाम इसलिए ले रही है क्योंकि कोर्ट जो कर रहा है. उसमें सरकार कोफायदा दिख रहा है. सौरभ भारद्वाज ने कहा कि मैं सब से एक वादा चाहता हूं. मैं और “आप” के कई विधायक साथी यहां आए हैं। हम वादा करते हैंकि जिस दिन बुलडोजर अनंगपुर गांव में आएगा. एक आवाज कर देना। दिल्ली से पूरी आम आदमी पार्टी अनंगपुर गांव में खड़ी होगी. अगर हम सबअनंगपुर गांव में बुलडोजर के सामने खड़े हो गए. तो किसी में इतनी ताकत नहीं कि वह हमें हिला सके. केंद्र सरकार और हरियाणा सरकार जिस तरहलाखों लोगों को बेघर करना चाह रही है. उसमें बड़ी संख्या में हमारे गुर्जर समाज और गांव-देहात के भाई शामिल हैं। अगर केंद्र सरकार अपने फायदे केलिए अध्यादेश लाकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला पलट सकती है. तो लाखों लोगों को बचाने के लिए भी अध्यादेश लाया जाए। प्रतिनिधि मंडल में ब्रह्मसिंह तंवर, महाबल मिश्रा, सहीराम पहलवान, रमेश पहलवान, कृष्ण जाखड़ समेत गुर्जर समाज के पार्षद शामिल रहे.