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देवेंद्र यादव ने पंजाब सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

नई दिल्ली, 10 सितंबर 2026

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने पंजाब में बढ़ते मादक पदार्थों के कारोबार को लेकर आम आदमी पार्टी की सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। देवेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि जिस तरह दिल्ली में अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी सरकार की शराब नीति को लेकर विवाद हुआ था, उसी तरह अब पंजाब में नशीले पदार्थों की उपलब्धता और तस्करी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। देवेंद्र यादव ने कहा कि पंजाब में नशे की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है और इसका सबसे ज्यादा असर राज्य के युवाओं पर पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी की सरकार नशे के कारोबार पर प्रभावी रोक लगाने में नाकाम रही है। कांग्रेस नेता देवेंद्र यादव ने पंजाब के एक दलित युवक गुलजार सिंह की मौत का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि गुलजार सिंह ने पंजाब में मादक पदार्थों के कारोबार और राज्य के मंत्री हरपाल सिंह चीमा की भूमिका पर सवाल उठाए थे। देवेंद्र यादव के अनुसार, इसके बाद गुलजार सिंह को कथित तौर पर लगातार परेशान किया गया और आखिरकार उसने आत्महत्या कर ली। हालांकि, गुलजार सिंह की मौत और लगाए गए आरोपों की पूरी परिस्थितियों तथा जिम्मेदारी को लेकर संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष और जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।

गुलजार सिंह की मौत को लेकर देवेंद्र यादव ने उठाए सवाल
देवेंद्र यादव ने कहा कि पंजाब में मादक पदार्थों के बढ़ते कारोबार पर सवाल उठाना एक दलित युवक को बहुत भारी पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि गुलजार सिंह ने नशीली दवाओं के कारोबार को लेकर सवाल उठाए थे और इस मामले में मंत्री हरपाल सिंह चीमा की चुप्पी पर भी सवाल किया था। देवेंद्र यादव का आरोप है कि गुलजार सिंह को लगातार परेशान किया गया। कांग्रेस नेता ने कहा कि इस घटना ने आम आदमी पार्टी की सरकार के काम करने के तरीके पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। देवेंद्र यादव ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को नशे के कारोबार के खिलाफ आवाज उठाने पर डर या दबाव का सामना नहीं करना चाहिए। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि किसी व्यक्ति या अधिकारी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

राहुल गांधी के बयान का भी किया जिक्र
देवेंद्र यादव ने राहुल गांधी के बयान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंत्री द्वारा कथित उत्पीड़न के कारण दलित युवक की मौत के मुद्दे पर चिंता जताई है। देवेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि इस मुद्दे पर जवाब देने के बजाय अरविंद केजरीवाल दूसरे लोगों पर आरोप लगाने की राजनीति कर रहे हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि पंजाब में नशीले पदार्थों के कारोबार को रोकना राज्य सरकार की बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सरकार को आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति से ऊपर उठकर नशे के कारोबार पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

दिल्ली की शराब नीति का उदाहरण दिया
देवेंद्र यादव ने अपने बयान में दिल्ली की शराब नीति 2021-22 का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली तत्कालीन दिल्ली सरकार की शराब नीति ने शराब की उपलब्धता को बढ़ाया और इसके कारण युवाओं तथा परिवारों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा। देवेंद्र यादव ने कहा कि दिल्ली में शराब नीति को लेकर आम आदमी पार्टी की सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे थे। उन्होंने अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन का नाम लेते हुए कहा कि इन नेताओं को शराब नीति और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में जेल जाना पड़ा। हालांकि, इन मामलों में आरोप, जांच, अदालती कार्यवाही और अंतिम न्यायिक निष्कर्ष अलग-अलग विषय हैं। किसी व्यक्ति को दोषी ठहराने का अंतिम अधिकार अदालत का होता है।

पंजाब में ड्रग्स को लेकर सरकार पर निशाना
देवेंद्र यादव ने कहा कि पंजाब लंबे समय से नशे की समस्या से जूझ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी की सरकार आने के बाद भी मादक पदार्थों की तस्करी को रोकने में अपेक्षित सफलता नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या का सबसे बड़ा नुकसान पंजाब के युवाओं को हो रहा है। नशे की वजह से कई परिवार आर्थिक, सामाजिक और मानसिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं। देवेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि पंजाब में नशीले पदार्थों की तस्करी के पीछे बड़े नेटवर्क काम करते हैं और सरकार को इन नेटवर्क पर कठोर कार्रवाई करनी चाहिए।

एनसीआरबी के आंकड़ों का दिया हवाला
देवेंद्र यादव ने अपने बयान में राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब में मादक पदार्थों से जुड़े मामले चिंता का विषय हैं। देवेंद्र यादव के अनुसार, 2024 में पंजाब में नशीले पदार्थों के ओवरडोज से 106 मौतें, 2023 में 89 मौतें और 2022 में 117 मौतें हुईं। इन आंकड़ों का हवाला देते हुए देवेंद्र यादव ने कहा कि नशे की समस्या केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं है, बल्कि यह पंजाब के भविष्य से जुड़ा गंभीर सामाजिक मुद्दा है। उन्होंने कहा कि सरकार को केवल नशे की तस्करी करने वालों को पकड़ने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि युवाओं को नशे से बचाने के लिए जागरूकता, इलाज और पुनर्वास पर भी काम करना चाहिए।

युवाओं पर पड़ रहा है सबसे ज्यादा असर
देवेंद्र यादव ने कहा कि पंजाब के युवाओं के सामने रोजगार, शिक्षा और बेहतर भविष्य के अवसर होने चाहिए। इसके बजाय यदि युवा नशे की गिरफ्त में आते हैं तो इसका नुकसान केवल एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार को होता है। उन्होंने कहा कि नशे की लत से युवा अपनी पढ़ाई, नौकरी और परिवार से दूर हो सकते हैं। कई मामलों में परिवार आर्थिक संकट में भी पहुंच जाते हैं। देवेंद्र यादव ने कहा कि सरकार को स्कूलों, कॉलेजों और गांवों में नशे के खिलाफ विशेष अभियान चलाने चाहिए। युवाओं को खेल, शिक्षा और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने चाहिए ताकि वे नशे से दूर रहें।

आम आदमी पार्टी सरकार से जवाब की मांग
देवेंद्र यादव ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार से सवाल किया कि राज्य में नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए सरकार ने अब तक क्या ठोस कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोगों को यह जानने का अधिकार है कि राज्य में ड्रग्स की सप्लाई कहां से हो रही है, इसके पीछे कौन लोग हैं और तस्करी करने वाले नेटवर्क पर सरकार कितनी सख्ती से कार्रवाई कर रही है। कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार को किसी भी राजनीतिक आरोप का जवाब देने के बजाय जमीन पर कार्रवाई करके दिखानी चाहिए।

मंत्री हरपाल सिंह चीमा की भूमिका पर सवाल
देवेंद्र यादव ने पंजाब के मंत्री हरपाल सिंह चीमा की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि गुलजार सिंह द्वारा उठाए गए सवालों के बाद उसे कथित रूप से परेशान किया गया। देवेंद्र यादव ने कहा कि यदि किसी मंत्री या उसके समर्थकों पर लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो इसकी स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी सरकार में मंत्री और जनप्रतिनिधि जनता के प्रति जवाबदेह होते हैं। इसलिए गंभीर आरोप सामने आने पर जांच होना जरूरी है।

कांग्रेस ने निष्पक्ष जांच की मांग की
देवेंद्र यादव ने गुलजार सिंह की मौत के पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि जांच में यह पता लगाया जाना चाहिए कि गुलजार सिंह ने किन लोगों पर आरोप लगाए थे, उसे किस प्रकार का दबाव झेलना पड़ा और उसकी मौत की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने नशे के कारोबार के खिलाफ आवाज उठाई थी, तो उसकी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए था। देवेंद्र यादव ने कहा कि इस मामले में सच्चाई सामने आना जरूरी है ताकि भविष्य में किसी अन्य व्यक्ति को ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े।

दिल्ली और पंजाब को लेकर देवेंद्र यादव की तुलना
देवेंद्र यादव ने दिल्ली और पंजाब की स्थिति की तुलना करते हुए कहा कि दिल्ली में शराब नीति को लेकर आम आदमी पार्टी की सरकार पर सवाल उठे थे और अब पंजाब में नशे के मुद्दे पर सरकार घिरी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी की सरकारों की प्राथमिकता जनता के हित से ज्यादा राजनीतिक और आर्थिक फायदे पर रही है। देवेंद्र यादव ने कहा कि नशे और शराब जैसे मुद्दों पर सरकार की नीतियों का सीधा असर आम लोगों और खासकर युवाओं पर पड़ता है।

चुनाव में जनता देगी जवाब – देवेंद्र यादव
देवेंद्र यादव ने कहा कि पंजाब की जनता नशे की समस्या को गंभीरता से देख रही है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले चुनाव में पंजाब के लोग आम आदमी पार्टी की सरकार से उसके कामकाज का हिसाब मांगेंगे। उन्होंने कहा कि जिस तरह दिल्ली में शराब नीति को लेकर आम आदमी पार्टी को राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ा, उसी तरह पंजाब में ड्रग्स की समस्या को लेकर भी जनता सरकार से सवाल कर सकती है। देवेंद्र यादव ने कहा कि पंजाब के लोगों को ऐसी सरकार चाहिए जो युवाओं को नशे से बचाए, रोजगार दे और राज्य में कानून-व्यवस्था मजबूत करे।

नशे के खिलाफ सख्त कदम जरूरी
पंजाब में नशे की समस्या को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच यह साफ है कि मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए सरकार, पुलिस, प्रशासन और समाज को मिलकर काम करने की जरूरत है। नशीले पदार्थों की सप्लाई रोकने के साथ-साथ नशे की लत से जूझ रहे लोगों के इलाज और पुनर्वास पर भी ध्यान देना जरूरी है। युवाओं को खेल, शिक्षा और रोजगार से जोड़ना भी नशे के खिलाफ लड़ाई का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है। देवेंद्र यादव ने कहा कि पंजाब के युवाओं का भविष्य नशे की गिरफ्त में नहीं जाना चाहिए। उन्होंने आम आदमी पार्टी सरकार से नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और गुलजार सिंह की मौत से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। कांग्रेस नेता ने कहा कि पंजाब के युवाओं और उनके परिवारों को सुरक्षित भविष्य देना सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होनी चाहिए।

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