
गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहादत दिवस पर श्रद्धांजलि
गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहादत दिवस के पावन अवसर पर आयोजित अखंड पाठ साहिब के भोग समारोह में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीयसंयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भावपूर्ण रूप से संगत के साथ अरदास में हिस्सा लिया। यह कार्यक्रमगुरुद्वारा बाबा बुढ़ा दल छावनी में आयोजित हुआ, जहां बड़ी संख्या में संगत मौजूद थी।
पंजाब की शांति, विकास और खुशहाली के लिए प्रार्थना
अखंड पाठ साहिब के भोग के बाद दोनों नेताओं ने संगत के साथ मिलकर पंजाब की तरक्की, जनता की खुशहाली, प्रदेश में भाईचारा और शांति केलिए अरदास की। अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान ने कहा कि इस पवित्र अवसर पर संगत के बीच सेवा करने का अवसर मिलना उनके लिए बहुतसौभाग्य की बात है।
गुरु ग्रंथ साहिब जी मानवता और समानता का आधार
अरविंद केजरीवाल ने अपने संबोधन में कहा कि सिख धर्म ने हमेशा दुनिया को समानता, भाईचारे, दया और मानवता का संदेश दिया है। उन्होंने कहाकि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी हर इंसान को धर्मनिरपेक्षता, ईमानदारी और समाजवाद की सीख देते हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब की आध्यात्मिक विरासत नसिर्फ प्रदेश के लिए बल्कि पूरे देश और दुनिया के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
सरकार ने श्रद्धालुओं की उम्मीदों के अनुसार आयोजन को बनाया यादगार – भगवंत मान
भगवंत सिंह मान ने कहा कि दुनिया भर से लाखों-करोड़ों श्रद्धालु इस ऐतिहासिक अवसर को बेहद सम्मान और भावनाओं के साथ देखते हैं। सरकार नेहर संभव कोशिश की है कि गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत से जुड़े आयोजन यादगार और भव्य हों। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का यहकर्तव्य है कि वह पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को सुरक्षित रखे और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाए।
सिख गुरुओं की कुर्बानियां पूरी मानवता के लिए प्रेरणा
कार्यक्रम के दौरान अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान ने महान सिख गुरुओं और शहीदों भाई मती दास जी, भाई सती दास जी और भाई दयाला जीको भी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि सिख गुरुओं की कुर्बानियों ने दुनिया को न्याय, सत्य और धर्म की रक्षा का मार्ग दिखाया है। दोनों नेताओं नेकहा कि पंजाब की धरती हमेशा बहादुरी, निडरता और देशप्रेम का प्रतीक रही है और इसी विरासत पर प्रदेश के लोग गर्व करते हैं।
पवित्र विरासत को सहेजने का संकल्प
अरविंद केजरीवाल और सीएम भगवंत मान ने कहा कि पंजाब सरकार इस ऐतिहासिक अवसर को मानसिक और आध्यात्मिक रूप से और भी मजबूतबनाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि इन आयोजनों का उद्देश्य सिर्फ स्मरण करना नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को अपने महान गुरुओं कीसीख और त्याग से जोड़े रखना भी है। दोनों नेताओं ने कहा कि इस पवित्र समारोह का हिस्सा बनना उनकी जिंदगी के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण औरप्रेरणादायक क्षण है।