दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने शनिवार को एक बड़ा बयान दिया, जिसमें उन्होंने 2019 लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) के साथकिए गए गठबंधन को ‘बहुत बड़ी गलती’ करार दिया। यादव ने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी भविष्य में इस गलती को नहीं दोहराएगी। उनकेमुताबिक, AAP की सरकार की नीतियों और कार्यशैली के कारण दिल्ली में कांग्रेस के प्रति जनता का विश्वास अब बढ़ा है।
AAP के साथ गठबंधन पर सवाल
देवेंद्र यादव ने कांग्रेस के पिछले गठबंधन के फैसले पर खेद जताते हुए कहा, “लोकसभा चुनाव में AAP के साथ जो समझौता किया गया था, वहएक बड़ी गलती थी। हमने यह समझौता तब किया था जब यह माना गया था कि दिल्ली में AAP का असर बढ़ सकता है, लेकिन अब यह साफ होगया है कि यह कदम सही नहीं था।”
उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस अब एक नई दिशा में काम कर रही है और भविष्य में ऐसे किसी भी गठबंधन से बचने का निर्णय लिया है। यादव कामानना है कि AAP की सत्ता के बाद दिल्ली में एंटी इनकंबेंसी की भावना बढ़ी है, जिससे दिल्ली की जनता में कांग्रेस के प्रति विश्वास और उम्मीदेंमजबूत हुई हैं।
कांग्रेस ने शुरू की ‘जीवन रक्षा योजना’
अपने बयान के दौरान देवेंद्र यादव और कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने दिल्लीवासियों के लिए कांग्रेस की नई पहल, ‘जीवन रक्षा योजना’ का ऐलानकिया। इस योजना के तहत, कांग्रेस ने दिल्ली के नागरिकों को 25 लाख रुपये तक का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा देने का वादा किया है। यह योजनादिल्लीवासियों के स्वास्थ्य को लेकर कांग्रेस की प्रतिबद्धता को दर्शाती है और इसे लेकर पार्टी ने अभियान भी शुरू कर दिया है।
अशोक गहलोत ने किया ‘जीवन रक्षा योजना’ का समर्थन
दिल्ली में कांग्रेस की चुनावी रणनीति पर चर्चा करते हुए राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस योजना का समर्थन किया और इसे “गेम चेंजर” बताया। उन्होंने कहा, “हमने राजस्थान में यह योजना लागू की थी और अब दिल्ली में भी इसे लागू किया जाएगा। यह योजना दिल्ली में कांग्रेस केपक्ष में मतदान को प्रभावित कर सकती है।”
गहलोत ने कहा कि यह योजना दिल्ली में कांग्रेस की बढ़ती लोकप्रियता और पार्टी के लिए सरकार बनाने की संभावनाओं को और मजबूत करेगी।उन्होंने देश में बढ़ती नफरत और ध्रुवीकरण के माहौल को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए कहा, “कांग्रेस हमेशा सभी धर्मों और जातियों को साथ लेकरचलने की दिशा में काम करती है, जबकि कुछ दल सिर्फ नफरत फैलाने में लगे हुए हैं।”
ध्रुवीकरण की राजनीति पर कांग्रेस की कटाक्ष
गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा की चुनावी रणनीति पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि ध्रुवीकरण की राजनीति करके आप चुनाव तोजीत सकते हैं, लेकिन देश को नहीं चला सकते। उनका मानना है कि कांग्रेस की नीति विविधता में एकता की है, जो भारत जैसे बहुलतावादी समाजके लिए जरूरी है।
कांग्रेस के चुनाव प्रचार अभियान की तैयारी
कांग्रेस का चुनाव प्रचार अभियान इन दिनों जोर शोर से चल रहा है, और इस दौरान पार्टी के नारे “होगी हर जरूरत पूरी, कांग्रेस है जरूरी” को प्रमुखतासे प्रदर्शित किया गया है। पार्टी का यह अभियान दिल्लीवासियों को यह संदेश देने की कोशिश कर रहा है कि कांग्रेस उनके हर मुद्दे पर काम करेगी, चाहे वह स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार या अन्य सामाजिक सेवाओं से जुड़ा हो।
गहलोत ने कहा कि यह स्वास्थ्य बीमा योजना कांग्रेस के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है और यह दिल्ली की जनता के लिए एक बड़ी राहत साबित होसकती है। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली की सभी 70 विधानसभा सीटों पर होने वाले चुनावों में कांग्रेस की जीत की संभावना बढ़ रही है।
कांग्रेस की चुनावी तैयारी और उम्मीदें
कांग्रेस ने इस चुनाव में अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए कई नीतिगत बदलाव किए हैं, जिनमें गरीब और आम आदमी को लाभ पहुंचाने वालीयोजनाओं को प्राथमिकता दी गई है। पार्टी अब पूरी तरह से AAP और भाजपा के खिलाफ अपने चुनावी अभियान को चला रही है। कांग्रेस कीरणनीति इस बार आम जनता के मुद्दों पर केंद्रित है, जिसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक न्याय की बातें प्रमुख हैं।
दिल्ली में कांग्रेस की वापसी की संभावना
अशोक गहलोत ने कहा कि दिल्ली में कांग्रेस की सरकार बनने की संभावनाएं अब बढ़ रही हैं। उनका मानना है कि दिल्ली की जनता अब बदलावचाहती है और कांग्रेस की योजनाएं लोगों के बीच अच्छा प्रभाव डाल रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस का यह अभियान दिल्ली की जनता केलिए एक तरह से नई उम्मीद लेकर आया है।
चुनावी प्रचार में कांग्रेस का जोर
कांग्रेस ने दिल्ली चुनाव को लेकर अपने प्रचार अभियान में पूरी ताकत झोंकी है। पार्टी के सभी प्रमुख नेता अब दिल्ली में लगातार जनसभाएं और रोडशो कर रहे हैं। उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों में स्वास्थ्य, शिक्षा, बेरोजगारी और गरीबी निवारण प्रमुख हैं।
दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025
दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के लिए मतदान 5 फरवरी को होने हैं और चुनाव परिणाम 8 फरवरी को घोषित किए जाएंगे। इन चुनावों को लेकरदिल्ली में एक सख्त चुनावी माहौल बना हुआ है। पार्टीयों के बीच तीखी बयानबाजी हो रही है, और प्रचार तेज हो चुका है। कांग्रेस, भाजपा औरAAP के बीच कांटे की टक्कर होने की उम्मीद जताई जा रही है।