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नई दिल्ली।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई अब फिल्म और वीडियो बनाने के काम को और आसान बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी कड़ी में वर्से इनोवेशन ने फिल्म एक्सपो 2026 मेंg अपना पहला वैश्विक एआई कंटेंट प्लेटफॉर्म ‘स्पार्कस्टेशन’ लॉन्च किया है। कंपनी का कहना है कि यह प्लेटफॉर्म फिल्म और अन्य तरह के कंटेंट के निर्माण से जुड़े कई अलग-अलग कामों को एक ही जगह पर करने की सुविधा देगा। वर्से इनोवेशन डेलीहंट और जोश की पैरेंट कंपनी है। कंपनी के मुताबिक, स्पार्कस्टेशन का उद्देश्य कंटेंट बनाने की प्रक्रिया को आसान, तेज और कम खर्च वाला बनाना है। इसके जरिए किसी कहानी के शुरुआती विचार से लेकर तैयार फिल्म या वीडियो की अंतिम डिलीवरी तक कई काम एक ही प्लेटफॉर्म पर किए जा सकेंगे।

आइडिया से तैयार फिल्म तक का काम एक जगह
स्पार्कस्टेशन को कंपनी ने नई पीढ़ी के एआई कंटेंट ऑपरेटिंग सिस्टम के रूप में विकसित किया है। इसका मतलब है कि फिल्म या वीडियो बनाने के अलग-अलग चरणों के लिए अलग-अलग जगह और कई तरह के टूल इस्तेमाल करने की जरूरत कम हो सकती है। इस प्लेटफॉर्म पर स्क्रिप्ट लिखने, कहानी तैयार करने, स्टोरीबोर्ड बनाने, कलाकारों की कास्टिंग, लोकेशन डिजाइन, एसेट तैयार करने, अलग-अलग एंगल से शूट, संगीत और संवाद तैयार करने, एडिटिंग, कैप्शन लगाने और कंटेंट को लोगों तक पहुंचाने जैसे काम किए जा सकेंगे। इससे फिल्ममेकर्स और कंटेंट बनाने वाले लोगों को पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

60 सेकंड की फिल्म की लागत में 90 प्रतिशत तक कमी का दावा
वर्से इनोवेशन का दावा है कि स्पार्कस्टेशन की मदद से 60 सेकंड की ब्रांड फिल्म बनाने की लागत में 90 प्रतिशत तक की कमी लाई जा सकती है। कंपनी के अनुसार, जिस फिल्म को बनाने में पहले लगभग 10 लाख से 25 लाख रुपये तक खर्च हो सकते थे, उसकी लागत स्पार्कस्टेशन की मदद से लगभग 50 हजार से 75 हजार रुपये तक आ सकती है। कंपनी का कहना है कि केवल लागत ही नहीं, बल्कि फिल्म बनाने में लगने वाला समय भी काफी कम हो सकता है। जहां पहले प्रोडक्शन में कई सप्ताह लग सकते थे, वहीं स्पार्कस्टेशन के जरिए यह प्रक्रिया लगभग 24 घंटे तक में पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, वास्तविक लागत और समय प्रोजेक्ट की जरूरत, उसकी जटिलता और इस्तेमाल किए जाने वाले संसाधनों पर निर्भर करेगा।

हर काम के लिए उपयुक्त एआई मॉडल चुनने की सुविधा
स्पार्कस्टेशन की एक महत्वपूर्ण खासियत इसका मॉडल-अग्नोस्टिक एआई सिस्टम बताया गया है। आसान भाषा में इसका मतलब है कि प्लेटफॉर्म अलग-अलग रचनात्मक कामों के लिए सबसे उपयुक्त एआई मॉडल चुनने में सक्षम होगा। इससे फिल्म या वीडियो बनाने वाले व्यक्ति को हर काम के लिए अलग-अलग एआई मॉडल खोजने और उन्हें समझने की जरूरत कम हो सकती है। कंपनी का मानना है कि इससे काम की गुणवत्ता और गति दोनों को बेहतर बनाया जा सकता है।

फिल्ममेकर्स और प्रोडक्शन हाउस के लिए उपयोगी
स्पार्कस्टेशन को खास तौर पर तीन प्रमुख वर्गों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इनमें फिल्ममेकर्स और प्रोडक्शन हाउस, ब्रांड्स और एजेंसियां तथा डिजिटल क्रिएटर्स शामिल हैं। फिल्ममेकर्स और प्रोडक्शन हाउस के लिए प्लेटफॉर्म पर स्टोरी बिल्डिंग, स्क्रिप्ट एनालिसिस, कास्टिंग और एडिटिंग जैसे फीचर उपलब्ध होंगे। इसके अलावा, स्पार्कस्टेशन को प्रीमियर प्रो, फाइनल कट प्रो और डेविंसी रिजॉल्व जैसे फिल्म और वीडियो एडिटिंग से जुड़े उद्योग में इस्तेमाल होने वाले टूल्स के साथ जोड़ने की सुविधा भी दी गई है।

ब्रांड्स और एजेंसियों को भी मिलेगा फायदा
आज कंपनियां अपने उत्पादों और सेवाओं के प्रचार के लिए बड़ी संख्या में वीडियो और विज्ञापन तैयार करती हैं। ऐसे में ब्रांड्स और विज्ञापन एजेंसियों के लिए कम समय में ज्यादा क्रिएटिव कंटेंट तैयार करना महत्वपूर्ण है। कंपनी के अनुसार, स्पार्कस्टेशन की मदद से ब्रांड्स और एजेंसियां कम समय में बड़े स्तर पर क्रिएटिव कैंपेन तैयार कर सकेंगी। इससे छोटे और बड़े दोनों तरह के ब्रांड्स के लिए वीडियो कंटेंट तैयार करने की प्रक्रिया आसान हो सकती है।

डिजिटल क्रिएटर्स के लिए भी खास सुविधा
स्पार्कस्टेशन को डिजिटल क्रिएटर्स को ध्यान में रखकर भी बनाया गया है। आज सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लगातार नए वीडियो और अन्य तरह का कंटेंट बनाने की जरूरत होती है। कंपनी के मुताबिक, डिजिटल क्रिएटर्स को स्पार्कस्टेशन के जरिए स्टूडियो स्तर का आउटपुट प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी। इसके लिए क्रेडिट आधारित मॉडल का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे ऐसे क्रिएटर्स को भी मदद मिल सकती है जिनके पास बड़े प्रोडक्शन सेटअप या महंगे संसाधन उपलब्ध नहीं हैं।

चेहरे और भावों की निरंतरता पर विशेष ध्यान
एआई से वीडियो बनाने में एक बड़ी चुनौती किसी व्यक्ति के चेहरे और उसके भावों को अलग-अलग दृश्यों में एक जैसा बनाए रखना होती है।:स्पार्कस्टेशन की प्रमुख विशेषताओं में चेहरे और एक्सप्रेशन की निरंतरता को भी शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कहानी के अलग-अलग हिस्सों में पात्रों का चेहरा और उनके भाव अधिक स्वाभाविक और एक जैसे दिखाई दें। इसके अलावा, प्लेटफॉर्म में 60 से अधिक भाषाओं के सपोर्ट की सुविधा भी बताई गई है। इससे अलग-अलग भाषाओं में कंटेंट तैयार करने वालों को फायदा मिल सकता है।

पूरी प्रोडक्शन पाइपलाइन एक ही प्लेटफॉर्म पर
स्पार्कस्टेशन की एक और बड़ी खासियत इसकी इंटीग्रेटेड प्रोडक्शन पाइपलाइन है। यानी कंटेंट बनाने के अलग-अलग चरणों को एक ही सिस्टम में जोड़ने की कोशिश की गई है। कहानी का विचार तैयार करने से लेकर स्क्रिप्ट, दृश्य, कलाकार, शूट, संगीत, संवाद, एडिटिंग और अंतिम कंटेंट तैयार करने तक की प्रक्रिया को एक ही जगह पर लाने का प्रयास किया गया है।
कंपनी का कहना है कि इससे प्रोडक्शन टीम के बीच काम को बेहतर तरीके से संभालने में मदद मिल सकती है। उमंग बेदी ने बताया प्लेटफॉर्म का उद्देश्य
स्पार्कस्टेशन के लॉन्च के मौके पर वर्से इनोवेशन के को-फाउंडर और सीईओ उमंग बेदी ने कहा कि स्पार्कस्टेशन का उद्देश्य केवल कंटेंट बनाने की लागत कम करना नहीं है। उमंग बेदी के अनुसार, यह प्लेटफॉर्म उन कहानियों को सामने लाने में मदद कर सकता है जो पहले ज्यादा लागत और लंबे प्रोडक्शन समय जैसी सीमाओं के कारण बन नहीं पाती थीं।
उन्होंने कहा कि लागत और समय की बाधाओं को कम करके क्रिएटिविटी के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।

छह महीने से हो रहा था परीक्षण
वर्से इनोवेशन के अनुसार, स्पार्कस्टेशन पर पिछले छह महीनों से आंतरिक स्तर पर परीक्षण किया जा रहा था। कंपनी ने बताया कि इस दौरान प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल लाइव प्रोडक्शन में भी किया गया है। इस परीक्षण के बाद अब इसे आम लोगों और कंपनियों के लिए चरणबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने की तैयारी की गई है।

तीन चरणों में होगा लॉन्च
कंपनी के अनुसार, स्पार्कस्टेशन को अलग-अलग चरणों में लॉन्च किया जा रहा है। 29 अगस्त से बीटा एक्सेस शुरू किया गया है। इसके बाद 1 अक्टूबर से सामान्य उपलब्धता शुरू करने की योजना है। वहीं, 1 नवंबर से एंटरप्राइज एपीआई लॉन्च किया जाएगा। इसका मतलब है कि पहले सीमित स्तर पर लोगों को प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करने का मौका मिलेगा और बाद में इसे ज्यादा व्यापक स्तर पर उपलब्ध कराया जाएगा।

अगले 24 महीनों में 30 मिलियन डॉलर से अधिक का निवेश
वर्से इनोवेशन ने स्पार्कस्टेशन के विस्तार के लिए अगले 24 महीनों में 30 मिलियन डॉलर से अधिक के निवेश का लक्ष्य रखा है। कंपनी की योजना इस प्लेटफॉर्म के जरिए 100 से अधिक स्टूडियो, 1,000 ब्रांड्स और हजारों डिजिटल क्रिएटर्स को जोड़ने की है। अगर कंपनी अपने लक्ष्य को हासिल करती है, तो इससे एआई आधारित कंटेंट प्रोडक्शन के क्षेत्र में उसका विस्तार काफी तेजी से हो सकता है।

वैश्विक स्तर पर कंटेंट निर्माण को बदलने की कोशिश
वर्से इनोवेशन पहले से ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग की मदद से स्थानीय भाषाओं के कंटेंट को बढ़ावा देने के क्षेत्र में काम कर रही है। कंपनी भारत में अपने प्लेटफॉर्म के जरिए बड़ी संख्या में यूजर्स तक पहुंच रखती है। अब ‘स्पार्कस्टेशन’ के जरिए कंपनी का ध्यान वैश्विक स्तर पर फिल्म, विज्ञापन और डिजिटल कंटेंट बनाने की प्रक्रिया को बदलने पर है। एआई के बढ़ते इस्तेमाल के बीच स्पार्कस्टेशन जैसे प्लेटफॉर्म फिल्ममेकर्स, ब्रांड्स और डिजिटल क्रिएटर्स के लिए कंटेंट निर्माण को ज्यादा तेज और आसान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। हालांकि, इसकी वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने वाले लोगों को इसकी गुणवत्ता, लागत और सुविधाओं से कितना फायदा मिलता है।

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