नई दिल्ली, 11 फरवरी: भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्य पं. दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि के अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय संगठक वी. सतीश, दिल्ली भाजपा के सांसदों, विधायकों और प्रदेश पदाधिकारियों ने पं. दीनदयाल उपाध्याय पार्क में स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पितकी।
इस मौके पर प्रदेश संगठन महामंत्री पवन राणा, महामंत्री और सांसद योगेंद्र चंदोलिया, महामंत्री विष्णु मित्तल, सांसद बांसुरी स्वराज, पूर्व प्रदेशअध्यक्ष और मालवीय नगर से विधायक सतीश उपाध्याय, रोहिणी से विधायक विजेंद्र गुप्ता, कोषाध्यक्ष सतीश गर्ग, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टरहर्षवर्धन, नव निर्वाचित विधायक, प्रदेश पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश उपाध्यक्ष मती सुनीता कांगड़ा ने की।
वी. सतीश ने पं. दीनदयाल उपाध्याय की शख्सियत को किया याद
वी. सतीश ने पं. दीनदयाल उपाध्याय को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके विशाल व्यक्तित्व को याद किया। उन्होंने कहा, “पं. दीनदयाल उपाध्यायका व्यक्तित्व इतना प्रभावशाली था कि उनके पास जाने से ही लोगों में चारित्रिक परिवर्तन आना स्वाभाविक था।” उन्होंने बताया कि 1925 में जबसंघ की स्थापना हुई, तब शायद ज्यादा लोग इसे नहीं जानते थे, लेकिन आज अगर हम कम्युनिस्ट पार्टी के विचारों को देखें, तो हमें उसे माइक्रोस्कोपसे देखना पड़ेगा। पं. दीनदयाल उपाध्याय ने हमेशा सही रास्ते पर चलने की बात की थी, और यही रास्ता आज भी भाजपा का मार्गदर्शन कर रहा है।
दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकता‘ और ‘अंत्योदय‘ का विचार
वी. सतीश ने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय का विचार टुकड़ों में नहीं था। वह एकता की बात करते थे, और इसी विचार को उन्होंने आगे बढ़ाया।उन्होंने नॉन-कांग्रेस के विचार की शुरुआत की, जो आगे चलकर श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में एनडीए सरकार के रूप में सफल साबितहुआ।
साथ ही, उन्होंने ‘हर हाथ को काम, हर खेत को पानी’ का नारा दिया, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी योजनाओं के माध्यम से पूरे देश में लागूकिया। सतीश ने कहा, “आज भारत जिस प्रकार से आगे बढ़ रहा है और प्रधानमंत्री मोदी ने 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्यरखा है, यह भी पं. दीनदयाल उपाध्याय के विचारों का ही परिणाम है।”
दिल्ली में भाजपा के लिए चुनौती
वी. सतीश ने दिल्ली में भाजपा की बढ़ती चुनौतियों पर भी बात की। उन्होंने कहा, “दिल्ली में जहां एक तरफ झुग्गियों में लोग रहते हैं, वहीं दूसरीतरफ गंदा पानी पीना पड़ता है। हमें इन चुनौतियों का सामना करते हुए अंत्योदय के विचार को दिल्ली में लागू करना होगा, ताकि हम पं. दीनदयालउपाध्याय को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित कर सकें।”
कार्यक्रम का समापन
प्रदेश मंत्री किशन शर्मा ने पुष्पांजलि कार्यक्रम के अंत में वी. सतीश का धन्यवाद किया और उपस्थित कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।