UP News: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में अब बुंदेली भीमा सुपर प्याज की खेती से किसानों की तकदीर बदलेगी पहली बार महाराष्ट्र की प्याज कीखेती से छोड़ भीमा सुपर प्याज की खेती पर किसानों ने दांव लगाया है. कम लागत में तगड़ा मुनाफा देने वाली प्याज की खेती को बढ़ावा देने के लिएडिपार्टमेंट भी आगे आया है. यहां साढ़े सात सौ हेक्टेयर में इसकी खेती किसानों ने शुरू की है.बुंदेलखंड क्षेत्र में लाखों किसान परम्परागत खेती में हरसाल बड़ा नुकसान उठाने के बाद अब प्याज की खेती की तरफ कदम तेजी से बढ़ाए है. अभी तक नासिक की लाल प्याज की खेती को किसान प्राथमिकता देते थे लेकिन अबकी बार भीमा सुपर बुंदेली प्याज की खेती पर किसानों ने दांव लगाया है. हमीरपुर जिले के राठ क्षेत्र के गोहानी गांव में राजेन्द्र सिंह पिछले कई सालों से दस बीघे में प्याज की खेती कर रहे है लेकिन इन्होंने पहली बार भीमा सुपर बुंदेली प्याज की खेती शुरू कीहै.प्याज की खेती पर मोटी कमाई होने से गोहानी और आसपास के इलाकों में तमाम किसानों ने भी भीमा सुपर प्याज की खेती पर दांव लगाया है. राजेन्द्र सिंह समेत अन्य कई किसानों ने बताया कि एक बीघे में प्याज की खेती से हर सीजन में सत्तर हजार से अधिक रुपये की आमदनी होतीहै.जबकि एक बीघे में प्याज की खेती करने पर दस हजार रुपये के करीब लागत आती है.
प्याज की है बंपर पैदावार
बताया कि भीमा सुपर बुंदेली प्याज नई किस्म की है जिसकी बंपर पैदावार भी होती है। जो नासिक की प्याज से अच्छी है.जिला उद्यान अधिकारीआशीष कटियार ने बताया कि हमीरपुर जिले में साढ़े सात सौ हेक्टेयर एरिया में प्याज की खेती कराई जा रही है. इसके लिए किसानों को मुफ्त बीजभी मुहैया कराए गए थे. बताया कि राठ क्षेत्र में प्याज की खेती बड़ी संख्या में किसान कर रहे है. एक हेक्टेयर में प्याज की खेती से किसानों को दोलाख रुपये तक आमदनी होती है. बताया कि इसकी खेती 125 दिन में तैयार होती है। वहीं साल में 2 बार प्याज का उत्पादन किसान कर रहे है.भीमासुपर बुंदेली प्याज की खेती अब किसानों की पहली पसंद बन गई है. जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि भीमा सुपर बुंदेली प्याज हमीरपुर जिले केराष्ट्रीय बागवानी अनुसंधान एवं विकास फाउंडेशन ने तैयार की है. ये नई किस्म की प्याज है जो लाल रंग की है. डीएम घनश्याम मीना ने बताया किइस साल साढ़े सात सौ हेक्टेयर में इसकी खेती कराई जा रही है. जल्द ही एफपीओ के जरिए प्याज की मार्केटिंग कराई जाएगी जिससे किसानों कोलाभ मिल सके.