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दिल्ली विधानसभा चुनाव में अब महज 27 दिन बाकी हैं, और आम आदमी पार्टी की ओर से चुनाव आयोग को एक और पत्र भेजा गया है। दिल्ली कीमुख्यमंत्री और पार्टी की सीनियर नेता आतिशी ने 7 जनवरी को मुख्य चुनाव आयुक्त को दूसरा पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने तत्काल मुलाकात कासमय मांगा है। उनका कहना है कि इस चुनाव को लेकर देश और मीडिया की नजरें दिल्ली पर हैं, और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए आयोगसे मुलाकात जरूरी है।
सीएम आतिशी ने फिर से मुख्य चुनाव आयुक्त से समय मांगा
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार को 7 जनवरी को भेजे गए पत्र में सीएम आतिशी ने जोर देते हुए कहा कि चुनाव आयोग से मिलने के लिए समयदेने में कोई ऐतराज नहीं होना चाहिए, क्योंकि दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर सिर्फ 27 दिन बाकी हैं। उन्होंने पत्र में लिखा, “दिल्ली विधानसभाचुनाव के लिए समय कम बचा है और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए हमारी मुलाकात अत्यंत आवश्यक है।”
आतिशी ने चुनाव आयोग से मुलाकात की मांग करते हुए कहा कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर विचार-विमर्श और उचित दिशा-निर्देशों की आवश्यकताहै। उन्होंने कहा कि इस समय दिल्ली में एकमात्र चुनाव हो रहे हैं, इसलिए इस चुनाव पर पूरे देश और मीडिया की नजर है और यह चुनाव की प्रक्रियाको लेकर स्पष्टता और निष्पक्षता बनाए रखना और भी महत्वपूर्ण हो जाता है।
5 जनवरी को भेजा गया था पहला पत्र
सीएम आतिशी ने 5 जनवरी को भी मुख्य चुनाव आयुक्त को एक पत्र भेजा था, जिसमें उन्होंने दिल्ली की नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं केनाम काटे जाने और जोड़े जाने की प्रक्रिया पर चिंता जताई थी। आतिशी ने पत्र में आरोप लगाया था कि इस प्रक्रिया से चुनाव परिणामों पर असर पड़सकता है और यह चुनाव की निष्पक्षता को चुनौती देने वाला कदम हो सकता है।
उन्होंने चुनाव आयोग से अनुरोध किया था कि इस मुद्दे को प्राथमिकता पर लिया जाए और आयोग को इससे संबंधित जानकारी दी जाए। उनकाकहना था कि यह मुद्दा दिल्ली के चुनावी क्षेत्र के दायरे से बाहर है और इसे केंद्रीय स्तर पर ही सुलझाया जाना चाहिए।

पत्र में उठाए गए सवाल
सीएम आतिशी ने अपने दूसरे पत्र में विस्तार से बताया कि उनके पहले पत्र के जवाब में दिल्ली चुनाव कार्यालय से सिर्फ यह सूचना प्राप्त हुई थी किवह इस मुद्दे की जांच कर रहे हैं। उन्होंने लिखा, “इस मामले में व्यक्तिगत रूप से बातचीत करने के लिए मैंने पहले ही समय मांगा था, क्योंकि यह एकजटिल मामला है और इसे स्थानीय चुनाव अधिकारियों से अधिक केंद्रीय स्तर पर सुलझाने की आवश्यकता है।”
उन्होंने आयोग को याद दिलाया कि अब चुनाव में कम समय बचा है, और ऐसे में इस मुद्दे को सर्वोच्च प्राथमिकता पर हल किया जाना चाहिए।आतिशी ने यह भी कहा कि इस समय देश के मीडिया का पूरा ध्यान दिल्ली चुनावों पर है और इसलिए चुनाव आयोग की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।

स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के प्रति आतिशी का विश्वास
अपने पत्र में सीएम आतिशी ने चुनाव आयोग पर विश्वास जताया और कहा कि दिल्ली में निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनावों के लिए आयोग का महत्वपूर्णयोगदान होगा। उन्होंने लिखा, “हम भारतीय चुनाव आयोग पर विश्वास करते हैं और उम्मीद करते हैं कि आयोग आगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव कोस्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराएगा।”

आतिशी ने पत्र में यह भी कहा कि दिल्ली चुनावों के दौरान सुरक्षा, मतदान प्रक्रिया और अन्य संबंधित पहलुओं पर पूरी पारदर्शिता बनाए रखना बहुतजरूरी है। उन्होंने आयोग से निवेदन किया कि वे इस संबंध में जल्द से जल्द मुलाकात का समय दें ताकि चुनाव की प्रक्रिया में कोई भी समस्या न होऔर सुनिश्चित किया जा सके कि चुनाव पूरी तरह से निष्पक्ष रूप से हो।
दिल्ली चुनाव की संवेदनशीलता
दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर आतिशी का यह पत्र और उनका चुनाव आयोग से मिलकर चर्चा करने का अनुरोध दिल्ली के चुनावी माहौल कोऔर भी संवेदनशील बनाता है। दिल्ली चुनाव में विवादास्पद मुद्दों, मतदाताओं की सूची में बदलाव और अन्य प्रशासनिक पहलुओं को लेकर कई बारसवाल उठ चुके हैं। यही कारण है कि आम आदमी पार्टी इस बार दिल्ली चुनाव आयोग से पूरी तरह से स्पष्टता चाहती है ताकि किसी भी प्रकार केसंदेह को दूर किया जा सके और चुनाव में निष्पक्षता बनी रहे।
चुनाव आयोग की जवाबदेही
मुख्य चुनाव आयुक्त को लिखे गए पत्र में आतिशी ने यह भी साफ किया है कि इस मामले में किसी प्रकार की लापरवाही या देरी से चुनाव कीनिष्पक्षता पर सवाल उठ सकते हैं। ऐसे में आयोग को अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए इस मुद्दे पर शीघ्र ध्यान देने की जरूरत है। सीएम आतिशी ने पत्र मेंलिखा कि दिल्ली चुनाव अब महत्वपूर्ण मोड़ पर हैं और चुनाव आयोग की भूमिका बहुत अहम हो गई है।
क्या कहता है चुनाव आयोग?
चुनाव आयोग ने अभी तक सीएम आतिशी के पत्र पर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि आयोग मामले की गंभीरताको समझते हुए आवश्यक कदम उठाएगा। दिल्ली चुनाव को लेकर आयोग द्वारा पहले ही कई सुरक्षा उपायों और चुनावी प्रक्रियाओं की समीक्षा कीजा चुकी है। हालांकि, अब जब चुनाव में सिर्फ कुछ दिन रह गए हैं, तो यह जरूरी हो जाता है कि सभी विवादों और चिंताओं को तुरंत हल किया जाएताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी से बचा जा सके।

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