ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर स्थित कलिंग औद्योगिक प्रौद्योगिकी संस्थान (KIIT) में एक नेपाली छात्रा की आत्महत्या के बाद बड़ा विवाद खड़ा होगया। इस घटना पर नेपाल सरकार ने भारत से जवाब मांगा, और ओडिशा पुलिस ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया।
घटना का पूरा विवरण
14 फरवरी 2025 को, KIIT विश्वविद्यालय में कंप्यूटर साइंस की तीसरे वर्ष की छात्रा प्रकृति (बदला हुआ नाम) अपने हॉस्टल के कमरे में मृत पाईगई। शुरुआती जांच में पता चला कि यह आत्महत्या का मामला था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना उसके प्रेमी और सहपाठी अदविक श्रीवास्तव केसाथ हुए विवाद के बाद हुई। अदविक, जो मैकेनिकल इंजीनियरिंग का छात्र है, को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
छात्रों का विरोध प्रदर्शन
घटना के बाद विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले नेपाली छात्रों ने न्याय की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। उनका आरोप था कि विश्वविद्यालय प्रशासनने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। प्रदर्शनकारियों ने परिसर में रैलियां निकालीं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
नेपाल सरकार की प्रतिक्रिया
इस मामले पर नेपाल सरकार ने तुरंत संज्ञान लिया। नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने नई दिल्ली स्थित नेपाली दूतावास को निर्देश दिया कि वेओडिशा में नेपाली छात्रों की मदद के लिए अधिकारियों को भेजें। नेपाल सरकार ने यह भी कहा कि वह इस घटना की निष्पक्ष जांच की मांग करेगी।
भारतीय दूतावास का बयान
काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने भी इस घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की। दूतावास ने एक बयान जारी कर कहा कि वह ओडिशा सरकार औरविश्वविद्यालय प्रशासन के संपर्क में है ताकि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में पढ़ने वाले नेपाली छात्रों कीसुरक्षा उनकी प्राथमिकता है।
ओडिशा सरकार का हस्तक्षेप
विवाद बढ़ने पर, ओडिशा के उच्च शिक्षा मंत्री सूर्यवंशी सूरज ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से बात की और छात्रों को सुरक्षा काभरोसा दिलाया। इसके अलावा, उन्होंने नेपाली छात्रों से अपनी पढ़ाई जारी रखने की अपील की।
विश्वविद्यालय प्रशासन की प्रतिक्रिया
KIIT विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने कहा कि वे छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव कदम उठा रहे हैं। उन्होंने बताया कि आरोपी छात्रको हिरासत में लिया जा चुका है और मामले की जांच चल रही है।