
मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने शनिवार को कहा कि जजों को मनोरंजक गतिविधियों में शामिल होना चाहिए ताकि वे खुद को रिचार्ज कर सकें।सीजेआई ने कहा कि जजों के काम के घंटे लंबे होते हैं और उनका काम बेहद तनावपूर्ण होता है। उनके काम की प्रकृति को देखते हुए उन्हें मनोरंजकगतिविधियां करनी चाहिए। मनोरंजक गतिविधियों में वे गतिविधियां शामिल की जाती हैं, जिन्हें लोग अपने शरीर और दिमाग को तरोताजा करने केलिए करते हैं। इनमें खेलकूद, योग-ध्यान, तैराकी या पैदल चलना आदि कुछ भी हो सकता है। सीजेआई ने ऑल इंडिया जज बैडमिंटन चैंपियनशिपके उद्घाटन कार्यक्रम में मीडिया से बात करते हुए कहा कि जजों को अपनी उम्र के हिसाब से किसी मनोरंजक गतिविधि में शामिल होना चाहिए।सीजेआई ने कहा ‘जजों के काम के घंटे ज्यादा हैं और उनका काम की प्रकृति भी तनावपूर्ण है। उन्हें कई घटों तक बैठकर काम करना होता है। ऐसे मेंसभी जजों को मनोरंजक गतिविधियों में शामिल होना चाहिए और इसे अपनी आदत में शुमार करना चाहिए। जजों को रिचार्ज करने के लिए ये जरूरीहै।’
न्यायालयों के जज बड़ी संख्या
जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि ‘उच्च न्यायालयों के जज बड़ी संख्या में इस चैंपियनशिप में हिस्सा ले रहे हैं, इससे पता चलता है कि वे अपनी सेहत कोलेकर जागरूक हैं।’ इस दौरान केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। यह दो दिवसीय खेलआयोजन दिल्ली के त्यागराज स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में आयोजित किया जा रहा है। समापन समारोह और इनाम वितरण कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्वसीजेआई जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस विक्रम नाथ करेंगे। इस कार्यक्रम का आयोजन पूर्व अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी अबंतिका डेका द्वाराकिया जा रहा है.जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि ‘उच्च न्यायालयों के जज बड़ी संख्या में इस चैंपियनशिप में हिस्सा ले रहे हैं, इससे पता चलता है कि वेअपनी सेहत को लेकर जागरूक हैं।’ इस दौरान केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू भी कार्यक्रम में मौजूद रहे