
ऐतिहासिक अवसर पर विशेष आयोजन
दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने एक विशेष और भावपूर्ण समारोह का आयोजन किया। इस समारोह का उद्देश्य था देश के दो महानायकों केंद्रीयविधान सभा के पहले निर्वाचित अध्यक्ष विठ्ठलभाई झावेरभाई पटेल की 152वीं जयंती और शहीद-ए-आजम भगत सिंह की 118वीं जयंती पर उन्हेंयाद करना और उनकी विरासत को नमन करना। विधानसभा के प्रांगण में आयोजित इस पुष्पांजलि समारोह में सभी ने मिलकर इन दोनों महानविभूतियों को श्रद्धा-सुमन अर्पित किए।
मोहन सिंह बिष्ट की उपस्थिति और संबोधन
इस कार्यक्रम में विधानसभा उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट भी उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि विठ्ठलभाई पटेल ने भारतीय संसदीय परंपराओं की नींवईमानदारी और निर्भीकता के साथ रखी थी। उन्होंने ऐसे फैसले लिए जिन्होंने उस समय अंग्रेज़ शासकों को भी आश्चर्यचकित कर दिया था। वहीं शहीदभगत सिंह ने अपने जीवन का हर क्षण भारत माता की स्वतंत्रता के लिए समर्पित कर दिया और अंतिम क्षण तक देश की आज़ादी के लिए संघर्ष करतेरहे। श्री बिष्ट ने कहा कि इन दोनों महापुरुषों का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है और हमें लोकतंत्र की रक्षा करने और देशहित में निस्वार्थकार्य करने की सीख देता है।
विठ्ठलभाई पटेल की विरासत
विठ्ठलभाई झावेरभाई पटेल भारतीय लोकतंत्र के सच्चे पुरोधा माने जाते हैं। वे केंद्रीय विधान सभा के पहले भारतीय अध्यक्ष थे और अपने कार्यकाल मेंउन्होंने कई ऐतिहासिक निर्णय लिए। उन्होंने दिखा दिया कि भारतीय जनता अपनी संसदीय परंपराओं को कितनी मजबूती से आगे बढ़ा सकती है।उनके निर्णय इतने प्रभावशाली थे कि अंग्रेज़ शासकों को भी उनके सामने झुकना पड़ा। महात्मा गांधी के आह्वान पर उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन मेंसक्रिय भाग लिया और स्वतंत्रता संग्राम को मज़बूती प्रदान की। उनके जीवन का हर कार्य भारत के लोकतांत्रिक इतिहास की अमूल्य धरोहर है।
भगत सिंह का बलिदान
शहीद भगत सिंह भारत की स्वतंत्रता के ऐसे नायक थे जिन्होंने युवाओं के दिलों में क्रांति की लौ प्रज्वलित की। उनका त्याग, साहस और देशभक्तिआने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शन बन गया। 1929 में जब दिल्ली विधानसभा भवन से सटे कक्ष में उन्होंने और बटुकेश्वर दत्त ने बम फेंककरब्रिटिश हुकूमत के दमनकारी कानूनों का विरोध किया, तब यह भवन स्वतंत्रता संग्राम का गवाह बना। भगत सिंह का सपना था एक ऐसा भारत जहाँसबको न्याय और समानता मिले। उनकी यह सोच आज भी लाखों युवाओं को प्रेरित करती है।
विद्यार्थियों की विशेष भागीदारी
इस समारोह के अवसर पर साकेत स्थित रेड रोज़ेस पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने भी विधानसभा का दौरा किया। उन्होंने यहाँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीकी प्रदर्शनी सेवा ही संकल्प, राष्ट्र प्रथम ही प्रेरणा 75 वर्ष, एक अनुभव और एक प्रदर्शनी देखी। इसके साथ ही विद्यार्थियों ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदीके बचपन और उनके संघर्षपूर्ण जीवन पर आधारित लघु फ़िल्म चलो जीते हैं का भी अवलोकन किया। इस अनुभव से छात्रों को भारत के विकास कीयात्रा और लोकतंत्र की महत्ता को समझने का अवसर मिला। विधानसभा भवन का भ्रमण कर विद्यार्थियों ने भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था औरस्वतंत्रता संग्राम की गहराई को नज़दीक से जाना।
समारोह का महत्व
यह कार्यक्रम केवल श्रद्धांजलि का अवसर नहीं था, बल्कि यह हमें भारत के उन महान सपूतों की याद भी दिलाता है जिन्होंने लोकतंत्र और स्वतंत्रता कीराह को मजबूत किया। दिल्ली विधानसभा ने इस अवसर पर संकल्प लिया कि विठ्ठलभाई पटेल और भगत सिंह की विचारधारा और उनके आदर्शों कोहमेशा संरक्षित रखा जाएगा। उनका त्याग, साहस और देशभक्ति हमें निरंतर राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करते रहेंगे।