
सरिता साहनी
07 दिसंबर 2025, नई दिल्ली
दिल्ली में एआई शिक्षा की नई लहर
दिल्ली सरकार ने दिल्ली एआई ग्राइंड की शुरुआत करके देश में एक नया इतिहास बनाया है। यह भारत का पहला ऐसा शहर-केंद्रित एआई औरइनोवेशन मूवमेंट है, जो दिल्ली के बच्चों और युवाओं को भविष्य की तकनीकी दुनिया के लिए तैयार करेगा। इस पहल से 1,000 से अधिक स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के पाँच लाख से ज्यादा छात्र लाभ ले सकेंगे। इसका लक्ष्य है कि हर छात्र एआई को समझे, सीखे और इसे अपने जीवनमें उपयोग करने लायक बने।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का दृष्टिकोण तकनीक से सशक्त होगी दिल्ली
कार्यक्रम के उद्घाटन पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली ने एआई शिक्षा में देश में सबसे पहले कदम बढ़ाया है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्रीनरेंद्र मोदी द्वारा तकनीक को बढ़ावा देने की प्रेरणा से दिल्ली ने इस दिशा में काम तेज किया है। उनका मानना है कि नई तकनीक का लाभ हर बच्चा, हर कक्षा और हर समुदाय तक पहुँचना चाहिए। दिल्ली, राजधानी होने के नाते, यह जिम्मेदारी निभाने को तैयार है।
एआई ग्राइंड क्या है सीखने और नवाचार का बड़ा आंदोलन
दिल्ली एआई ग्राइंड सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक ऐसा आंदोलन है जो पूरी शिक्षा व्यवस्था को बदलने की क्षमता रखता है। इस अभियान केतहत छात्रों को एआई सीखने का मौका मिलेगा। वे डिजाइन थिंकिंग, समस्या को समझने, समाधान के तरीके खोजने और छोटे-बड़े प्रोटोटाइप बनानेजैसी क्षमता विकसित करेंगे। शिक्षा संस्थानों में एक ऐसा माहौल बनाया जाएगा, जहाँ छात्र अपने विचारों से वास्तविक जीवन की समस्याओं का हलढूँढ सकें। धीरे-धीरे ये संस्थान छोटे-छोटे इनोवेशन लैब्स में बदल जाएँगे।
शिक्षा मंत्री आशीष सूद का भविष्य–तैयारी मॉडल
शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कार्यक्रम के बारे में बताते हुए कहा कि यह पहल आने वाले एआई दशक को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। आनेवाले चार महीनों में हजारों शिक्षकों को एआई मेंटर के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। इससे स्कूलों में एआई सीखने का मजबूत माहौल बन सकेगा।उन्होंने बताया कि छात्रों द्वारा कई नए मॉडल और प्रोटोटाइप विकसित किए जाएँगे, जिन्हें विशेषज्ञों और उद्योग जगत के साथ मिलकर आगे बढ़ायाजाएगा। इसके अलावा दिल्ली के युवाओं के विचारों के आधार पर एक राष्ट्रीय इनोवेशन दस्तावेज भी तैयार होगा, जिसे पूरे देश में साझा कियाजाएगा। इससे दिल्ली एआई आधारित शिक्षा सुधारों की प्रयोगशाला के रूप में स्थापित होगी।
युवाओं के लिए 10 मुख्य क्षेत्रों में काम करने का अवसर
यह कार्यक्रम 10 से 25 वर्ष तक के युवाओं को विभिन्न सामाजिक और औद्योगिक क्षेत्रों में कार्य करने का मौका देगा। इनमें परिवहन, स्वास्थ्य, पर्यटन, ऊर्जा, पर्यावरण, शिक्षा, सुशासन, खाद्य प्रणाली, जल प्रबंधन और सार्वजनिक सेवाएँ शामिल हैं। इन क्षेत्रों में वास्तविक समस्याएँ होंगी, जिन पर छात्र अपने समाधान पेश करेंगे। इससे उन्हें सीखने, सोचने और समाज के लिए नया कुछ बनाने का अवसर मिलेगा।
इनोवेशन मॉडल विचार से लेकर जमीन तक लागू होने की प्रक्रिया
दिल्ली एआई ग्राइंड एक वार्षिक आंदोलन होगा, जो हर साल नई शुरुआत के साथ आगे बढ़ेगा। इसके अंतर्गत कई चरण होंगे। पहले छात्रों कोएआई और इनोवेशन की समझ दी जाएगी। फिर उन्हें अपने-अपने जिलों में भाग लेने का मौका मिलेगा। बाद में शहर-स्तर पर उनके कामों कोदिखाया जाएगा। जो विचार अच्छे होंगे, उन्हें पायलट रूप में लागू करने की कोशिश की जाएगी। इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह है कि किसी भी छात्र काविचार सिर्फ कागज़ पर न रह जाए, बल्कि उसे वास्तविक रूप दिया जाए।
एआई शिक्षा का उद्देश्य बच्चे बनें तकनीक के निर्माता
सूद ने कहा कि बच्चों को सिर्फ एआई का उपयोग करना नहीं आना चाहिए, बल्कि उन्हें यह भी समझना चाहिए कि तकनीक कैसे काम करती है औरउसे बेहतर कैसे बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बच्चे सिर्फ उपभोक्ता न रहें, बल्कि तकनीक के ऐसे निर्माता बनें जो समाज की समस्याओं कोसमझकर नए समाधान तैयार कर सकें। एआई का जिम्मेदार उपयोग, पक्षपात को पहचानना और सुधारना जैसी सीखें भी इस कार्यक्रम के माध्यम सेदी जाएँगी।
इसरो अंतरिक्ष यात्री का प्रेरक संदेश
इस अवसर पर इसरो के अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अपने विचार रखते हुए कहा कि दिल्ली का यह कदम देश के भविष्य के लिए बहुतमहत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जब नेतृत्व तकनीक और शिक्षा पर ध्यान देता है, तभी देश विकसित भारत 2047 की दिशा में आगे बढ़ सकता है।उनके अनुसार ऐसे कार्यक्रम आने वाले समय में छात्रों की सोच और क्षमता दोनों को नई दिशा देंगे।
कार्यक्रम की खास झलकियाँ रचनात्मकता और तकनीक का संगम
कार्यक्रम में कई विश्वविद्यालयों के कुलपति, शिक्षक, उद्योग प्रतिनिधि और सैकड़ों छात्र शामिल हुए। इस मौके पर दिल्ली एआई ग्राइंड का ब्रोशरजारी किया गया। स्कूल के बच्चों ने एआई पर आधारित जिंगल प्रस्तुत किया, जिससे कार्यक्रम में ऊर्जा और उत्साह भर गया। छात्र अपने बनाए पेपरप्रोटोटाइप लेकर मंच पर आए और अपने विचारों का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में आधिकारिक टीज़र भी लॉन्च किया गया। इसके अलावाInnovation Bus on Wheels को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, जो पूरे शहर में एआई आंदोलन को पहुँचाने का काम करेगी।
दिल्ली की नई पीढ़ी अब एआई युग का नेतृत्व करने को तैयार
दिल्ली एआई ग्राइंड एक मजबूत शुरुआत है, जो आने वाले समय में दिल्ली को एआई शिक्षा और नवाचार का प्रमुख केंद्र बनाएगी। यह पहल छात्रोंमें आत्मविश्वास, रचनात्मकता और तकनीकी समझ दोनों को बढ़ाएगी। यह कार्यक्रम दिल्ली के बच्चों को सिर्फ तकनीक का उपयोग करना नहीं, बल्कि तकनीक को बनाने और समाज की भलाई के लिए आगे बढ़ाने की दिशा में तैयार करेगा।