असम के राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), सिलचर में कार्यरत सहायक प्रोफेसर डी. कोटेश्वर राजू को एक छात्रा द्वारा यौन उत्पीड़न कीशिकायत के बाद शुक्रवार को कछार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। कछार के पुलिस अधीक्षक नुमाल महत्ता ने उनकी गिरफ्तारी की पुष्टि की।
छात्रा ने लगाया यौन उत्पीड़न का आरोप
छात्रा ने गुरुवार को संस्थान में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें प्रोफेसर राजू पर मानसिक और यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया गया है। शिकायत केअनुसार, प्रोफेसर ने अंकों पर चर्चा के बहाने छात्रा को कक्षा के बाद अपने कक्ष में बुलाया और दरवाजा बंद करने के लिए कहा। इसके बाद उन्होंनेअनुचित तरीके से छात्रा को छुआ।
छात्रा का आरोप – अंक सुधारने के नाम पर उत्पीड़न
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, छात्रा ने एक हाथ से लिखे नोट में बताया कि प्रोफेसर ने अंकों का कारण पूछते हुए अचानक उसे छूना शुरूकर दिया। उन्होंने कहा कि अगर छात्रा उनकी बात मानेगी तो अंक “मैनेज” किए जा सकते हैं। छात्रा ने आरोप लगाया कि प्रोफेसर ने उसकी जांघों, पेट, गर्दन और होठों को छुआ। इसी दौरान एक दोस्त के बुलावे पर छात्रा कमरे से बाहर निकलने में कामयाब रही।
छात्रों का विरोध प्रदर्शन
आरोप सामने आने के बाद एनआईटी के छात्रों ने प्रोफेसर को निलंबित करने और हटाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों ने राजू पर बार-बार अपराध करने का आरोप लगाया और कहा कि यह उनके खिलाफ दूसरी आधिकारिक शिकायत है। छात्रों का कहना था कि वे ऐसे व्यक्ति सेशिक्षा नहीं लेना चाहते।
निलंबन और जांच की प्रक्रिया
विरोध के बाद एनआईटी के रजिस्ट्रार आशिम रॉय ने बयान जारी करते हुए कहा कि प्रोफेसर राजू को शुक्रवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दियागया है। साथ ही मामले की जांच के लिए इसे संस्थान की आंतरिक शिकायत समिति को सौंप दिया गया है। घटना वाले कक्ष को भी सील कर दियागया है।
पहले भी लगे थे यौन उत्पीड़न के आरोप
हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, 2021 में भी प्रोफेसर राजू पर एक छात्रा ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। हालांकि, सबूतों की कमी औरशिकायतकर्ता की अनुपस्थिति के कारण अदालत ने उन्हें दोषमुक्त कर दिया था। उस समय शिकायतकर्ता काम के सिलसिले में बेंगलुरु चली गई थी, जिससे मामले की सुनवाई में रुकावट आ गई।
आंतरिक शिकायत समिति की कार्रवाई
महिलाओं के कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम के तहत एनआईटी की आंतरिक शिकायत समिति ने नईशिकायत की जांच शुरू कर दी है। इस मामले में निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई की मांग जोर पकड़ रही है।