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जनकपुरी से शुरू हुई आधुनिक ‘डोर-टू-डोर वेस्ट कलेक्शन एवं सेकेंडरी ट्रांसपोर्टेशन’ परियोजना, लाखों परिवारों को मिलेगा लाभ

नई दिल्ली, 23 जुलाई 2026।

सरिता साहनी

दिल्ली को साफ, सुंदर और स्वच्छ बनाने की दिशा में दिल्ली सरकार और दिल्ली नगर निगम ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जनकपुरी के पंखा रोड से ‘डोर-टू-डोर वेस्ट कलेक्शन एवं सेकेंडरी ट्रांसपोर्टेशन’ परियोजना का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने आधुनिक कचरा संग्रहण वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सरकार का कहना है कि अब घर-घर से समय पर कचरा उठाया जाएगा और लोगों को पहले से बेहतर सफाई सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली को स्वच्छ, सुंदर और प्रदूषण मुक्त बनाना सरकार की प्राथमिकता है। नई परियोजना से न केवल सफाई व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि लोगों को भी साफ वातावरण मिलेगा।

कार्यक्रम में कई मंत्री और अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर दिल्ली के शहरी विकास मंत्री आशीष सूद, पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा, दिल्ली के महापौर प्रवेश वाही, पश्चिमी जोन के अध्यक्ष हरीश ओबेरॉय, स्थानीय पार्षद उर्मिला चावला, निगम आयुक्त संजीव खिरवार, निगम के वरिष्ठ अधिकारी, सफाई कर्मचारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। सभी ने इस नई परियोजना का स्वागत किया और इसे दिल्ली की सफाई व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया।

क्या है यह नई योजना?
नई योजना के तहत हर घर से तय समय पर कचरा उठाया जाएगा। पहले कई इलाकों में लोगों को कचरा उठाने वाली गाड़ी का इंतजार करना पड़ता था या फिर कचरा खुले स्थानों पर जमा हो जाता था। इससे गंदगी और बदबू फैलती थी। अब नई व्यवस्था में कचरा सीधे लोगों के घरों से लिया जाएगा। इसके बाद आधुनिक वाहनों के माध्यम से उसे वैज्ञानिक तरीके से कचरा प्रबंधन केंद्र तक पहुंचाया जाएगा। इससे सड़क किनारे कूड़ा जमा होने की समस्या काफी कम होने की उम्मीद है।

रेखा गुप्ता ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार हर नागरिक को बेहतर सुविधाएं देने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था से सफाई का स्तर पहले से कहीं बेहतर होगा।
उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि दिल्ली का हर मोहल्ला, हर गली और हर सड़क साफ दिखाई दे। इसके लिए आधुनिक मशीनों और नई तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य और बेहतर जीवन से भी जुड़ी हुई है।

लाखों परिवारों को होगा सीधा फायदा
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह योजना पश्चिमी दिल्ली के 25 वार्डों में लागू की जाएगी। इससे लगभग 4 लाख 50 हजार परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि पहले चरण में 6 वार्डों में यह व्यवस्था शुरू कर दी गई है। इसके बाद 31 अगस्त 2026 तक बाकी 19 वार्डों में भी यह सुविधा शुरू कर दी जाएगी।
इसके बाद लोगों को नियमित और समय पर कचरा उठाने की सुविधा मिलेगी।

पूरी दिल्ली में लागू होगी व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की योजना केवल पश्चिमी दिल्ली तक सीमित नहीं है। आने वाले समय में इसी तरह की व्यवस्था पूरी दिल्ली में लागू की जाएगी। उन्होंने कहा कि राजधानी के हर क्षेत्र में रहने वाले लोगों को समान और बेहतर सफाई सुविधा मिलनी चाहिए। इसलिए चरणबद्ध तरीके से पूरे शहर में यह योजना लागू की जाएगी।

पुरानी समस्याओं को किया जाएगा दूर
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले नगर निगम के पास पर्याप्त वाहन और आधुनिक मशीनें नहीं थीं। कई जगहों पर पुराने वाहन खराब हो जाते थे, जिससे समय पर कचरा नहीं उठ पाता था। उन्होंने कहा कि अब सरकार नगर निगम को अधिक आर्थिक सहायता दे रही है। नए वाहन खरीदे जा रहे हैं और आधुनिक मशीनें उपलब्ध कराई जा रही हैं ताकि सफाई व्यवस्था पहले से अधिक मजबूत हो सके।

आधुनिक तकनीक से होगी निगरानी
नई परियोजना में केवल वाहन ही नहीं बढ़ाए गए हैं, बल्कि पूरी व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ा गया है। सभी वाहनों में जीपीएस प्रणाली होगी, जिससे उनकी हर समय निगरानी की जा सकेगी। इसके अलावा केंद्रीय नियंत्रण कक्ष, मोबाइल ऐप, सीसीटीवी कैमरे और हेल्पलाइन के माध्यम से भी पूरी व्यवस्था पर नजर रखी जाएगी। यदि किसी क्षेत्र में समय पर कचरा नहीं उठेगा तो उसकी जानकारी तुरंत अधिकारियों तक पहुंच जाएगी।

आशीष सूद ने क्या कहा?
शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने कहा कि यह परियोजना दिल्ली की सफाई व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाएगी। उन्होंने कहा कि घर-घर से समय पर कचरा उठाने के साथ-साथ लोगों की शिकायतों का भी जल्दी समाधान किया जाएगा। नई तकनीक के कारण पूरी व्यवस्था अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी।

मनजिंदर सिंह सिरसा ने कही यह बात
पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि अब कई इलाकों में दिन में दो बार कचरा उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सुबह और शाम दोनों समय सफाई होने से गंदगी कम होगी और लोगों को साफ वातावरण मिलेगा। इससे बीमारियों के फैलने का खतरा भी कम होगा।

महापौर प्रवेश वाही का बयान
दिल्ली के महापौर प्रवेश वाही ने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य केवल कचरा उठाना नहीं है, बल्कि पूरे शहर को स्वच्छ और स्वस्थ बनाना है। उन्होंने कहा कि लोगों को भी कचरे को अलग-अलग रखने की आदत अपनानी चाहिए। इससे गीले और सूखे कचरे का सही तरीके से निपटान किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था से सफाई कर्मचारियों का काम भी आसान होगा और लोगों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी।

‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में लगाया पौधा
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण भी किया। उन्होंने लोगों से अपील की कि हर व्यक्ति कम से कम एक पौधा जरूर लगाए। उन्होंने कहा कि साफ-सफाई और हरियाली दोनों मिलकर दिल्ली को बेहतर बनाएंगे।

कूड़े के पहाड़ खत्म करने पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री और महापौर ने कहा कि दिल्ली के ओखला, भलस्वा और गाज़ीपुर डंपिंग स्थलों पर तेजी से काम किया जा रहा है। बायोमाइनिंग और कचरा प्रसंस्करण की मदद से इन कूड़े के पहाड़ों को धीरे-धीरे खत्म किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में दिल्ली को बड़े कूड़े के ढेरों से राहत मिले।

नई परियोजना में क्या-क्या शामिल है?
इस परियोजना के तहत बड़ी संख्या में आधुनिक वाहन और मशीनें शामिल की गई हैं। इनमें 225 ई-रिक्शा, 550 मिनी टिप्पर, 52 कॉम्पेक्टर, 41 हुक लोडर, 28 टाटा 407 वाहन, 10 डम्पर, 6 बिन वॉशर और 123 आधुनिक कचरा संग्रहण बिन शामिल हैं। इसके अलावा पुराने ढलावों की जगह आधुनिक और साफ फिक्स्ड कॉम्पैक्शन ट्रांसफर स्टेशन बनाए जा रहे हैं, जहां कचरे का बेहतर तरीके से प्रबंधन किया जाएगा।

लोगों से भी की गई अपील
सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे कचरा इधर-उधर न फेंकें और सफाई कर्मचारियों का सहयोग करें। लोगों से कहा गया है कि गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखें ताकि उसका सही तरीके से निपटान हो सके। सरकार का मानना है कि केवल सरकारी प्रयासों से ही नहीं, बल्कि जनता के सहयोग से भी दिल्ली को पूरी तरह स्वच्छ बनाया जा सकता है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा शुरू की गई ‘डोर-टू-डोर वेस्ट कलेक्शन एवं सेकेंडरी ट्रांसपोर्टेशन’ परियोजना राजधानी की सफाई व्यवस्था को नई दिशा देने वाली पहल मानी जा रही है। सरकार का कहना है कि इस योजना से लाखों परिवारों को लाभ मिलेगा, घर-घर से समय पर कचरा उठेगा, गंदगी कम होगी, बीमारियों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी और दिल्ली को स्वच्छ, सुंदर, हरित तथा विकसित राजधानी बनाने के लक्ष्य को नई गति मिलेगी। आने वाले समय में इस व्यवस्था को पूरी दिल्ली में लागू करने की योजना है, जिससे राजधानी के हर नागरिक को बेहतर और आधुनिक सफाई सेवाएं मिल सकें।

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