योग को विश्व के लिये भारत का उपहार बताते हुए खेलमंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि दुनिया में जिस तरह से योग का प्रचार हो रहा है. उम्मीद हैकि जल्दी ही योगासन को ओलंपिक खेल के रूप में देखेंगे दूसरी एशियाई योगासन चैम्पियनशिप के उद्घाटन के मौके पर मांडविया ने कहा, ‘योग विश्वके लिये भारत का बहुत बड़ा उपहार है. हम भाग्यशाली है कि हमें विरासत में योग मिला और योग से ही ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ निकला जो हमारा संस्कारहै. उन्होंने विश्व योगासन के अध्यक्ष स्वामी रामदेव से दुनिया के विभिन्न देशों में योग महासंघ के गठन का अनुरोध करते हुए उन्होंने कहा कि इससेयोगासन को ओलंपिक खेल का दर्जा मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा. उन्होंने कहा दुनिया में आज जिस तरह से योग प्रचारित हो रहा है. मैं स्वामी रामदेवसे अनुरोध करूंगा कि अगर दुनिया भर में अपने अपने देश में योग महासंघ का गठन हो जायेगा तो हम जल्दी ही योगासन को ओलंपिक खेल के रूप मेंदेखेंगे.मांडविया ने कहा ओलंपिक में योगासन में पदक चाहे कोई भी जीते लेकिन श्रेय भारत का रहेगा.
भारत सरकार ने दिसंबर 2020 में दी थी मान्यता
भारत सरकार ने दिसंबर 2020 में योगासन को प्रतिस्पर्धी खेल के रूप में मान्यता दी थी. उत्तराखंड में इस साल की शुरूआत में हुए 38वें राष्ट्रीय खेलोंमें इसे पदक खेल के रूप में शामिल किया गया जबकि पहले यह नुमाइशी खेल ही था. एशियाई योगासन चैम्पियनशिप को इस दिशा में मजबूतकदम माना जा रहा है. योगासन भारत द्वारा खेल मंत्रालय और भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) के सहयोग 25 से 27 अप्रैल तक इंदिरा गांधी इंडोरस्टेडियम में दूसरी एशियाई योगासन खेल चैंपियनशिप का आयोजन किया जा रहा है. इस प्रतियोगिता में 17 एशियाई देशों के कुल 170 खिलाड़ीहिस्सा ले रहे हैं. यह चैंपियनशिप चार आयु वर्ग 10 से 18, 18 से 28, 28 से 35 और 35 से 45 वर्ष में आयोजित की जा रही है। चैंपियनशिप कापहला सत्र 2022 में थाईलैंड के बैंकॉक में आयोजित किया गया था. खेलमंत्री मांडविया ने कहा वर्तमान समय में हम जिस विज्ञान, स्वास्थ्य काइस्तेमाल कर रहे हैं.
एशिया भर के खिलाड़ी ले रहे है चैम्पियनशिप में भाग
दरअसल अगर उसकी पृष्ठभूमि में देखें तो हमारे ऋषि मुनियों का ज्ञान है. हम चरक और सुश्रुत के देश से हैं और योग हमारा संस्कार, जीवनशैली औरसंपूर्ण स्वास्थ्य है.उन्होंने कहा हमारे लिए स्वास्थ्य सेवा है उद्योग नहीं मुझे बताया गया कि योग दुनिया में कई मिलियन डॉलर का उद्योग हो गया हैलेकिन हमने कभी स्वास्थ्य को उद्योग के रूप में नहीं देखा. यही हमारा संस्कार है स्वभाव है और जीवनशैली है. इसी को अपनाते हुए हमें विकसितभारत समृद्ध भारत और स्वस्थ भारत बनाने के लिये आगे बढना है. खेल राज्य मंत्री रक्षा खड़से ने कहा कि योग को अब एशियाई स्तर से आगे ले जानेका समय है. उन्होंने कहा योग हमारे देश की परंपरा रही है और यहां एशिया भर से कई देश और खिलाड़ी चैम्पियनशिप में भाग ले रहे हैं. अब इसेएशियाई स्तर तक सीमित नहीं रखकर ओलंपिक में ले जाने की कोशिश करेंगे.