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आज पहलगाम आतंकी हमले को 85 दिन हो चुके हैं। इस हमले में 28 लोगों की जान गई, लेकिन अब तक एक भी आतंकवादी की गिरफ्तारी नहींहुई, और न ही किसी की पहचान सामने आई है। इस गंभीर स्थिति पर अब देश की जनता और विपक्षी नेता सवाल उठा रहे हैं। कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रियाश्रीनेत ने सरकार से कुछ सीधे और सख्त सवाल किए हैं। सेना ने खुद बताया चीन भी शामिल था
देश की सेना के उप सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल राहुल आर सिंह ने खुद कहा है हम पाकिस्तान से नहीं, बल्कि पाकिस्तान और चीन दोनों से लड़ रहेथे। चीन ने पाकिस्तान को मदद दी, जानकारी दी और हथियार भी दिए। इसका मतलब है कि जब हमारे जवान ऑपरेशन सिन्दूर चला रहे थे, तब चीनभी पाकिस्तान के साथ मिलकर भारत के खिलाफ काम कर रहा था।

फिर विदेश मंत्री चीन क्यों गए?
अब चौंकाने वाली बात ये है कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर हाल ही में चीन की यात्रा पर गए और वहां राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। उन्होंनेचीन से रिश्तों को सुधारने की बात भी कही। सवाल है जब चीन हमारे दुश्मनों को मदद कर रहा है, तब हम उसके साथ दोस्ती क्यों दिखा रहे हैं?

राहुल गांधी पहले ही चेतावनी दे चुके थे
राहुल गांधी ने बहुत पहले संसद और जनता के बीच ये बात कही थी कि अगर चीन और पाकिस्तान साथ आए, तो भारत के लिए यह बहुत खतरनाकहोगा। आज वही हो रहा है। लेकिन सरकार ने उनकी बात को हल्के में लिया।

ज्योति मल्होत्रा का मामला – क्या यह सिर्फ संयोग है?
ज्योति मल्होत्रा नाम की महिला को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
यह महिला खुद को हरियाणा बीजेपी की सदस्य बताती थी।
यह पाकिस्तान गई थी और वहां के खुफिया एजेंटों से मिली थी।
ज्योति बीजेपी के कई कार्यक्रमों में शामिल हुई थी, जैसे कि वंदे भारत ट्रेन के उद्घाटन में।
इसके पाकिस्तान हाई कमीशन में कार्यरत एक अधिकारी दानिश से गहरे संबंध थे।
कहा जा रहा है कि जब ऑपरेशन सिन्दूर चल रहा था, तब भी वो पाकिस्तान के संपर्क में थी। क्या बीजेपी को यह नहीं पता था कि वह महिला कौनहै?
क्यों उसे इतने बड़े सरकारी मंचों पर बुलाया गया?
क्या इसके पीछे किसी का संरक्षण था?

ऐसे कई मामले पहले भी आए हैं सामने
सुप्रिया श्रीनेत ने बताया कि ये पहली बार नहीं है जब ऐसे लोग बीजेपी से जुड़े पाए गए हैं
ध्रुव सक्सेना – बीजेपी आईटी सेल का सदस्य था, पकड़ा गया पाकिस्तान के लिए जासूसी करते हुए।
बुरहान वानी – जिसे आतंकवादी माना जाता है, उसकी हत्या को बीजेपी नेताओं ने ‘दुर्घटना’ कहा।
पठानकोट हमले की जांच के लिए पाकिस्तान की एजेंसी को भारत बुलाया गया।
प्रधानमंत्री मोदी खुद पाकिस्तान चले गए थे, बिना देश को बताए।
आसिया अंद्राबी, जो भारत विरोधी बातें करती थी, उसे ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान में जगह दी गई।
डीआरडीओ अधिकारी प्रदीप कुरुलकर, जो संघ से जुड़ा था, पकड़ा गया पाकिस्तानी एजेंट से संपर्क में।

अब देश पूछ रहा है क्या सरकार को जवाब देना नहीं चाहिए?
सुप्रिया श्रीनेत ने मोदी सरकार से साफ सवाल पूछे जब सेना कह रही है कि चीन हमारे दुश्मन के साथ था, तो आप चीन से दोस्ती क्यों कर रहे हैं?
विदेश मंत्री जयशंकर चीन के राष्ट्रपति से मिलकर क्या संदेश देना चाहते हैं?
ज्योति मल्होत्रा को बीजेपी कार्यक्रमों में क्यों बुलाया गया?
क्या सरकार ने उसके पाकिस्तान कनेक्शन की जांच की थी?
28 शहीदों के परिवारों को अब तक इंसाफ क्यों नहीं मिला?

चीन का बढ़ता असर और भारत की चुप्पी
चीन ने पिछले कुछ सालों में पाकिस्तान को 81% हथियार दिए।चीन ने भारत की ज़मीन पर गांव बसा लिए हैं। चीन ने हमारे नक्शों के नाम बदलदिए और हमारे भूभाग पर दावा किया।
चीन ने अरुणाचल प्रदेश के 30 से अधिक इलाकों का नाम बदल दिया।
भारत की सेना आज अपनी ही ज़मीन पर गश्त नहीं कर पा रही, क्योंकि चीन की सहमति का इंतजार करना पड़ता है।

देश आज सवाल पूछ रहा है।
क्या हम अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं?
क्या 28 लोगों की शहादत का जवाब अब भी नहीं मिलेगा?
क्या सरकार को सिर्फ चीन से व्यापार करना और रिश्ते सुधारना ज़रूरी लगता है?
सुप्रिया श्रीनेत ने कहा है कि सरकार को संसद में जवाब देना चाहिए। देश की जनता को सच जानने का हक है। जब हमारे जवान तीन मोर्चों पर लड़रहे थे, तब सरकार चीन के साथ हाथ मिला रही थी।


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