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खुफिया एजेंसियों की जांच के दौरान पहलगाम हमले में दो पाकिस्तानी आतंकियों हाशिम मूसा उर्फ सुलेमान और अली भाई के शामिल होने कीजानकारी सामने आई है. इनमें से हाशिम मूसा पाकिस्तानी फौज की स्पेशल फोर्स का पैरा कमांडो रहा है और अब प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-ताइबा का सदस्य है. वह पिछले साल अक्तूबर में गंदरबल और बारामूला हमले में भी शामिल था. खुफिया एजेंसियों को पता चला है कि वहदिसंबर से कश्मीर में गैर-कश्मीरियों पर किसी बड़े हमले की फिराक में था. हमलावरों में शामिल हाशिम मूसा का कनेक्शन सीधे तौर पर पाकिस्तानीसुरक्षा बलों से रहा है. पाकिस्तानी सेना के स्पेशल सर्विस ग्रुप (एसएसजी) ने पैरा-कमांडो रहे मूसा को भारत पर हमले में मदद करने के इरादे से हीलश्कर में शामिल कराया था. हाशिम मूसा अक्तूबर 2024 में गांदरबल के गगनगिर और बारामूला के बूटा पथरी में हुए आतंकी हमलों में भी हाशिममूसा शामिल रहा है.

दहशतगर्दों ने बनाया था निशाना
गगनगिर में छह गैर-स्थानीय लोग और एक डॉक्टर दहशतगर्दों का निशाना बने थे और बूटा पथरी में दो भारतीय सैन्यकर्मी बलिदान हो गए और दोपोर्टर को भी अपनी जान गंवानी पड़ी थी. इन घटनाओं में पाकिस्तान में प्रशिक्षित दो स्थानीय आतंकियों जुनैद अहमद और अरबाज मीर का नाम सामनेआया था जिन्हें नवंबर और दिसंबर 2024 में सुरक्षा बलों ने अलग-अलग मुठभेड़ों में मार गिराया था. इसके बाद से ही मूसा कश्मीर घाटी में बड़े हमलेकी तैयारी में जुट गया था.मूसा के पाकिस्तानी सेना से जुड़े होने की जानकारी पहलगाम हमले के बाद हिरासत में लिए गए संदिग्ध ओवरग्राउंड वर्कर्स(ओजीडब्ल्यू) यानी आतंकियों के स्थानीय सहयोगियों से पूछताछ के दौरान सामने आई है। इस तथ्य ने एक बार फिर पाकिस्तान का नापाक चेहराउजागर कर दिया है. इन्हीं कश्मीरी ओवरग्राउंड वर्कर्स ने उन आतंकियों की रसद की व्यवस्था करके और टोही में मदद की थी पहलगाम आतंकी हमलेमें आईएसआई की भूमिका के साथ-साथ कश्मीर में पहले हुए कई हमलों में भी मूसा की भूमिका रही है.

कश्मीर में पहले का आतंकी हमला
कश्मीर में अक्टूबर 2024 में गांदरबल के गागनगीर में हुए हमले में शामिल था. इसमें छह गैर-स्थानीय लोग और एक डॉक्टर मारे गए थे इसके अलावाबारामूला के बुटा पथरी में हुए हमले में दो सेना के जवान और दो सेना के पोर्टर मारे गए थे इस हमले में मूसा की भूमिका रही है.भारतीय सुरक्षाएजेंसियों का मानना है कि मूसा का सैन्य अतीत पहलगाम हमले में पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई की संलिप्तता का स्पष्ट सबूत है. यह पहलामौका नहीं जब किसी पाकिस्तानी एसएसजी कमांडो की इस तरह की घटना में संलिप्तता सामने आई है. एसएसजी पैरा-कमांडो को गैर-परंपरागत युद्धका कड़ा प्रशिक्षण दिया जाता है. उन्हें ऐसे हमलों के लिए शारीरिक और मानसिक तौर पर तैयार किया जाता है और ये अत्याधुनिक हथियार चलाने मेंभी सक्षम होते हैं.मूसा तीनों हमलों में एक आम अपराधी के रूप में उभरा है पाकिस्तान में प्रशिक्षित दो अन्य स्थानीय आतंकवादी जुनैद अहमद भट औरअरबाज मीर भी गगनगीर और बूटा पथरी हमलों में शामिल थे. लेकिन नवंबर और दिसंबर 2024 में सुरक्षा बलों के साथ अलग-अलग मुठभेड़ों में उन्हेंमार गिराया गया था. इन दोनों आतंकियों को मारे जाने से बाद से मूसा कश्मीर में बाहरी लोगों को निशाना बनाने के आतंकी मिशन को आगे बढ़ाने काकाम कर रहा है.

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