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दिल्ली में वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर हुआ भव्य कार्यक्रम
दिल्ली नगर निगम ने राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया। यह कार्यक्रम देशभक्ति, शिक्षा और तकनीक के संगम का प्रतीक बना। इस अवसर पर दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद, दिल्ली के महापौर सरदार राजा इकबाल सिंह, उपमहापौर जय भगवान यादव, स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा, शिक्षा समिति के अध्यक्ष योगेश वर्मा, और निगम आयुक्त अश्वनी कुमार सहितकई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में दिल्ली नगर निगम के शिक्षा विभाग द्वारा स्कूल वेब ऐप का अनावरण किया गया, जो शिक्षा के क्षेत्रमें एक नया और ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।

शिक्षा मंत्री आशीष सूद बोले सरकारी स्कूलों को फिर से गौरवशाली बनाएंगे
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित आशीष सूद, शिक्षा मंत्री, दिल्ली सरकार ने कहा कि यह दिन इतिहास में दर्ज होने योग्य है। उन्होंने कहा-आज वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के साथ-साथ स्कूल वेब ऐप का शुभारंभ एक नए युग की शुरुआत है। यह ऐप भारत की शिक्षा व्यवस्था मेंडिजिटल क्रांति लाने वाला साबित होगा। हमारा लक्ष्य है कि आने वाले समय में आपके पोते-पोतियां भी गर्व से सरकारी स्कूलों में पढ़ें। सूद ने कहाकि दिल्ली सरकार की मंशा है कि हर सरकारी स्कूल को स्मार्ट क्लास से जोड़ा जाए। आने वाले समय में सभी स्कूलों में आईसीटी लैब, भाषा लैबऔर एआई आधारित शिक्षा प्रणाली लागू की जाएगी। उन्होंने बताया कि अब बच्चों की उपस्थिति चेहरा पहचान प्रणाली से होगी और शिक्षकों काप्रशिक्षण भी एआई के माध्यम से होगा। सूद ने यह भी कहा कि
दिल्ली नगर निगम और सरकार मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी स्कूल को आर्थिक कमी का सामना न करना पड़े। हमारे शिक्षक सबसेप्रतिभाशाली हैं और हम उन्हें हर तकनीकी सुविधा देंगे।

महापौर सरदार राजा इकबाल सिंह ने किया राष्ट्रगीत को नमन
दिल्ली के महापौर सरदार राजा इकबाल सिंह ने कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत माता के प्रति समर्पण, श्रद्धा और गर्व कीप्रतीक है। उन्होंने कहा कि बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा रचित यह गीत देश की आत्मा में बसता है और हमें अपनी मातृभूमि के प्रति कर्तव्य याद दिलाता है।उन्होंने कहा आज का समय तकनीक और नवाचार का है। शिक्षा ही वह क्षेत्र है जहां हम नई सोच और आधुनिक तकनीक को जोड़ सकते हैं।
महापौर ने बताया कि अब अभिभावक भी स्कूल वेब ऐप के माध्यम से अपने बच्चों की प्रगति रिपोर्ट, उपस्थिति और गृहकार्य एक क्लिक में देखसकेंगे। इससे शिक्षा व्यवस्था अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी।

शिक्षा समिति के अध्यक्ष योगेश वर्मा ने बताया सरकारी स्कूल अब निजी स्कूलों से बेहतर
शिक्षा समिति के अध्यक्ष योगेश वर्मा ने कहा कि आज का दिन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश के गौरव की याद दिलाने वाला अवसर है।उन्होंने कहा,हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि बच्चों को तकनीक के साथ आगे बढ़ाना है। इस दिशा में स्कूल वेब ऐप एक बड़ा कदम है जोस्कूलों की गतिविधियों को और प्रभावशाली बनाएगा। उन्होंने गर्व से कहा कि आज दिल्ली नगर निगम के विद्यालय किसी भी मायने में निजीविद्यालयों से पीछे नहीं हैं। हमारे शिक्षक अधिक प्रतिभाशाली और योग्य हैं क्योंकि वे कड़े चयन प्रक्रिया से होकर यहां पहुंचे हैं। योगेश वर्मा ने बतायाकि स्कूलों के रखरखाव और मरम्मत के लिए 18 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं, जिससे हर विद्यालय को 1 से 1.5 लाख रुपये मिलेंगे। इसके अलावाशिक्षण सामग्री और बॉयज फंड के लिए भी राशि दी जाएगी।

निगम आयुक्त अश्वनी कुमार बोले हर बच्चे तक पहुंचे वंदे मातरम् की भावना
दिल्ली नगर निगम के आयुक्त अश्वनी कुमार ने कहा कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने वंदे मातरम् के माध्यम से देश को मां का दर्जा दिया। उन्होंने कहाहम सबको इस गीत के अर्थ को समझना और बच्चों तक पहुंचाना चाहिए। आने वाले एक वर्ष में हम यह सुनिश्चित करेंगे कि हर बच्चा वंदे मातरम् कोगाए और उसके भाव को समझे। आयुक्त ने बताया कि यह वेब ऐप पूरी तरह दिल्ली नगर निगम द्वारा विकसित किया गया है, जो बहुत ही सरल औरउपयोग में आसान है। छोटे बच्चे भी इसे आसानी से चला सकेंगे। इस ऐप की मदद से शिक्षा में पारदर्शिता बढ़ेगी और माता-पिता को बच्चों कीपढ़ाई की वास्तविक जानकारी मिल सकेगी। उन्होंने कहा हमारा उद्देश्य केवल पढ़ाना नहीं, बल्कि बच्चों के अंदर देशभक्ति और नैतिकता की भावनापैदा करना है।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सजी शाम
इस अवसर पर छात्रों ने देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में उपस्थित स्टार पैरेंट्स को सम्मानित किया गया और उन्हेंपरिचय पत्र भी वितरित किए गए। कार्यक्रम का माहौल गर्व, उमंग और देशभक्ति से भरा हुआ था। मंच पर उपस्थित हर व्यक्ति ने वंदे मातरम् केजयघोष से कार्यक्रम को एकता और गर्व का उत्सव बना दिया।

शिक्षा और तकनीक का नया संगम
यह कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं था, बल्कि यह इस बात का प्रतीक था कि अब दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह डिजिटल औरआधुनिक बनने की ओर बढ़ रही है। स्कूल वेब ऐप के ज़रिए माता-पिता, शिक्षक और छात्र तीनों एक ही प्लेटफॉर्म पर जुड़ेंगे। इससे शिक्षा मेंपारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही बढ़ेगी।








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