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इस साल दिल्ली में 200 से अधिक साफ़ हवा वाले दिन देखे गए जो की पिछले एक दशक में सबसे एक प्रदर्शनों में से एक है और साल ख़त्म होनेतक सबसे अच्छा होने का भी रिकॉर्ड बना सकता है।

दीपावली पर प्रदूषण का स्तर पहले से कम रहा — AQI 2020 में 462, 2024 में 360 और 2025 में मात्र 351।

दिल्ली के मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता जी के नेतृत्व में दिल्ली सरकार के सात महीनों में 27 लाख मीट्रिक टन कूड़ा हटाया गया, 500 वर्गमीटर सेअधिक निर्माण स्थलों की सख्त मॉनिटरिंग, साथ ही इलेक्ट्रिक/CNG बसों की फ्लीट में कई गुना बढ़ोतरी की गई। 8% नए वाहनों के रजिस्ट्रेशनऔर 21% कंस्ट्रक्शन कार्य और 10/15 साल पुराने वाहनों के चलने के बावजूद भी पूरे साल प्रदूषण नियंत्रित रहा है

27 साल की बीमारियों को हमने सात महीनों में ठीक करना शुरू किया है — अब दिल्ली की हवा में सुधार दिखने लगा है।” — पर्यावरण मंत्री श्रीसिरसा
माननीय मंत्री ने विपक्ष पर “धर्म की गंदी राजनीति” करने का आरोप लगाया — “दीपावली भारत की आत्मा का त्योहार है, इसे राजनीति से जोड़नापाप है।”

नई दिल्ली, 21 अक्तूबर 2025
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री श्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने आज एक प्रेस वार्ता में कहा कि “आम आदमी पार्टी की पंजाब सरकार जानबूझकर दिल्ली कीहवा को प्रदूषित करने की साजिश रच रही है।”

मंत्री ने कहा कि पिछले चार दिनों में पंजाब में पराली जलाने की घटनाएँ अचानक बढ़ गई हैं और यह कोई संयोग नहीं है। “पंजाब के किसानो कोपराली जलाने के लिए मजबूर किया जा रहा है। यह दिल्ली की हवा को गंदा करने की सुनियोजित राजनीति है ताकि कहा जा सके कि दिल्ली सरकारअसफल है।”

श्री सिरसा ने विपक्ष के धार्मिक बयानों की तीखी निंदा करते हुए कहा, “अरविंद केजरीवाल जी और उनकी टीम दीपावली जैसे पावन पर्व को राजनीतिसे जोड़ रहे हैं। दीपावली किसी राजनीतिक पार्टी का त्यौहार नहीं है — यह भारत की आत्मा का त्योहार है। जो लोग इसे पाप बता रहे हैं, वे धर्म औरसमाज दोनों के साथ अन्याय कर रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी धर्म के नाम पर समाज को बाँटने की कोशिश कर रही है। “पहले पटाखों पर बैन लगाकर एक वर्ग को खुश कियागया, अब दीपावली मनाने वालों को ‘पापी’ कहा जा रहा है — यह वही लोग हैं जो विधानसभा में भगवान श्रीराम के विरोध में आवाज उठाते थे।”

प्रदूषण पर तथ्य आधारित जवाब
मंत्री ने बताया कि दीपावली के बाद भी दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर रहा।

• 2020 में दीपावली के बाद AQI: 462
• 2024 में (AAP शासनकाल में): 360
• 2025 में (वर्तमान सरकार के तहत): 351

“यह साबित करता है कि पटाखे प्रदूषण का प्रमुख कारण नहीं हैं। हमने कानून का पालन करते हुए दीपावली मनाई और हवा की गुणवत्ता नियंत्रण मेंरखी,” श्री सिरसा ने कहा।

उन्होंने बताया कि दिल्ली में प्रदूषण घटाने के लिए सरकार ने ठोस कदम उठाए हैं —
अब तक 27 लाख मीट्रिक टन कूड़ा हटाया जा चुका है, लक्ष्य 28 लाख मीट्रिक टन का है।
सभी 500 वर्गमीटर से बड़ी इमारतों की निर्माण गतिविधियों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है।
इलेक्ट्रिक और CNG बसें चल रही हैं, जिससे प्रदूषण में उल्लेखनीय कमी आई है।
6,000 से अधिक उद्योगों को “Consent to Operate” और “Consent to Establish” प्रमाणपत्र दिए गए हैं; इन उद्योगों का उत्सर्जन अब“Zero Pollution” श्रेणी में लाया गया है।
वाहन प्रदूषण नियंत्रण (PUC) की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल किया गया है।

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