NEWS अब तक

नई दिल्ली, 7 मार्च 2026।

घरेलू रसोई गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने के बाद आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने प्रेस वार्ता करते हुए कहा कि शुक्रवार को केंद्र सरकार ने दावा किया था कि पेट्रोलियम पदार्थों के दाम नहीं बढ़ेंगे, लेकिन सिर्फ 24 घंटे के भीतर ही गैस सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए गए। अनुराग ढांडा ने कहा कि इस फैसले से देश के आम लोगों पर महंगाई का बड़ा बोझ पड़ गया है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अब देश के लोग यह समझ नहीं पा रहे हैं कि आखिर देश की सरकार चला कौन रहा है।

रसोई गैस के दाम बढ़ने से आम लोगों पर बढ़ा बोझ
प्रेस वार्ता के दौरान अनुराग ढांडा ने कहा कि रसोई गैस के दामों में बढ़ोतरी सीधे तौर पर देश के आम परिवारों को प्रभावित करती है। उन्होंने कहा कि देश के मध्यम वर्ग और निम्न मध्यम वर्ग के परिवार पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब रसोई गैस का सिलेंडर महंगा होता है तो इसका असर सीधे घर के बजट पर पड़ता है। ऐसे में सरकार को आम लोगों की परेशानियों को समझना चाहिए और महंगाई को कम करने के लिए कदम उठाने चाहिए।

सरकार के बयान और फैसलों में विरोधाभास
अनुराग ढांडा ने कहा कि यह बेहद हैरानी की बात है कि शुक्रवार को ही केंद्र सरकार के मंत्री ने कहा था कि पेट्रोलियम पदार्थों की कोई कमी नहीं है और दाम बढ़ने का कोई सवाल ही नहीं है। लेकिन सिर्फ एक दिन के भीतर ही गैस सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए गए। उन्होंने कहा कि इससे यह सवाल उठता है कि सरकार के फैसले आखिर किस आधार पर लिए जा रहे हैं और क्या सरकार खुद अपने फैसलों पर नियंत्रण में है।

देश में फैसले कहीं और लिए जा रहे हैं
अनुराग ढांडा ने आरोप लगाया कि ऐसा लग रहा है कि देश में फैसले कहीं और लिए जा रहे हैं और उन्हें बाद में भारत की जनता पर थोप दिया जाता है। उन्होंने कहा कि कई बार ऐसा देखा गया है कि सरकार के मंत्री कुछ और कहते हैं और कुछ समय बाद बिल्कुल उल्टा फैसला सामने आ जाता है। इससे लोगों के मन में सरकार की विश्वसनीयता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

अमेरिका और डोनाल्ड ट्रंप का भी किया जिक्र
अपने बयान में अनुराग ढांडा ने अमेरिका और Donald Trump का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कई ऐसे फैसले हैं जिनकी घोषणा पहले अमेरिका की ओर से की गई और बाद में भारत सरकार ने उन्हें स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि चाहे युद्धविराम का मामला हो, टैरिफ का मुद्दा हो या रूस से तेल खरीदने का सवाल हो, कई मामलों में ऐसा लगा कि भारत सरकार बाद में सिर्फ उन फैसलों को मानती रही।

रूस से तेल खरीदने के मुद्दे पर भी सवाल
अनुराग ढांडा ने कहा कि सरकार ने पहले कहा था कि रूस से तेल खरीदने के मुद्दे पर कोई बदलाव नहीं होगा। लेकिन बाद में अमेरिका की ओर से बयान आया कि भारत अब रूस से तेल नहीं खरीदेगा।
उन्होंने कहा कि इसके बाद भारत सरकार ने भी इस पर कोई स्पष्ट विरोध नहीं किया। इससे लोगों के मन में यह सवाल उठने लगा है कि क्या भारत के महत्वपूर्ण फैसले देश के बाहर से प्रभावित हो रहे हैं।

किसानों और व्यापार से जुड़े मुद्दों पर भी उठाए सवाल
प्रेस वार्ता के दौरान अनुराग ढांडा ने कहा कि केंद्र सरकार ने पहले कहा था कि किसानों के हितों के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। लेकिन बाद में अमेरिका की ओर से यह कहा गया कि भारत अपने बाजार अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए खोल रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *