
मुख्यमंत्री के बयानों पर कांग्रेस का तीखा प्रहार
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के बड़बोलेपन और उनके उलझे हुए बयानों को एक अनोखे प्रतीकात्मकप्रदर्शन के माध्यम से उजागर किया। कांग्रेस कार्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में रेखा गुप्ता के कटआउट के साथ 100 मीटर लंबी जबान प्रदर्शितकी गई, ताकि जनता को यह दिखाया जा सके कि मुख्यमंत्री के शब्दों और उनके कामों में कितना बड़ा अंतर है। कार्यक्रम में एक वीडियो भी दिखायागया, जिसमें मुख्यमंत्री चुनाव के दौरान किए गए वादों पर पूछे गए सवालों पर पूरी तरह चुप दिखाई दीं। चाहे महिलाओं को 2500 रुपये देने कावादा हो, होली-दिवाली पर मुफ्त सिलेंडर का आश्वासन, यमुना की सफाई, बसों की किल्लत, बुजुर्गों की पेंशन—हर मुद्दे पर मुख्यमंत्री की चुप्पी नेउनकी नीयत पर सवाल खड़े किए।
मुख्यमंत्री सिर्फ बोलती हैं, काम कुछ नहीं करतीं
देवेंद्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री के बड़बोलेपन की हद इस कदर बढ़ चुकी है कि कभी वह दिल्ली का AQI यानी दिल्ली का IQ जैसे अजीबोगरीबबयान देती हैं, तो कभी जहां फाइल पर कहोगे, मैं अंगूठा लगा दूंगी जैसे गैर जिम्मेदार वक्तव्य। उन्होंने कहा कि इन बयानों से साफ है कि रेखा गुप्ता नदिल्ली को समझती हैं और न ही जनता की तकलीफ़ों के प्रति गंभीर हैं। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव से पहले जनता को सपने दिखाना और जीत केबाद चुप्पी साध लेना, भाजपा सरकार की पुरानी आदत बन चुकी है। प्रदूषण, टूटे रास्ते, गंदगी, कूड़े के पहाड़, बदहाल बस व्यवस्था—हर मुद्दे परसरकार सिर्फ बयान देती रही, लेकिन कोई ठोस काम नहीं किया गया।
कूड़े को कहो तुम्हें जाना होगा कांग्रेस की नई जन जागरूकता मुहिम
देवेन्द्र यादव ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे मुख्यमंत्री के कूड़े के पहाड़ से बोलना तुम्हें जाना होगा वाले बयान की तर्ज पर एक अभियानचलाएं। उन्होंने कहा कि सभी कार्यकर्ता अपने गली-मोहल्लों में जाकर कूड़े, प्रदूषण, टूटी सड़कों और गंदगी को प्रतीकात्मक रूप से कहें कि तुम्हें जानाहोगा। उनका कहना था कि सिर्फ बोलने से दिल्ली की समस्याएँ हल नहीं होंगी, बल्कि जमीनी स्तर पर काम करने से ही बदलाव आएगा। यह मुहिमजनता के बीच जागरूकता बढ़ाने और सरकार की लापरवाही उजागर करने के लिए शुरू की जा रही है।
काज़ी निज़ामुद्दीन का बयान मुख्यमंत्री ने पद की गरिमा खो दी है
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के दिल्ली प्रभारी काज़ी निज़ामुद्दीन ने कहा कि रेखा गुप्ता अपनी लम्बी जबान के कारण न सिर्फ अपने पद की गरिमाको ठेस पहुंचा रही हैं, बल्कि दिल्ली की जनता की सेवा करने की जिम्मेदारी भी निभाने में विफल साबित हुई हैं। उन्होंने कहा कि जनता लगातार पानी, प्रदूषण, बसों की कमी, सड़कों की हालत जैसी समस्याओं से जूझ रही है। लेकिन मुख्यमंत्री इन समस्याओं का समाधान ढूंढने के बजाय, सिर्फबयानबाज़ी में लगी रहती हैं। यही कारण है कि दिल्ली में हर दिन जनता की परेशानी बढ़ती जा रही है।
कांग्रेस की परमिशन रद्द करने से भाजपा की घबराहट उजागर
देवेन्द्र यादव ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस और कार्यक्रमों की परमिशन लगातार रद्द की गई है। यह साफ संकेत है किभाजपा सरकार अपनी नाकामियों को उजागर होते नहीं देखना चाहती। विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिशें भाजपा की घबराहट और लोकतंत्रके प्रति उनकी सोच को उजागर करती हैं।
महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की बढ़ती परेशानियाँ
देवेन्द्र यादव ने कहा कि महिलाएं 2500 रुपये की मासिक सहायता और 500 रुपये में सिलेंडर के वादे पर भरोसा करके भाजपा को सत्ता में लाई थीं।लेकिन सत्ता में आने के बाद भाजपा ने अपने लगभग सभी वादों पर चुप्पी साध ली। इसके साथ ही दिल्ली की यमुना दिन-ब-दिन जहरीली होती जारही है, प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है, और ट्रांसपोर्ट व्यवस्था पहले से भी बदतर हो चुकी है। शहर में जगह-जगह कूड़े के पहाड़ और गंदगीफैली है। इन समस्याओं के लिए भाजपा जितनी जिम्मेदार है, उतनी ही आम आदमी पार्टी भी है।
निगम उपचुनावों पर नज़र—जनता देगी असली जवाब
काज़ी निज़ामुद्दीन ने कहा कि 12 वार्डों के इन उपचुनावों में भले ही सरकार न बदले, लेकिन जनता यह जरूर दिखा सकती है कि वह भाजपा और आमआदमी पार्टी की नाकामियों से तंग आ चुकी है। उन्होंने कहा कि अगर जनता कांग्रेस को जीत दिलाती है, तो पूरे शहर में एक संदेश जाएगा कि अबजनता दोनों पार्टियों से निराश हो चुकी है और बदलाव चाहती है।
कांग्रेस ने खोला भाजपा के झूठे वादों का पर्दाफाश
इस पूरे कार्यक्रम और बयानों के माध्यम से कांग्रेस ने साफ किया कि दिल्ली में भाजपा और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सिर्फ बयान देती हैं, लेकिन जनताकी तकलीफों पर कोई काम नहीं करतीं। बढ़ता प्रदूषण, कूड़े के पहाड़, टूटी सड़कें, महिलाओं और बुजुर्गों की समस्याएँ इन सभी को लेकर कांग्रेस अबजनता के साथ संघर्ष करेगी।