केंद्रीय मंत्रिमंडल ने उत्तर प्रदेश के जेवर में एक ₹3,706 करोड़ के सेमीकंडक्टर प्लांट को मंजूरी दे दी है. यह प्लांट एचसीएल और फॉक्सकॉन कीसाझेदारी में लगाया जाएगा और इसमें मोबाइल, लैपटॉप और गाड़ियों के लिए डिस्प्ले ड्राइवर चिप्स बनाए जाएंगे. मामले में सूचना एवं प्रसारण मंत्रीअश्विनी वैष्णव ने बताया कि यह देश का छठा सेमीकंडक्टर प्लांट होगा और इसकी उत्पादन क्षमता 20,000 वेफर्स प्रति माह होगी, जिससे हर महीने3.6 करोड़ चिप्स तैयार की जाएंगी. केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने उत्तर प्रदेश के जेवर में भारत की छठी सेमीकंडक्टर इकाई कोमंजूरी दे दी है. उन्होंने बताया कि भारत सेमीकंडक्टर मिशन के तहत अब तक 5 सेमीकंडक्टर इकाइयों को मंजूरी दी गई है और वहां तेजी से निर्माणकार्य चल रहा है. एक इकाई में इसी साल उत्पादन शुरू हो जाएगा यह इकाई एचसीएल और फॉक्सकॉन का संयुक्त उपक्रम है. केंद्र सरकार की ओरसे जारी बयान में कहा गया है कि पांच सेमीकंडक्टर इकाइयां पहले से ही निर्माण के उन्नत चरणों में हैं.
सेमीकंडक्टर उघोग को विकसित करने की यात्रा में आगे बढ़ रहा है भारत
दरअसल इस छठी इकाई को मंजूरी मिलने के बाद भारत रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सेमीकंडक्टर उद्योग को विकसित करने की अपनी यात्रा में आगेबढ़ गया है. आज स्वीकृत इकाई एचसीएल और फॉक्सकॉन का संयुक्त उद्यम है. इसके साथ ही विज्ञप्ति नें कहा गया है, एचसीएल का हार्डवेयरविकसित करने और निर्माण करने का लंबा इतिहास रहा है. फॉक्सकॉन इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण में एक वैश्विक प्रमुख कंपनी है वे मिलकर यमुनाएक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण में जेवर हवाई अड्डे के पास एक संयंत्र स्थापित करेंगे. यह संयंत्र मोबाइल फोन, लैपटॉप, ऑटोमोबाइल, पीसी और डिस्प्ले वाले अन्य उपकरणों के लिए डिस्प्ले ड्राइवर चिप्स का निर्माण करेगा. संयंत्र को प्रति माह 20,000 वेफर्स के लिए डिजाइन कियागया है. इस इकाई की उत्पादन क्षमता प्रति माह 36 मिलियन यूनिट है. इससे पहले मंगलवार को जापानी कंपनी रेनेसास ने भारत में सेमीकंडक्टर चिपबनाने के दो केंद्रों की शुरुआत की. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को नोएडा और बंगलूरू में जापानी कंपनी रेनेसास के नए सेमीकंडक्टरडिजाइन केंद्रों का उद्घाटन किया था सबसे अहम बात यह है कि, यह कंपनी भारत में दुनिया की सबसे छोटी 3 नैनोमीटर की चिप बनाएगी.