
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने लाल किला धमाके पर केंद्र सरकार की चुप्पी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रवैये को बेहदअसंवेदनशील बताया। उन्होंने कहा कि जब दिल्ली के लोग हादसे के बाद सदमे और डर में थे, तब प्रधानमंत्री बिहार चुनाव में मिली जीत का जश्नमनाने में व्यस्त थे। यह जनता की पीड़ा के प्रति सरकार की उदासीनता को दर्शाता है।
दिल्ली में धमाका, शहर में मातम–लेकिन केंद्र की चुप्पी
लाल किला कार धमाके ने दिल्ली को झकझोर दिया। इस विस्फोट में 13 लोगों की जान चली गई और कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।दिल्ली के कई परिवारों में मातम छा गया, लोग डर और असुरक्षा में थे। शहर के लोग उम्मीद कर रहे थे कि प्रधानमंत्री पीड़ितों के लिए कुछ शब्दकहेंगे, उनके परिवारों से संवेदना व्यक्त करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। केंद्र सरकार की इस चुप्पी ने लोगों के दुख को और बढ़ा दिया।
मोदी का जश्न, दिल्ली का दर्द
देवेंद्र यादव ने कहा कि धमाके के तुरंत बाद प्रधानमंत्री भूटान से लौटे और सीधे भाजपा कार्यालय पहुंचे, जहाँ बिहार विधानसभा चुनाव में मिली जीतका बड़ा जश्न मनाया गया। इस जश्न के दौरान भी लाल किला विस्फोट में मारे गए 13 लोगों या घायल नागरिकों का कोई ज़िक्र नहीं किया गया।देवेंद्र यादव का आरोप है कि जब दिल्ली पीड़ा में थी, प्रधानमंत्री केवल राजनीतिक जीत का प्रदर्शन करने में लगे थे।
पीड़ितों को मिली मामूली सहायता–मुख्यमंत्री पर भी उठे सवाल
देवेंद्र यादव ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की मुआवजा घोषणा को बेहद कम और असंवेदनशील बताया। मृतकों को 10 लाख रुपये, स्थायीविकलांगता वाले लोगों को 5 लाख रुपये और गंभीर घायलों को 2 लाख रुपये देने का निर्णय पीड़ित परिवारों के जख्मों पर मरहम लगाने के बजाय, नमक छिड़कने जैसा बताया गया। उनका कहना है कि इतने बड़े हादसे और इतने बड़े नुकसान के बाद सरकार को और गंभीर, संवेदनशील और उदारकदम उठाने चाहिए थे।
प्रधानमंत्री की यात्रा से घंटों जाम, लोगों की परेशानी बढ़ी
देवेंद्र यादव ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा मुख्यालय में प्रधानमंत्री के जश्न में शामिल होने के कारण ITO और आसपास के क्षेत्रों में भारीट्रैफिक जाम लग गया। हजारों लोग कई घंटों तक बसों और गाड़ियों में फंसे रहे। शहर में पहले ही धमाके के कारण डर और बेचैनी थी, उस पर जाम नेलोगों की परेशानी और बढ़ा दी। देवेंद्र यादव ने कहा कि पहले किसी प्रधानमंत्री के दौर में दिल्ली में इतना बड़ा जाम केवल एक कार्यक्रम के कारणनहीं लगता था, लेकिन अब VIP मूवमेंट के कारण आम जनता को भारी तनाव झेलना पड़ता है।
अंत में–पीड़ितों के प्रति संवेदना सबसे पहले होनी चाहिए
लेख के अंत में देवेंद्र यादव ने कहा कि लाल किला धमाका केवल एक हादसा नहीं, बल्कि कई परिवारों के जीवन को हमेशा के लिए बदल देने वालीत्रासदी है। ऐसे समय में केंद्र सरकार का कर्तव्य था कि वे पहले पीड़ितों को सांत्वना देते, उनके परिवारों को सहारा देते, लेकिन उनकी प्राथमिकताजश्न रही। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता का दर्द और सुरक्षा सबसे पहले होनी चाहिए।देवेंद्र यादव ने सरकार से आग्रह किया कि वह पीड़ितों केलिए उचित मुआवजा, बेहतर चिकित्सा सहायता और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर तुरंत कदम उठाए।