केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी अपने बेबाक और स्पष्ट विचारों के लिए जाने जाते हैं। एक बार फिर उन्होंने राजनीति को लेकर अपनी राय जाहिर की है, जो चर्चा का विषय बन गई है। पुणे में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने राजनीति की मौजूदा स्थिति पर अपनी असंतोषजनक राय रखी और कहा कि इसमें “यूज एंड थ्रो” की फिलॉसफी अपनाई जाती है।
राजनीति में “यूज एंड थ्रो” की फिलॉसफी
नितिन गडकरी ने राजनीति में भेदभाव और अवसरवादिता की ओर इशारा करते हुए कहा कि जो पार्टी सत्ता में आती है, उसमें शामिल होने के लिए हर कोई तैयार रहता है। लेकिन जैसे ही सत्ता चली जाती है, वैसे ही लोग उससे कतराते हैं। गडकरी ने उदाहरण देते हुए कहा, “जब सत्ता खो जाती है तो जैसे जहाज पानी में डूबता है, वैसे ही लोग फटाफट छलांग मारने लगते हैं, सबसे पहले चूहे छलांग मारते हैं।”
\ विचार शून्यता पर चिंता
परिवार के विकास पर जोर
गडकरी ने समाज और देश के विकास के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा, “अगर हमें समाज और देश का विकास चाहिए तो पहले अपने परिवार का विकास करना चाहिए।” उनका मानना है कि समाज में बदलाव लाने के लिए पहले अपने घर की स्थिति को सुधारना आवश्यक है।
नितिन गडकरी का यह बयान राजनीति में बदलाव और सच्चे नेतृत्व की आवश्यकता की ओर इशारा करता है, जहां विचार और निष्ठा का महत्व हो।