
सरिता साहनी
02,दिसंबर 2025, नई दिल्ली
सर्दी से बेघरों को बचाने के लिए सरकार का मजबूत इंतजाम
दिल्ली में सर्दी धीरे-धीरे बढ़ रही है और हर साल की तरह इस बार भी सबसे ज्यादा कठिनाई बेघर और गरीब लोगों को होती है। इसी चुनौती कोध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ऐलान किया है कि दिल्ली सरकार ने इस बार पहले से ज्यादा मजबूत और व्यापक विंटर एक्शन प्लान तैयारकिया है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि सरकार की कोशिश है कि कोई भी व्यक्ति ठंडी रात में खुले आसमान के नीचे न सोए और हर गरीब को सुरक्षितजगह मिले।
रैन बसेरों में सभी जरूरी सुविधाएँ उपलब्ध
मुख्यमंत्री ने दिल्ली सचिवालय में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की, जिसमें उन्हें बताया गया कि राजधानी में कुल 197 स्थायी रैन बसेरे कामकर रहे हैं। इन रैन बसेरों में लगभग अठारह हजार लोगों के रहने की सुविधा है। इसके साथ ही जरूरत पड़ने पर बेघरों को रखने के लिए बनाए जानेवाले अस्थायी रैन बसेरों की तैयारी भी लगभग पूरी हो चुकी है। सरकार द्वारा बनाए गए 250 अस्थायी रैन बसेरों में से 204 अब पूरी तरह से तैयार हैं।इन रैन बसेरों में लोगों के लिए बिस्तर, गद्दे, साफ चादरें, तकिए, गर्म कंबल, बिजली की व्यवस्था, मच्छर भगाने वाले उपकरण, पीने के लिए पानीऔर महिलाओं के लिए सीसीटीवी तथा सुरक्षा गार्ड जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। सरकार का कहना है कि यह व्यवस्था सिर्फ एक छत देने केलिए नहीं, बल्कि बेघरों का सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए की गई है।
लगातार निगरानी और रैन बसेरा ऐप की सुविधा
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को अधिकारियों ने यह भी बताया कि सभी रैन बसेरों की निगरानी 15 मार्च तक लगातार की जाएगी। किसी भी रैन बसेरे में भीड़न बढ़े और किसी को असुविधा न हो, इसके लिए प्रत्येक शेल्टर की रिपोर्ट नियमित रूप से ली जाएगी। इसके साथ ही सरकार का रैन बसेरा ऐप भीकाम कर रहा है, जिसकी मदद से बेघरों को नजदीकी रैन बसेरे की जानकारी आसानी से मिल जाती है। यह ऐप यह भी बताता है कि कहाँ कितनीजगह खाली है और किन जगहों पर ज्यादा जरूरत है। इससे बेघरों और प्रशासन दोनों को सुविधा होती है।
अस्पतालों में सर्दी से बचाव के लिए विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का कहना है कि सिर्फ बेघरों को ही नहीं, बल्कि अस्पतालों में भर्ती मरीजों को भी ठंड से बचाना जरूरी है। इसी कारण उन्होंनेस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को आदेश दिया है कि दिल्ली के सभी सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में कंबल, रजाइयाँ और गर्म कपड़े उपलब्धरहें। किसी भी अस्पताल में मरीज को ठंड की वजह से परेशानी नहीं होनी चाहिए।
स्कूली बच्चों को ठंड से बचाने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने बैठक में स्कूलों को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सर्दियों में खासकर छोटे बच्चों को ठंड से बचाना बेहद जरूरी है, क्योंकि इसउम्र में ठंड का असर उनके स्वास्थ्य पर जल्दी पड़ता है। इसलिए शिक्षा विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि स्कूलों में बच्चों के लिए गर्म माहौल बनानेकी योजना तैयार की जाए। सरकार की यह भी तैयारी है कि यदि जरूरत पड़े तो कंपनियों की सीएसआर मदद से बच्चों के लिए गर्म जैकेट, स्वेटर, मफलर और अन्य सामान उपलब्ध कराया जाए, ताकि ठंड की वजह से उनकी पढ़ाई बाधित न हो।
आंगनवाड़ी और पालना केंद्रों के लिए विशेष इंतजाम
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आंगनवाड़ी और पालना केंद्रों पर भी गहरी चिंता जताई है। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि इन केंद्रों में छोटे बच्चों औरमहिलाओं को ठंड से बचाने के लिए सभी व्यवस्थाएँ पूरी तरह दुरुस्त रहें। छोटे बच्चों को ठंड से जल्दी नुकसान होता है, इसलिए इन केंद्रों में गर्मकपड़ों, हीटर, साफ बिस्तर और गर्म पानी जैसी सुविधाएँ सुनिश्चित की जा रही हैं।
सरकारी इमारतों में गार्डों के लिए हीटर लगाने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने इस बार एक नया आदेश भी जारी किया है। उन्होंने कहा कि सरकारी इमारतों में रात-दिन ड्यूटी करने वाले सुरक्षा गार्डों को भी ठंड सेबचाने की जरूरत होती है। इसलिए सभी सरकारी भवनों में गार्डों के लिए हीटर लगाने और उन्हें गर्म कपड़े उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।
कोई भी नागरिक ठंड में बिना छत के न रहे सरकार का संकल्प
बैठक के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार का संकल्प स्पष्ट है बेघर, गरीब, बच्चे, मरीज, महिलाएँ कोई भी ठंड से परेशान न हो।सरकार ने इस बार पिछले वर्षों की तुलना में ज्यादा बड़ा और संवेदनशील प्लान बनाया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के रैन बसेरे सिर्फ आश्रय स्थल नहींहैं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और मानवीय संवेदना के प्रतीक हैं। सरकार हर संभव कोशिश करेगी कि सर्दियों के पूरे मौसम में हर नागरिक सुरक्षित रहे।