
ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट को लेकर कांग्रेस ने मोदी सरकार पर जोरदार हमला बोला है। कांग्रेस का दावा है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के 28 अप्रैल 2026 के दौरे से सरकार घबरा गई है और डैमेज कंट्रोल में जुट गई है। पार्टी ने पर्यावरण, आदिवासी अधिकारों और पारदर्शिता के मुद्दे उठाते हुए इस पूरी परियोजना पर संसद में विस्तार से चर्चा कराने की मांग की है.
विकास योजना से प्रकृति और स्थानीय लोगों को कितना नुकसान
ग्रेट निकोबार द्वीप विकास परियोजना को लेकर देश की राजनीति अचानक गरमा गई है। मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने इस प्रोजेक्ट के बहाने केंद्र की मोदी सरकार पर बहुत तीखा हमला बोला है। कांग्रेस का सीधा आरोप है कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के हालिया ग्रेट निकोबार दौरे के बाद से सरकार पूरी तरह से घबरा गई है। पार्टी का कहना है कि सरकार अब अपनी कमियां छिपाने और डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश कर रही है.कांग्रेस ने रविवार को इस प्रोजेक्ट को लेकर पर्यावरण, आदिवासियों के अधिकार, पारदर्शिता और सुरक्षा से जुड़ी कई बड़ी चिंताएं जाहिर की हैं। पार्टी ने बहुत सख्ती से कहा है कि इन सभी अहम मुद्दों पर संसद के एक मंच पर विस्तार से बहस होनी चाहिए।नकांग्रेस का मानना है कि यह विकास योजना देश की सुरक्षा और पर्यावरण के लिहाज से बहुत संवेदनशील है। पार्टी चाहती है कि देश की जनता को पता चले कि इस विकास योजना से प्रकृति और स्थानीय लोगों को कितना नुकसान होने वाला है।