
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा की अध्यक्षता में हुई महत्वपूर्ण बैठक, दिल्ली ने टीबी उन्मूलन और मातृ-शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में पेश की उपलब्धियां
नई दिल्ली
दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा की अध्यक्षता में आयोजित एक महत्वपूर्ण वर्चुअल समीक्षा बैठक में भाग लिया। यह बैठक प्रगति (PRAGATI) तंत्र के अंतर्गत आयोजित की गई, जिसमें देश के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्रियों ने हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य देशभर में चल रहे टीबी मुक्त भारत अभियान तथा मातृ एवं बाल स्वास्थ्य (आरसीएच) कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा करना था। इस दौरान विभिन्न राज्यों ने अपनी उपलब्धियों, चुनौतियों और भविष्य की योजनाओं को साझा किया।
डॉ. पंकज कुमार सिंह ने रखा दिल्ली का पक्ष
बैठक में दिल्ली सरकार की ओर से स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने टीबी उन्मूलन, मातृ स्वास्थ्य और शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और हर नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य केवल बीमारियों का इलाज करना नहीं, बल्कि उन्हें जड़ से समाप्त करना है। इसी सोच के साथ टीबी मुक्त भारत अभियान को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
टीबी मुक्त भारत अभियान को लेकर दिल्ली की मजबूत प्रतिबद्धता
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि दिल्ली सरकार टीबी मुक्त भारत के राष्ट्रीय लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने, मरीजों तक समय पर उपचार पहुंचाने और तकनीक के बेहतर उपयोग के माध्यम से दिल्ली लगातार बेहतर स्वास्थ्य परिणाम हासिल कर रही है। डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि टीबी जैसी गंभीर बीमारी को खत्म करने के लिए सरकार, स्वास्थ्य विभाग, जनप्रतिनिधियों और समाज के सभी वर्गों को मिलकर काम करना होगा।
16 लाख से अधिक लोगों की हुई टीबी जांच
बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार दिसंबर 2024 से अब तक दिल्ली में 16.4 लाख से अधिक संवेदनशील और उच्च जोखिम वाले लोगों की स्क्रीनिंग की गई है। यह अभियान उन लोगों तक पहुंचने के लिए चलाया गया जो टीबी संक्रमण के अधिक खतरे में हैं। समय रहते जांच होने से बीमारी की पहचान जल्दी हो रही है और मरीजों को तुरंत उपचार मिल रहा है।
7.4 लाख से अधिक चेस्ट एक्स-रे और 3.5 लाख NAAT परीक्षण
दिल्ली सरकार ने बताया कि टीबी की समय पर पहचान सुनिश्चित करने के लिए बड़े पैमाने पर जांच अभियान चलाया गया। अब तक दिल्ली में 7.4 लाख से अधिक चेस्ट एक्स-रे किए जा चुके हैं। इसके साथ ही 3.5 लाख से अधिक NAAT परीक्षण भी किए गए हैं। इन आधुनिक जांच तकनीकों की मदद से टीबी रोगियों की पहचान पहले की तुलना में अधिक तेजी और सटीकता से हो रही है।
राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन कर रही है दिल्ली
बैठक में यह जानकारी भी सामने आई कि टीबी नियंत्रण के कई महत्वपूर्ण मानकों पर दिल्ली का प्रदर्शन राष्ट्रीय औसत से बेहतर है। टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट (TPT) कवरेज के मामले में दिल्ली का आंकड़ा 45 प्रतिशत है, जबकि राष्ट्रीय औसत 29 प्रतिशत है। इसी प्रकार अपफ्रंट NAAT परीक्षण कवरेज दिल्ली में 88 प्रतिशत है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह 83 प्रतिशत है।ये आंकड़े बताते हैं कि दिल्ली टीबी नियंत्रण के क्षेत्र में लगातार बेहतर कार्य कर रही है।
टीबी मुक्त भारत अभियान 2.0 में हुए व्यापक प्रयास
24 मार्च से 15 जून 2026 तक चलाए गए टीबी मुक्त भारत अभियान 2.0 के दौरान दिल्ली में बड़े स्तर पर स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए। इस अवधि में 1,953 आयुष्मान आरोग्य शिविर लगाए गए। इनमें 486 उच्च जोखिम वाले वार्डों और 149 सामूहिक आवासीय एवं संस्थागत स्थलों पर विशेष शिविर शामिल थे। इन शिविरों के माध्यम से लाखों लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई गईं।
तीन लाख से अधिक लोगों की हुई स्क्रीनिंग
अभियान के दौरान 3.19 लाख से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की गई। इसके अलावा 2.03 लाख से अधिक एक्स-रे, लगभग 70,070 NAAT परीक्षण और 26,761 टीबी रोगियों की अधिसूचना (नोटिफिकेशन) दर्ज की गई। इन प्रयासों से टीबी के मामलों की पहचान और उपचार दोनों में तेजी आई है।
नि-क्षय मित्रों ने निभाई अहम भूमिका
टीबी उन्मूलन अभियान में समाज की भागीदारी भी लगातार बढ़ रही है। दिल्ली में 129 नि-क्षय मित्रों ने पंजीकरण कर टीबी मरीजों को सहायता प्रदान की। इनके माध्यम से 16,096 पोषण खाद्य टोकरी वितरित की गईं। इस पहल का उद्देश्य टीबी मरीजों को पोषण सहायता प्रदान करना और उनके स्वास्थ्य में तेजी से सुधार लाना है।
जनप्रतिनिधियों ने भी बढ़ाया सहयोग
टीबी मुक्त भारत अभियान में सांसदों, विधायकों और पार्षदों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जनप्रतिनिधियों की सहभागिता से लोगों में जागरूकता बढ़ी और अभियान को समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाने में मदद मिली। यह अभियान केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि जन आंदोलन का रूप ले रहा है।
निक्षय पोषण योजना से हजारों मरीजों को लाभ
दिल्ली सरकार ने बैठक में निक्षय पोषण योजना की सफलता को भी रेखांकित किया। इस योजना के अंतर्गत अब तक 65,900 से अधिक लाभार्थियों को 36 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है। इस सहायता का उद्देश्य टीबी मरीजों को बेहतर पोषण उपलब्ध कराना है ताकि वे तेजी से स्वस्थ हो सकें।
3,842 नि-क्षय मित्र कर रहे हैं मरीजों की मदद
दिल्ली में वर्तमान समय में 3,842 नि-क्षय मित्र टीबी मरीजों की सहायता कर रहे हैं। ये लोग मरीजों को पोषण सहायता, सामाजिक सहयोग और उपचार के दौरान मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं। सरकार का मानना है कि समाज की भागीदारी के बिना टीबी उन्मूलन का लक्ष्य हासिल करना संभव नहीं है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में स्वास्थ्य क्षेत्र में हो रहा विकास
डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। अस्पतालों में सुविधाओं का विस्तार, नई तकनीकों का उपयोग, बेहतर जांच व्यवस्था और मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
केंद्र और राज्यों के सहयोग पर दिया गया जोर
बैठक के दौरान केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई। विशेष रूप से रेफरल प्रणाली को मजबूत बनाने, टीबी स्क्रीनिंग बढ़ाने, निवारक उपचार के दायरे का विस्तार करने और मरीज सहायता तंत्र को और प्रभावी बनाने पर बल दिया गया। सभी राज्यों ने मिलकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में काम करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
स्वस्थ भारत के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
बैठक के अंत में डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि यह समीक्षा बैठक दिल्ली की उपलब्धियों को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण अवसर रही। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र सरकार, राज्य सरकारों, स्वास्थ्य कर्मियों और समाज के सहयोग से भारत जल्द ही टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को प्राप्त करेगा। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ, सशक्त और विकसित भारत के निर्माण के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र में निरंतर सुधार और जनभागीदारी बेहद आवश्यक है। डॉ. पंकज कुमार सिंह ने दोहराया कि दिल्ली सरकार प्रत्येक नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने और टीबी जैसी गंभीर बीमारी को जड़ से समाप्त करने के लिए पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रहेगी।