
सरिता साहनी
8 दिसंबर 2025 , नई दिल्ली
अमृतसर की आध्यात्मिक यात्रा दिल्ली सरकार का गुरु साहिब के प्रति आभार
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता अपने पूरे कैबिनेट दल के साथ 8 दिसंबर 2025 को गुरु की पावन धरती अमृतसर पहुंचीं। उनकी यह यात्रा किसीऔपचारिक कार्यक्रम का हिस्सा नहीं, बल्कि गुरु साहिब के प्रति गहरी आस्था, कृतज्ञता और धन्यवाद का प्रतीक थी। मुख्यमंत्री ने सबसे पहले हरमंदिरसाहिब में शीश नवाया और दरबार साहिब में शुकराना अदा करते हुए कहा कि गुरु साहिब की कृपा से ही दिल्ली में ऐतिहासिक ‘गुरमत समागम’ अत्यंत सफल और भव्य रूप से सम्पन्न हुआ।
गुरमत समागम की सफलता को गुरु कृपा का परिणाम बताया
मुख्यमंत्री ने अपनी यात्रा के दौरान बताया कि दिल्ली के लाल किला प्रांगण में 23 से 25 नवंबर तक आयोजित तीन दिवसीय ‘गुरमत समागम’ स्वतंत्रभारत के सबसे बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में से एक बन चुका है। इस कार्यक्रम में लगभग छह लाख श्रद्धालुओं ने भाग लिया, जो अपनेआप में एक रिकॉर्ड है। गुरबाणी कीर्तन, संकीर्तन और आध्यात्मिक सभाओं के उस पवित्र वातावरण को मुख्यमंत्री ने गुरु साहिब का आशीर्वाद कहा।उन्होंने याद किया कि आयोजन से कुछ ही दिन पहले क्षेत्र में बम विस्फोट की घटना हुई थी, जिससे माहौल चिंताजनक था। इसके बावजूद कार्यक्रमका शांतिपूर्ण और सुंदर आयोजन होना गुरु साहिब की ही विशेष कृपा माना गया। इसी आभार को व्यक्त करने मुख्यमंत्री और उनकी कैबिनेट आजहरमंदिर साहिब पहुंची।
पूरे वर्ष चलेगा गुरु तेग बहादुर साहिब का 350वां शहादत वर्ष
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यह भी बताया कि दिल्ली सरकार आगामी पूरे वर्ष गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहादत वर्ष को समर्पित विविधकार्यक्रम और संगोष्ठियाँ आयोजित करेगी। स्कूलों में विशेष पुस्तकों और गतिविधियों के माध्यम से बच्चों तक गुरु साहिब की शिक्षाओं और बलिदानकी कथा पहुँचाई जाएगी। उन्होंने कहा कि देशभर में सरकारें और संस्थाएँ गुरु साहिब के इस पावन पर्व को श्रद्धा और सम्मान से मना रही हैं, जो उनकेसार्वभौमिक संदेशों को आगे ले जाने का माध्यम है।
दुर्गियाना मंदिर और वाल्मीकि मंदिर के दर्शन कर देश की खुशहाली की कामना
अपनी यात्रा के अगले चरण में मुख्यमंत्री दुर्गियाना मंदिर पहुँचीं, जिसे स्वर्ण मंदिर की तरह ही भव्य स्थापत्य के लिए जाना जाता है। यहां उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर देश और दिल्ली की खुशहाली की कामना की। इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने महर्षि वाल्मीकि मंदिर (श्री रामतीर्थ मंदिर) में भीदर्शन किए और आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि भगवान वाल्मीकि जी की कृपा सबकी रक्षा और उन्नति का मार्ग प्रशस्त करती है। मुख्यमंत्रीने इस पूरी आध्यात्मिक यात्रा को अपने जीवन का गहरा अनुभव बताया। उनके अनुसार अमृतसर केवल एक शहर नहीं, बल्कि आस्था, ऊर्जा औरप्रेरणा की भूमि है।
अमृतसरवासियों के स्नेह और स्वागत से अभिभूत हुईं मुख्यमंत्री
अपनी यात्रा के अंत में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अमृतसर के लोगों द्वारा मिले प्रेम और स्नेह के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जनता का यहप्यार ही उनकी सबसे बड़ी शक्ति है। मुख्यमंत्री ने आशा जताई कि गुरु साहिब का आशीर्वाद ऐसे ही बना रहे और इसी प्रेरणा से दिल्ली सरकार आगेभी सेवाभाव, जनकल्याण और ईमानदार शासन की दिशा में निरंतर कार्य करती रहेगी।