गुरुवार को आमिर खान और राजकुमार हिरानी ने दादा साहब फाल्के पर बायोपिक बनाने की अनाउंसमेंट की है. इसी बीच साउथ में भी चर्चा है किराजामौली, जूनियर NTR के साथ दादा साहब फाल्के की बायोपिक बनाने जा रहे हैं. ऐसे में अमर उजाला से दादा साहब फाल्के के पोते चंद्रशेखरश्रीकृष्ण पुसालकर से खास बातचीत कर उनके दिल की बात जानी. चंद्रशेखर श्रीकृष्ण पुसालकर ने आमिर और हिरानी के प्रोजेक्ट को लेकर खुशीऔर राजामौली के अप्रोच न करने पर नाराजगी जताई. उन्होंने फाल्के की पत्नी के रोल के लिए एक एक्ट्रेस का नाम भी सुझाया. आमिर खान औरराजकुमार हिरानी का ये प्रोजेक्ट मेरे लिए भी सरप्राइज था. मुझे अभी-अभी पता चला कि उन्होंने टाई-अप किया है लेकिन उनके असिस्टेंट प्रोड्यूसरहिंदुकुश भारद्वाज, पिछले तीन सालों से मेरे टच में रहे हैं. वो बार-बार मुझसे मिलने आते थे, रिसर्च करते थे, डिटेल्स पूछते थे. मैंने उन्हें साफ कहा थाआप लोग ईमानदारी से मेहनत कर रहे हो, आप आगे बढ़िए मुझे कोई आपत्ति नहीं है.
फैमिली से करनी चाहिए बात
मैं राजामौली के प्रोजेक्ट पर भी चर्चा सुन रहा हूं पर उन्होंने कभी इसे लेकर मुझसे संपर्क नहीं किया. किसी ने भी राजामौली की तरफ से मुझसे बातनहीं की अगर कोई फाल्के जी पर फिल्म बना रहा है तो कम से कम फैमिली से तो बात करनी चाहिए. ऐसा नहीं होना चाहिए कि फैमिली कोदरकिनार कर दिया जाए. फैमिली ही असली जानकार होती है, वही सही कहानियां बता सकती है. अगर आमिर खान यह रोल कर रहे हैं तो मुझे बहुतखुशी है क्योंकि आमिर खान बहुत सीरियस फेलो हैं. वो जिस काम में लगते हैं उसे पूरी ईमानदारी से निभाते हैं. उनके साथ राजकुमार हिरानी जैसेडायरेक्टर भी हैं, जिन्होंने पहले भी बेहतरीन काम किया है. तो मुझे पूरा भरोसा है कि ये टीम फाल्के जी की कहानी को सम्मान के साथ दिखाएगी. फाल्के जी की लाइफ में उनकी पत्नी का बहुत बड़ा योगदान रहा है इस बारे में मैंने भी रिक्वेस्ट की थी कि फिल्म में उनका किरदार भी सही तरीके सेदिखाया जाए। जहां तक एक्ट्रेस की बात आती है तो इसके लिए मेरी पहली पसंद विद्या बालन हैं. उनकी पर्सनैलिटी और एक्सप्रेशन्स इस रोल केसाथ न्याय कर सकते हैं. लेकिन ये फैसला फिल्म की टीम का होगा, मैं सिर्फ अपनी राय दे सकता हूं.
राजकुमार हिरानी की टीम ने भरोसा हासिल करने के लिए की मेहनत
मराठी भाषा में फाल्के जी पर जो फिल्म बनी थी, उसमें सिर्फ उनकी जिंदगी के शुरुआती दौर का स्ट्रगल दिखाया गया है. अब यह बायोपिक उनकीफुल लाइफ कवर करेगी – कैसे वो बनारस गए, किन मुश्किलों का सामना किया, फैमिली का क्या रोल था, सब कुछ डिटेल में दिखाया जाएगा. मैंनेभी भरद्वाज और उनकी टीम से यही कहा था कि फाल्के जी की नेशनल और इंटरनेशनल लेवल पर अचीवमेंट्स को सही तरीके से दिखाना जरूरी है. येप्रोजेक्ट करीब तीन-चार साल से उनकी प्लानिंग में था. हिंदुकुश भरद्वाज और उनकी टीम ने मुझसे हर स्टेज पर बात की, जगह-जगह लेकर गए, स्पॉट्सदिखाए। उनका ये एफर्ट बहुत जरूरी था, क्योंकि आजकल लोग फैमिली से पूछना जरूरी नहीं समझते. लेकिन उन्होंने फैमिली को इनवॉल्व रखा, येअच्छी बात है. मैंने देखा है कि आमिर खान और राजकुमार हिरानी की टीम ने मेरे परिवार से भरोसा हासिल करने के लिए मेहनत की है. वो लगातारकंसल्ट करते रहे हैं इसलिए मैं कह सकता हूं कि ये प्रोजेक्ट सेफ हाथों में है.