
दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने दी एकता की नई दिशा
दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने आज एक अनोखा और प्रेरणादायक अभियान जल संगम से जन संगम एकता के उत्सव की शुरुआत की। यहअभियान भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर शुरू किया गया है। इस मौके पर श्री सूद ने कहा कि यहकेवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक भारत, श्रेष्ठ भारत के सपने को साकार करने की दिशा में बड़ा कदम है।
सोनिया विहार घाट से शुरू हुई एकता की यात्रा
यह शुभारंभ समारोह सोनिया विहार यमुना घाट पर आयोजित हुआ, जहां दिल्ली के सरकारी विद्यालयों के सैकड़ों छात्र और शिक्षक शामिल हुए।कार्यक्रम में 150 स्वयंसेवकों ने भाग लिया और पवित्र यमुना जल एकत्र किया। यह जल पूरे देश की 25 प्रमुख नदियों तक भेजा जाएगा कश्मीर सेलेकर कन्याकुमारी तक ताकि भारत की सांस्कृतिक और भावनात्मक एकता का संदेश देशभर में पहुंचे।
देश की 25 नदियों तक पहुंचेगा यमुना का पवित्र जल
सूद ने बताया कि इस अभियान के तहत दिल्ली की यमुना नदी का जल देश की 25 नदियों में प्रवाहित किया जाएगा। इसके बाद, उन नदियों सेलाया गया पवित्र जल 31 अक्तूबर 2025 को वापस दिल्ली लाया जाएगा, जहां पटेल चौक स्थित सरदार पटेल जी की प्रतिमा पर जल अभिषेकसमारोह आयोजित होगा। यह दिन इस “Sardar @150” अभियान का समापन दिवस होगा, जो राष्ट्रीय एकता का एक यादगार क्षण बनेगा।
सरदार पटेल से मोदी तक एकता की विरासत
अपने संबोधन में शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि जब भारत आज़ाद हुआ था, तब सरदार पटेल ने 562 रियासतों को एक भारत में जोड़ा था।उन्होंने कहा, जिस तरह सरदार पटेल ने भारत की अखंडता का सपना साकार किया, उसी तरह आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और गृहमंत्री अमित शाहजी ने अनुच्छेद 370 हटाकर भारत के दिल और भूगोल को एक किया है। उन्होंने यह भी कहा कि यह अभियान उसी राजनीतिक इच्छाशक्ति औरराष्ट्रभक्ति का प्रतीक है, जिसने भारत को मजबूत और एकजुट बनाया है।
Sardar @150 बनेगा एक भारत, श्रेष्ठ भारत का प्रतीक
आशीष सूद ने बताया कि यह पूरा अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन से प्रेरित है। उन्होंने कहा, सरदार पटेल ने जिस एक भारत, श्रेष्ठभारत’ का सपना देखा था, वही अब प्रधानमंत्री मोदी जी के ‘विकसित भारत @2047’ के रूप में साकार हो रहा है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया किहाल ही में प्रधानमंत्री ने दिल्ली को ‘Mini India’ कहा था और आज का यह कार्यक्रम उस विविधता और एकता का जीवंत उदाहरण है।
विद्यार्थी बनेंगे सांस्कृतिक एकता के दूत
शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस अभियान का सबसे महत्वपूर्ण भाग यह है कि इसमें दिल्ली के विद्यार्थियों को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा, हमचाहते हैं कि हर बच्चा कहे मैं केवल पढ़ने नहीं आया हूँ, मैं देश बनाने आया हूँ। उन्होंने कहा कि दिल्ली के विद्यालय अब केवल शिक्षा के केंद्र नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की प्रयोगशालाएं बन चुके हैं। इन बच्चों के माध्यम से एकता, संस्कृति और देशभक्ति का संदेश देश के हर कोने तक पहुंचेगा।
यमुना घाट पर हुई माँ यमुना आरती और संकल्प
कार्यक्रम के अंत में आशीष सूद, अधिकारियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने माँ यमुना की आरती की। सभी ने मिलकर नदी की शुद्धि, पर्यावरण संरक्षणऔर राष्ट्रीय एकता के संकल्प लिए। घाट पर एकता का जल एक भारत का संदेश गूंज उठा।