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आज अक्षय तृतीया पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा का विधिवत शुभारंभ हो जाएगा. मां गंगा की भोगमूर्तिविग्रह डोली मुखबा गांव से मंगलवार पूर्वाह्न 11:57 बजे अभिजीत मुहूर्त में गंगोत्री धाम के लिए रवाना हुई. मां गंगा की विग्रह डोली रात को भैरो घाटीमें विश्राम करेगी. बुधवार सुबह अक्षय तृतीया पर मां गंगा की डोली गंगोत्री धाम पहुंचेगी जहां विधिविधान के साथ सुबह 10:30 बजे मंदिर के कपाटखोल दिए जाएंगे. वहीं यमुनोत्री धाम में मां यमुना के आगमन और मां यमुना के मायके खरसाली गांव में यमुना जी की विदाई की तैयारियां जोरों परहैं. अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर मां यमुना की डोली सुबह 8:30 बजे शीतकालीन प्रवास खरसाली गांव से यमुनोत्री धाम के लिए रवाना होगी औरधाम में पहुंचकर स्नान आदि के बाद 11.55 पर श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के कपाट खोल दिए जाएंगे.चारधाम यात्रा मार्ग को 15 सुपर जोन, 41 जोनऔर 217 सेक्टरों में बांटा गया है पुलिस ने यात्रा मार्ग पर इस बार कुल 624 सीसीटीवी कैमरों को भी सक्रिय किया है. यात्रा मार्ग पर नौ एएसपी औरडीएसपी स्तर के अधिकारियों को अलग-अलग स्थानों पर कैंप करने के निर्देश दिए गए हैं.

अर्द्धसैनिक बलों की गई मांग
इसके साथ ही इस साल पहली बार 10 कंपनी अर्द्धसैनिक बलों की मांग भी केंद्र सरकार से की गई है सबसे महत्वपूर्ण यातायात प्लान को लेकर बारबड़ी तैयारियों का दावा किया गया है. इस साल पहले से ही प्लान ए बी और सी के आधार पर यातायात प्रबंधन किया जाएगा. इसके तहत विभिन्नमार्गों पर भीड़ और अत्यधिक भीड़ होने पर वैकल्पिक मार्गों को चिह्नित किया गया है. इन पर अधिकारियों और कर्मचारियों को भी तैनात किया गया है. केदारनाथ के लिए सोनप्रयाग, गौरीकुंड, भीमबली, लिचौंली और रुद्र प्वाइंट में पांच प्रीपेड बुकिंग काउंटर बनाए गए हैं. इसी तरह यमुनोत्री के लिएजानकीचट्टी में जिला पंचायत की ओर से प्रीपेड काउंटर स्थापित किया गया है यमुनोत्री के लिए घोड़े -खच्चर संचालकों को नंबर युक्त जैकेट प्रदानकी जा रही है और एक दिन में केवल एक ही बार धाम तक आवागमन की अनुमति होगी.
श्रद्धालुओं की यात्रा, सुखद और आरामदायक हो. इसके लिए सड़क परिवहन से लेकर हेली और घोड़े खच्चरों की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है. पशुपालन विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं पूरी तरह स्वस्थ घोड़े खच्चरों को ही यात्रा में भेजा जाए साथ ही यात्रा मार्ग पर भी घोड़े खच्चरों कास्वास्थ्य परीक्षण किया जाए.

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