
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली का पब्लिक ट्रांसपोर्ट होगा और साफ, सुरक्षित और आधुनिक
नई दिल्ली, 18 अगस्त 2026।
राजधानी दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में दिल्ली सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली को 200 नई जीरो-एमिशन इलेक्ट्रिक बसों की सौगात मिलने जा रही है। इसके साथ ही दिल्ली-करनाल के बीच इंटर-स्टेट इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू की जाएगी। महिलाओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 56 विशेष इलेक्ट्रिक बस सेवाएं भी शुरू की जाएंगी। इसके अलावा राजघाट डिपो-I पर पब्लिक ईवी चार्जिंग स्टेशन भी शुरू किया गया है। सरकार का कहना है कि इन सभी कदमों से दिल्ली में साफ-सुथरी, सुरक्षित और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
डॉ. पंकज कुमार सिंह बोले- इलेक्ट्रिक बसें बदलाव की सबसे अहम कड़ी
दिल्ली के परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि दिल्ली का ट्रांसपोर्ट सिस्टम तेजी से साफ-सुथरी, सुरक्षित और ज्यादा भरोसेमंद सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की ओर बढ़ रहा है। इस बदलाव में इलेक्ट्रिक बसें सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल बसों की संख्या बढ़ाना नहीं है, बल्कि दिल्ली के लोगों को ऐसा सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना है जो साफ-सुथरा, सुरक्षित, आरामदायक और आसानी से उपलब्ध हो।
200 नई इलेक्ट्रिक बसों से बढ़ेगा डीटीसी का बेड़ा
200 नई इलेक्ट्रिक बसों के डीटीसी बेड़े में शामिल होने के बाद दिल्ली में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़कर 4938 हो जाएगी। राजधानी में बसों की कुल संख्या करीब 6800 तक पहुंच जाएगी। नई बसों में 12 मीटर की 88 इलेक्ट्रिक बसें और 9 मीटर की 112 इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं। ये सभी लो-फ्लोर और वातानुकूलित बसें हैं।
यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए इन बसों में सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन, रियल-टाइम ट्रैकिंग सिस्टम और दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध हैं।
2028-29 तक करीब 14 हजार बसें करने का लक्ष्य
परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने बताया कि दिल्ली सरकार और डीटीसी इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को लगातार बढ़ावा दे रहे हैं। सरकार की योजना वित्त वर्ष 2028-29 तक दिल्ली में बसों की संख्या करीब 14 हजार तक पहुंचाने की है।
इससे दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में रहने वाले लोगों को सार्वजनिक परिवहन की बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है। साथ ही इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ने से स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन व्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।
दिल्ली-करनाल के बीच चलेगी इलेक्ट्रिक बस
दिल्ली और हरियाणा के बीच यात्रा करने वाले लोगों के लिए भी यह पहल महत्वपूर्ण है। दिल्ली परिवहन निगम दिल्ली-करनाल इंटर-स्टेट इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू करने जा रहा है। इस सेवा के तहत पांच इलेक्ट्रिक और वातानुकूलित बसें चलेंगी। करीब 133 किलोमीटर लंबे रूट पर दोनों दिशाओं में रोजाना 10 ट्रिप उपलब्ध कराई जाएंगी। यह सेवा महाराणा प्रताप आईएसबीटी, कश्मीरी गेट से करनाल तक चलेगी। रास्ते में सिंघू बॉर्डर, राय, भालगढ़, मुरथल, गन्नौर, समालखा, पानीपत, घरौंदा और मधुबन जैसे महत्वपूर्ण स्थानों को जोड़ा जाएगा।
डॉ. पंकज कुमार सिंह के अनुसार, इस सेवा से दिल्ली और हरियाणा के बीच यात्रा करने वाले लोगों को साफ-सुथरा, आरामदायक और किफायती यात्रा विकल्प मिलेगा।
महिलाओं के लिए 56 विशेष इलेक्ट्रिक बस सेवाएं
महिलाओं और छात्राओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दिल्ली में 56 विशेष इलेक्ट्रिक बस सेवाएं शुरू की जा रही हैं।
इनमें 15 अधिक मांग वाले रूटों पर 30 लेडीज स्पेशल ट्रिप और 13 रूटों पर 26 यूनिवर्सिटी लेडीज स्पेशल ट्रिप शामिल होंगी। परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि इन बस सेवाओं को खास तौर पर कामकाजी महिलाओं और छात्राओं की रोजाना की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इससे खासकर व्यस्त समय में महिलाओं को बेहतर यात्रा सुविधा मिल सकेगी।
प्रमुख बाजारों, कार्यालयों और कॉलेजों से जुड़ेगी सेवा
महिलाओं के लिए शुरू होने वाली इन विशेष बस सेवाओं के जरिए नेहरू प्लेस, एम्स, साउथ एक्सटेंशन, आर.के. पुरम, कनॉट प्लेस, आईटीओ, दिल्ली सचिवालय, करोल बाग, कश्मीरी गेट और शिवाजी स्टेडियम जैसे प्रमुख क्षेत्रों को जोड़ा जाएगा। वहीं यूनिवर्सिटी लेडीज स्पेशल बसों के जरिए हिंदू कॉलेज, रामजस कॉलेज, दौलत राम कॉलेज, श्रीराम कॉलेज, एलएसआर, गार्गी कॉलेज, एआरएसडी, हंसराज कॉलेज, एसपीएम कॉलेज, देशबंधु कॉलेज और एसजीजीएससीसी जैसे प्रमुख शिक्षण संस्थानों को कनेक्टिविटी देने की योजना है। इन विशेष बसों की पहचान आसानी से हो सके, इसके लिए बसों पर विशेष स्टिकर लगाए जाएंगे।
राजघाट डिपो-I पर बना हाई-कैपेसिटी ईवी चार्जिंग स्टेशन
दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग सुविधा को मजबूत करने के लिए राजघाट डिपो-I पर पब्लिक ईवी चार्जिंग स्टेशन तैयार किया गया है। इस स्टेशन पर 240 किलोवाट क्षमता वाले चार ईवी चार्जर लगाए गए हैं। इनसे भारी इलेक्ट्रिक व्यावसायिक वाहनों और इलेक्ट्रिक कारों को चार्ज किया जा सकेगा। बिजली की बेहतर आपूर्ति के लिए यहां 1600 केवीए का कॉम्पैक्ट सब-स्टेशन भी स्थापित किया गया है।
5.50 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ स्टेशन
राजघाट डिपो-I पर तैयार किए गए इस ईवी चार्जिंग स्टेशन पर करीब 5.50 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। यह स्टेशन दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते इस्तेमाल को बढ़ावा देने में मदद करेगा। डीटीसी की ओर से अन्य स्थानों पर भी ज्यादा क्षमता वाले ईवी चार्जिंग स्टेशन तैयार किए जा रहे हैं, ताकि इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए पर्याप्त चार्जिंग सुविधा उपलब्ध हो सके। डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा- दिल्ली को भविष्य के लिए तैयार कर रहे हैं परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि 200 नई इलेक्ट्रिक बसें, दिल्ली-करनाल इंटर-स्टेट ई-बस सेवा, महिलाओं के लिए विशेष बस सेवाएं और नया चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर दिल्ली के सार्वजनिक परिवहन को बदलने की व्यापक योजना का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार का उद्देश्य ऐसा परिवहन नेटवर्क तैयार करना है जो हर नागरिक के लिए साफ, सुरक्षित, आरामदायक और भरोसेमंद हो।
दिल्ली में ग्रीन मोबिलिटी को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार इलेक्ट्रिक बसों और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए जरूरी ढांचे को लगातार मजबूत करने पर जोर दे रही है। नई इलेक्ट्रिक बसों से लेकर ईवी चार्जिंग स्टेशन और महिलाओं के लिए विशेष बस सेवाओं तक, इन सभी पहलों का उद्देश्य दिल्ली के सार्वजनिक परिवहन को ज्यादा आधुनिक और सुविधाजनक बनाना है।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ और सस्टेनेबल मोबिलिटी के विजन के अनुरूप दिल्ली में इलेक्ट्रिक परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में इन योजनाओं को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि दिल्ली सरकार और परिवहन विभाग आने वाले समय में भी बसों की संख्या बढ़ाने, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को मजबूत करने और जरूरी परिवहन सुविधाओं का विस्तार करने का काम जारी रखेंगे। इससे दिल्ली को एक साफ-सुथरे, सुरक्षित और भविष्य के लिए तैयार सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क की दिशा में आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।