
पंजाब के किसानों ने बिजली विभाग की ‘स्मार्ट मीटर’ लगाने की मुहिम के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है। मुख्यमंत्री भगवंतमान के गृह जिले संगरूर में किसान मजदूर मोर्चा के आह्वान पर भारतीय किसान यूनियन (एकता आजाद) ने मंगलवार को स्मार्ट मीटर उखाड़ो अभियानशुरू कर दिया। यूनियन ने सीधे चुनौती देते लोगों को भरोसा दे डाला कि किसी तरह की कारवाई को यूनियन संभालेगी। आक्रोशित किसानों ने घरों सेस्मार्ट मीटर उतारे और उन्हें बोरों (थैलों) में भरकर इकट्ठा किया। किसानों ने विभाग को खुली चुनौती देते हुए एलान किया है कि बुधवार को ये सभीमीटर पावरकॉम के संबंधित कार्यालयों में जमा करवाए जाएंगे और विभाग से तुरंत साधारण मीटर लगाने की मांग की जाएगी।
किसान संगठनों ने स्पष्ट कर दिया
विरोध प्रदर्शन की यह लहर मुख्यमंत्री के गृह जिले संगरूर के कई गांवों में फैल गई है। छाजली इलाके में ही उपभोक्ताओं की सहमति से करीब एकसौ स्मार्ट मीटर उतारे गए। किसान नेताओं की अगुवाई में यह मुहिम तोलावाल, चीमा, शाहपुर, बिगड़वाल, बडरूखां आदि गांवों में चली। किसाननेताओं जसवीर सिंह, संतराम, दर्शन सिंह, बलविंदर सिंह और हरबंस सिंह ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हम लगातार स्मार्ट मीटर नलगाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन विभाग ने एक न सुनी। इन प्रीपेड मीटरों में निजी कंपनियों की चिप लगी है, यह पावरकॉम का निजीकरण करने कीखुली कोशिश है। किसानों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि आर्थिक तंगी के कारण कई बार उपभोक्ता समय पर बिल नहीं भर पाते। प्रीपेड मीटरिंगसिस्टम लागू होने से पैसा खत्म होते ही बिजली तुरंत कट जाएगी, जिससे किसी भी आपात स्थिति (बीमारी, रात का समय) में आम आदमी कीमुश्किलें कई गुना बढ़ जाएंगी। किसान संगठनों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक विभाग साधारण मीटर नहीं लगाता, उनका यह विरोध अभियान जारीरहेगा। बुधवार को पावरकॉम दफ्तरों में ‘मीटर जमा’ करवाए जाएंगे।