
“संवैधानिक पदों और समितियों पर भाजपा की राजनीति भारी” – प्रवीण राजपूत
नई दिल्ली, 28 मई 2026
दिल्ली नगर निगम की वार्ड कमेटियों और स्थायी समिति के चुनाव लगातार टाले जाने को लेकर आम आदमी पार्टी ने भाजपा पर जोरदार हमला बोला है। पार्टी के पार्षद प्रवीण राजपूत ने कहा कि भाजपा संवैधानिक संस्थाओं और समितियों को भी राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के अंदरूनी विवाद और सत्ता की राजनीति के कारण चुनाव प्रक्रिया को बार-बार रोका जा रहा है, जिससे निगम का कामकाज पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। आम आदमी पार्टी नेताओं ने कहा कि दिल्ली की जनता विकास कार्यों की उम्मीद कर रही थी, लेकिन भाजपा सरकार केवल पदों की राजनीति और आपसी खींचतान में उलझी हुई है।
“दो बार तारीख तय हुई, फिर बिना कारण चुनाव टाल दिए गए”
पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में प्रवीण राजपूत ने कहा कि एमसीडी वार्ड कमेटियों और स्थायी समिति के चुनाव दो बार तय किए गए। सभी जोनों में फाइलों पर हस्ताक्षर हुए, नोटिफिकेशन जारी किए गए, लेकिन बाद में बिना कोई स्पष्ट कारण बताए चुनाव स्थगित कर दिए गए। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर ऐसा क्या था कि वीरेंद्र सचदेवा की विदाई के बाद ही चुनाव करवाने की तैयारी की गई। उन्होंने कहा कि इससे साफ जाहिर होता है कि भाजपा में अंदरूनी राजनीति और पदों की खींचतान हावी है। प्रवीण राजपूत ने कहा, “आज दिल्ली भाजपा के नए अध्यक्ष की नियुक्ति से एक बात साफ हो गई है कि भाजपा के लिए संवैधानिक पदों से ज्यादा अपनी राजनीति महत्वपूर्ण है। सवाल यह है कि आखिर भाजपा में चल क्या रहा है?”
“भाजपा को अपने पार्षदों की नाराजगी का डर” – अंकुश नारंग
एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने भी भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार वार्ड कमेटी चुनाव कराने से लगातार बच रही है क्योंकि उसे अपने ही पार्षदों की नाराजगी का डर सता रहा है। उन्होंने कहा कि कमेटी चुनाव तीसरी बार टाले गए हैं और यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ खिलवाड़ है। अंकुश नारंग ने आरोप लगाया कि निगम सचिव ने नियमों का पालन किए बिना चुनाव स्थगित करने का फैसला लिया। उन्होंने कहा कि दिल्ली नगर निगम अधिनियम की धारा 53(2) के अनुसार चेयरमैन की मंजूरी के बिना चुनाव की तारीख न तय की जा सकती है और न ही टाली जा सकती है। इसके बावजूद चुनाव टाल दिए गए। उन्होंने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी के भीतर चेयरमैनी को लेकर संघर्ष, खरीद-फरोख्त और अंदरूनी लड़ाई चरम पर है। भाजपा को डर है कि उसके अपने पार्षद ही कई जोन उसके हाथ से निकाल सकते हैं।
“दिल्ली नगर निगम को भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया” – प्रवीण राजपूत
एमसीडी की स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य प्रवीण कुमार राजपूत ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि दिल्ली में इस समय “चार इंजन की सरकार” चल रही है। केंद्र सरकार, उपराज्यपाल, मुख्यमंत्री और एमसीडी — सभी जगह भाजपा की सत्ता है, लेकिन इसके बावजूद जनता परेशान है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने दिल्ली नगर निगम को भ्रष्टाचार और अव्यवस्था का केंद्र बना दिया है। जनता को उम्मीद थी कि भाजपा सरकार विकास कार्य करेगी, लेकिन स्थिति इसके उलट दिखाई दे रही है।
दिल्ली की समस्याओं को लेकर भाजपा सरकार पर हमला
प्रवीण राजपूत ने कहा कि दिल्ली में आज हर तरफ समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एक स्कूल में मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म जैसी गंभीर घटना हुई, लेकिन सरकार पूरी तरह चुप रही। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार के एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई, लेकिन सरकार ने उस पर भी कोई गंभीर प्रतिक्रिया नहीं दी। इसके अलावा राजधानी में पानी की भारी किल्लत और जगह-जगह कूड़े के ढेर भाजपा सरकार की विफलता को दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता रोजमर्रा की समस्याओं से जूझ रही है, लेकिन भाजपा नेताओं का पूरा ध्यान केवल पदों की राजनीति पर है।
“अरविंद केजरीवाल जनता के लिए लड़ते थे”
प्रवीण राजपूत ने कहा कि पहले जब आम आदमी पार्टी की सरकार थी, तब पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल दिल्ली की भलाई के लिए केंद्र और एलजी से संघर्ष करते थे। लेकिन अब भाजपा नेता जनता के लिए नहीं बल्कि अपने निजी फायदे और पदों के लिए आपस में लड़ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी आपसी खींचतान के कारण पिछले दो महीनों से वार्ड कमेटियों के चेयरमैन के चुनाव बिना किसी कारण टाले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 27 मई को निगम सचिव ने तीसरी बार चुनाव स्थगित करने का नोटिफिकेशन जारी किया और अगले ही दिन भाजपा ने नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त कर दिया। इससे भाजपा की अंदरूनी राजनीति साफ दिखाई देती है।
“पांच महीने से निगम का कामकाज प्रभावित”
प्रवीण राजपूत ने कहा कि चेयरमैन के चुनाव न होने के कारण पिछले कई महीनों से दिल्ली नगर निगम का कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि 31 मार्च के बाद से चुनाव प्रक्रिया के चलते नई बैठकें नहीं हो पा रही हैं और न ही कोई नया एजेंडा पास हो पा रहा है। स्टैंडिंग कमेटी की फरवरी और मार्च में हुई बैठकों में भी कोई महत्वपूर्ण एजेंडा पारित नहीं हो सका। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की अंदरूनी लड़ाई के कारण फरवरी, मार्च, अप्रैल और मई के महीने पूरी तरह बर्बाद हो गए और अब जून में भी कोई काम होने की उम्मीद नहीं दिख रही।
“डीएमसी एक्ट के नियमों की अनदेखी”
प्रवीण राजपूत ने दावा किया कि डीएमसी एक्ट की धारा 53(2) के अनुसार चुनाव की तारीख तय करने या उसे स्थगित करने के लिए मौजूदा चेयरमैन की मंजूरी और हस्ताक्षर जरूरी होते हैं। लेकिन निगम सचिव ने बिना हस्ताक्षर के ही नोटिफिकेशन जारी कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना स्टैंडिंग कमेटी की मंजूरी के एजेंडे पास किए जा रहे हैं, जो नियमों के खिलाफ है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार के समय कूड़ा उठाने वाली कंपनियों के लिए जो टेंडर प्रक्रिया शुरू हुई थी, भाजपा सरकार डेढ़ साल बाद भी उन कंपनियों को वर्क ऑर्डर जारी नहीं कर पाई है।
भाजपा से चुनाव जल्द कराने की मांग
आम आदमी पार्टी नेताओं ने मांग की कि भाजपा स्पष्ट करे कि आखिर वार्ड कमेटियों और चेयरमैन के चुनाव बार-बार क्यों टाले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता का नुकसान रोकने के लिए तत्काल प्रभाव से चुनाव करवाए जाने चाहिए ताकि नगर निगम का कामकाज सामान्य रूप से चल सके और जनता के मुद्दों पर फैसले लिए जा सकें। पार्टी ने आरोप लगाया कि भाजपा की अंदरूनी राजनीति और सत्ता संघर्ष की वजह से दिल्ली की जनता को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।