
हिंदी फिल्मों के मशहूर अभिनेता असरानी के निधन की खबर से पूरा देश दुखी है। असरानी ने अपने लंबे फिल्मी सफर में 350 से ज्यादा फिल्मों मेंकाम किया और हर उम्र के दर्शकों के दिलों में अपनी खास जगह बनाई। उनकी याद में विश्वविख्यात लव कुश रामलीला कमेटी ने भावपूर्ण श्रद्धांजलिसभा आयोजित की।
अर्जुन कुमार और कमेटी के सदस्यों ने दी श्रद्धांजलि
लव कुश रामलीला कमेटी के प्रेसिडेंट अर्जुन कुमार ने असरानी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि असरानी एक महान कलाकार ही नहीं, बल्किएक बहुत ही सरल और विनम्र इंसान थे। उन्होंने कहा असरानी जैसे लोग अभिनय जगत की पहचान होते हैं। उन्होंने हमेशा अपने काम से लोगों कोहंसाया और सोचने पर मजबूर किया।
नारद मुनि का किरदार निभाना असरानी के लिए सम्मान की बात थी
अर्जुन कुमार ने बताया कि जब असरानी से लव कुश रामलीला में नारद मुनि का किरदार निभाने का आग्रह किया गया, तो वे बहुत खुश हुए। उन्होंनेमुस्कुराते हुए कहा था लालकिला के ऐतिहासिक मंच पर हजारों राम भक्तों के सामने नारद मुनि का किरदार निभाना मेरे लिए गर्व की बात है। बसफर्क इतना है कि यहां रीटेक नहीं मिलेगा! उनकी यह बात सुनकर सभी को उनके समर्पण और हास्य स्वभाव का अंदाज़ा हुआ।
असरानी ने कई बार लीला मंच पर किए अलग–अलग रोल
लव कुश रामलीला में असरानी ने पांच बार अलग-अलग किरदार निभाए। अर्जुन कुमार ने बताया कि वे हर बार बहुत तैयारी और अनुशासन के साथमंच पर आते थे। वे होटल में रिहर्सल करने के बाद भी दोपहर को लीला स्थल पहुंचकर बाकी कलाकारों के साथ खुद रिहर्सल किया करते थे। वे कभीस्टार की तरह दूरी नहीं बनाते थे, बल्कि सभी कलाकारों के साथ मिलकर भोजन और बातचीत करते थे।
राम भक्तों में असरानी का था खास आकर्षण
जब भी असरानी की भूमिका होती थी, उस दिन हजारों की संख्या में राम भक्त मैदान में जल्दी पहुंच जाते थे। हर कोई अपने प्यारे अभिनेता की एकझलक पाने के लिए उत्साहित रहता था। जैसे ही असरानी मंच पर आते, पूरा मैदान नारायण नारायण! के जयघोष से गूंज उठता था।
सादगी और मेहनत के प्रतीक थे असरानी
अर्जुन कुमार ने बताया कि असरानी हमेशा अपने संघर्ष के दिनों को याद करते थे। वे कहा करते थे कि कैसे उन्होंने फिल्मों में अपनी जगह बनाने केलिए दिन-रात मेहनत की। सफलता के शिखर पर पहुंचने के बाद भी उन्होंने कभी अभिमान नहीं किया। यही बात उन्हें सबका प्रिय बनाती थी।
विदेशों में भी गूंजा असरानी का ‘नारायण नारायण
असरानी ने एक इंटरव्यू में बताया था कि जब उन्होंने लव कुश रामलीला में नारद मुनि का रोल निभाया, तो विदेशों में शो करने पर लोग उनसे केवलफिल्मों के नहीं बल्कि नारायण नारायण संवाद की भी फरमाइश करते थे। यह दिखाता है कि रामलीला के इस किरदार ने भी उनकी पहचान को औरबड़ा बना दिया था।
असरानी का जाना बड़ी क्षति
अर्जुन कुमार ने कहा कि असरानी का जाना फिल्म इंडस्ट्री और रामलीला दोनों के लिए बहुत बड़ी क्षति है। उन्होंने कहा असरानी जी ने हमें सिखाया किअसली कलाकार वही होता है जो मंच पर नहीं, बल्कि लोगों के दिलों में जिए।
असरानी हमेशा रहेंगे याद
असरानी का जीवन मेहनत, सादगी और खुशी बांटने की मिसाल था। उन्होंने हंसते-हंसाते हुए अभिनय की ऐसी विरासत छोड़ी है जिसे भुलाया नहीं जासकता। लव कुश रामलीला कमेटी ने कहा कि वे हमेशा असरानी जी को याद करते रहेंगे और हर मंच पर उनके नारायण नारायण की गूंज सुनाई देतीरहेगी।