
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने रविवार को विश्वास जताया कि राज्य की जनता विकास कार्यों और जनसेवा के दम पर आगामी स्थानीयनिकाय चुनावों में महायुति सरकार का साथ देगी। पंढरपुर में प्रसिद्ध विठ्ठल मंदिर में कार्तिकी एकादशी पूजा करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में शिंदेने कहा कि जनता काम को महत्व देती है, और हमारा एजेंडा साफ है- हमारा एजेंडा है विकास। उन्होंने कहा कि महायुति सरकार ने किसानों के साथ हरमुश्किल वक्त में खड़े रहकर राहत पहुंचाई है। बीते कुछ महीनों में भारी बारिश से किसानों को हुए नुकसान के बाद सरकार ने 32 हजार करोड़ रुपयेका राहत पैकेज घोषित किया था, जिसका वितरण दीवाली से पहले कर दिया गया। शिंदे ने बताया कि कर्जमाफी पर फैसला 30 जून 2026 तकलिया जाएगा। इसके लिए बनाई गई समिति अप्रैल के पहले सप्ताह में अपनी सिफारिशें सौंपेगी।
31 जनवरी 2026 तक कराए जाएं
उन्होंने कहा हमारे कार्य और विकास की नीति के कारण ही जनता ने विधानसभा चुनावों में हमें भारी समर्थन दिया। आगामी स्थानीय निकाय चुनावों मेंभी जनता हमारे काम के आधार पर हमारा साथ देगी। उधर, विपक्षी महा विकास आघाड़ी (एमवीए) ने मुंबई में शनिवार को मतदाता सूची मेंगड़बड़ियों के खिलाफ चुनाव आयोग कार्यालय तक विरोध मार्च निकाला था। एमवीए नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में कई गड़बड़ियांकी गई हैं जैसे गलत नामों का हटाया जाना, दोहरी प्रविष्टियां और अनियमित जोड़ जो सत्ताधारी दलों को फायदा पहुंचा रही हैं। विपक्ष ने मांग की हैकि इन खामियों को दूर किए बिना स्थानीय निकाय चुनाव नहीं कराए जाने चाहिए। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग को निर्देशदिया है कि राज्य में स्थानीय निकाय चुनाव 31 जनवरी 2026 तक कराए जाएं।