पश्चिम बंगाल विधानसभा में बुधवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी के बीच जमकर बहस हुई। ममता बनर्जी ने सुवेंदुअधिकारी के बयानों की कड़ी आलोचना करते हुए भाजपा पर हमला बोला। उन्होंने भाजपा पर रमजान के पवित्र महीने के दौरान मुसलमानों कोनिशाना बनाने का आरोप लगाया।
ममता बनर्जी ने कहा, “मैं हिंदू हूं और मुझे भाजपा से प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं है। भाजपा आर्थिक और व्यापारिक मुद्दों से ध्यान भटकाने केलिए सांप्रदायिक बयानबाजी कर रही है।”
लोकतंत्र स्थायी है, कुर्सी नहीं
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विधानसभा में कहा, “लोकतंत्र स्थायी है, लेकिन कुर्सी स्थायी नहीं है। कुर्सी का सम्मान करना चाहिए।” उन्होंने भाजपा परनिशाना साधते हुए कहा कि वे मुस्लिम विधायकों को बाहर निकालने की बात करके सांप्रदायिकता फैला रहे हैं।
सुवेंदु अधिकारी का पलटवार
विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी पर समाज को बांटने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “सबसे पहले मैं बिमान बंधोपाध्याय(विधानसभा अध्यक्ष) को हराऊंगा और उसके बाद ममता बनर्जी को। भाजपा की सरकार आने के बाद टीएमसी के मुस्लिम विधायकों को सड़क परफेंक दिया जाएगा।”
विधानसभा चुनाव से पहले सियासी घमासान
पश्चिम बंगाल में अगले साल यानी 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव से पहले भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच सियासी तनाव बढ़ता जारहा है। ममता बनर्जी ने कहा कि हिंदुओं की सुरक्षा केवल भाजपा की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह सरकार की भी जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया किकुर्सी का सम्मान और लोकतंत्र की मर्यादा बनाए रखना सभी का कर्तव्य है।