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हाल ही में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में डॉ. अजय कुमार और ओडिशा के वरिष्ठ नेता तथा सांसद, सप्तगिरी उलाका ने ओडिशा में आदिवासीसमुदायों के साथ हो रहे अत्याचारों और सरकारी लापरवाही को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों को संबोधित करते हुए, नेताओं ने राज्य में आदिवासी और अन्य गरीब वर्गों पर हो रहे अत्याचारों का विस्तार से उल्लेख किया और वर्तमान सरकार की नीतियों को लेकर तीखेसवाल उठाए।

आदिवासी अधिकारों और सरकारी नीतियों पर गंभीर सवाल
डॉ. अजय कुमार ने शुरुआत में ओडिशा के वर्तमान राजनीतिक हालात पर प्रकाश डाला और सरकार द्वारा की जा रही नीतिगत चूक को उजागर किया।उनका कहना था कि पिछले सात महीनों में राज्य में ‘जंगल राज’ जैसा माहौल बन गया है, जिसमें आदिवासी महिलाएं और गरीब वर्गों को निशानाबनाया जा रहा है। उन्होंने आदिवासी मुख्यमंत्री के खिलाफ उनके बयान को लेकर भी कड़ी आलोचना की, जिसमें आदिवासी महिलाओं को लेकरअपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया था।

आदिवासी महिलाओं के प्रति नफरतपूर्ण टिप्पणियां
डॉ. कुमार ने आदिवासी मुख्यमंत्री, मोहन चरण माझी, के एक वीडियो का जिक्र करते हुए कहा कि उनके द्वारा आदिवासी महिलाओं के लिए की गईटिप्पणियां केवल आरएसएस की विचारधारा का परिणाम हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी और आरएसएस आदिवासी समुदाय को निचा दिखानेऔर उनके अधिकारों को खत्म करने का काम कर रहे हैं।

बालासोर में क्रिसमस के दौरान अत्याचार
सप्तगिरी उलाका ने बालासोर में हुई एक घिनौनी घटना का जिक्र किया, जहां क्रिसमस मनाने जा रही दो आदिवासी महिलाओं को बीजेपी केसमर्थकों ने पेड़ से बांधकर अपमानित किया। उन्होंने कहा कि यह घटनाएं केवल ओडिशा में नहीं बल्कि देशभर में हो रही हैं और इनका कारण बीजेपीका कट्टरपंथी एजेंडा है।

आदिवासी समुदाय के खिलाफ षड्यंत्र
उलाका ने यह भी बताया कि सरकार का आदिवासी विरोधी रवैया लगातार बढ़ता जा रहा है, विशेष रूप से खनिज संपदाओं से जुड़े मुद्दों पर। उनकाकहना था कि आदिवासी समुदाय को ‘वनवासी’ घोषित करने की कोशिश की जा रही है ताकि उनके प्राकृतिक संसाधनों का शोषण किया जा सके।उन्होंने आदिवासी जमीनों और संसाधनों के निजीकरण की साजिश का भी खुलासा किया।

कांग्रेस पार्टी की प्रतिबद्धता
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में, डॉ. अजय कुमार और सप्तगिरी उलाका ने यह स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी आदिवासी समुदाय के अधिकारों की रक्षा के लिएहमेशा तत्पर रहेगी। उन्होंने पार्टी की ओर से आदिवासी मुद्दों पर आवाज उठाने की बात की और भाजपा सरकार के खिलाफ संघर्ष जारी रखने कीप्रतिज्ञा ली।

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उठाए गए मुद्दों ने न केवल ओडिशा की वर्तमान राजनीतिक स्थिति को उजागर किया, बल्कि आदिवासी समुदाय केखिलाफ हो रहे अत्याचारों पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं।


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