
शिक्षकों को निर्देश दिया कि कोई भी शिक्षक ऐसा कार्य न करें, जिससे गुरु की गरिमा व महिमा को ठेस पहुंचे। निर्देशित किया कि शिक्षक समय से कक्षाओं में जाएं। विद्यार्थियों की नियमित व समयबद्ध उपस्थिति भी सुनिश्चित करें। राज्यपाल बुधवार को जनभवन में जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय, बलिया से संबद्ध राजकीय व वित्तपोषित महाविद्यालयों की समीक्षा कर रहीं थीं। उन्होंने महिला महाविद्यालयों के छात्रावासों की स्थिति सुधारने और छात्राओं के संरक्षण व सकारात्मक मार्गदर्शन पर विशेष बल दिया। कहा कि छात्राओं को सही दिशा दी जाए। ताकि, वे असामाजिक तत्वों के प्रभाव से दूर रहकर सुरक्षित व सम्मानजनक जीवन जी सकें।
महाविद्यालयों के प्रधानाचार्य आदि उपस्थित
उन्होंने सभी विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में ऐसी समिति गठन के निर्देश दिए, जहां छात्राएं व छात्र अपनी समस्याएं खुलकर रख सकें। उनका त्वरित समाधान किया जा सके। उन्होंने छात्राओं को रोजगारपरक व आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से विभिन्न वोकेशनल कोर्स शुरू करने पर बल दिया। छात्राओं के लिए विशेष रूप से ब्यूटीशियन, मेहंदी, जीएसटी, अकाउंटेंसी तथा मिलेट आधारित व्यंजन निर्माण जैसे पाठ्यक्रम शुरू करने के निर्देश दिए, ताकि छात्राएं स्वरोजगार एवं रोजगार प्राप्त करने में सक्षम बन सकें। समीक्षा में महाविद्यालयों में पाई गई कमियों पर चिंता व्यक्त करते हुए शासन, विभागीय अधिकारियों व कुलपति को निर्देश दिया कि सभी महाविद्यालयों का नियमित निरीक्षण किया जाए तथा कमियों को तत्काल दूर किया जाए। कृषि विषय संचालित करने वाले महाविद्यालयों को निर्देश दिया कि ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा दे। बैठक में विशेष कार्याधिकारी राज्यपाल डॉ. सुधीर महादेव बोबडे, विशेष कार्याधिकारी (शिक्षा) डॉ. पंकज एल जानी, कुलपति प्रो. संजीत कुमार गुप्ता व महाविद्यालयों के प्रधानाचार्य आदि उपस्थित थे।