दिल्ली में 10 वर्षों तक सत्ता में रहने के बाद अब टीम केजरीवाल के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं। दिल्ली में 27 साल बाद सत्ता में वापसी करने वालीभारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) ने अपनी नई सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में भ्रष्टाचार के मामलों की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने का निर्णय लिया है। भा.ज.पा. दिल्ली इकाई के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि पार्टी भ्रष्टाचार के खिलाफ “कतई बर्दाश्त नहीं” कीनीति अपनाती है और घोटाले में शामिल लोगों को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
कैबिनेट की पहली बैठक में पेश होगी कैग रिपोर्ट:
सचदेवा ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई बार कहा है, और हमने भी कहा है कि कैबिनेट की पहली बैठक में कैग (कंट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल) की रिपोर्ट पेश की जाएगी। हम भ्रष्टाचार के सभी मामलों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का भी गठन करेंगे।” उन्होंने दिल्लीविधानसभा चुनाव में भा.ज.पा. की जीत पर प्रधानमंत्री मोदी और पार्टी अध्यक्ष जे.पी. नड्डा को श्रेय देते हुए कहा कि दिल्ली के मतदाताओं ने विकासके लिए भा.ज.पा. का समर्थन किया और मोदी के नेतृत्व में विश्वास व्यक्त किया।
कांग्रेस की हार पर सचदेवा का बयान:
कांग्रेस की लगातार तीसरी बार हार पर सचदेवा ने कहा कि यह ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण पार्टी के लिए एक बुरी स्थिति है और उन्हें कड़ी मेहनतकरनी चाहिए। दिल्ली में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के बारे में सचदेवा ने कहा कि पार्टी एक व्यवस्थित दृष्टिकोण अपनाती है और इस निर्णय कोकेंद्रीय नेतृत्व पर छोड़ देती है, जैसा कि अन्य राज्यों में देखा गया है।