जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान की बौखलाहट जगजाहिर हो गई है आए दिन उसके नेता कोई न कोई बड़बोलापनदिखा रहे हैं. पहले उनके रक्षा मंत्री और अब उनके पूर्व विदेश मंत्री ने पाकिस्तान के आतंक का पनाहगार होने की बात कबूल ली है. पहलगाम हमले मेंआतंकियों ने 26 लोगों की निर्मत हत्या कर दी थी पाकिस्तान की ओर से पोषित आतंकी समूह लश्कर-ए-तैयबा ने इस हमले की साजिश रची थी.इसबीच पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ने खुद कबूल कर लिया है कि उनके मुल्क के आतंकी समूहों के साथ संबंध रहे हैं. उन्होंने कहा किपाकिस्तान का अतीत रहा है. यह किसी से छिपा नहीं है कि पाकिस्तान के दहशर्तगर्दों के साथ संबंध रहे हैं यह कबूलनामा उनके रक्षा मंत्री ख्वाजाआसिफ की आतंकवादी समूहों को समर्थन और वित्त पोषण में पाकिस्तान की संलिप्तता को स्वीकार करने के बाद सामने आया है.बिलावल नेआतंकवाद के साथ पाकिस्तान के इतिहास को स्वीकार करते हुए दावा किया कि इसका देश को नुकसान उठाना पड़ा है. हालांकि बाद से इसमें सुधारहुआ. गुरुवार को स्काई न्यूज से बातचीत में भुट्टो ने कहा जहां तक रक्षा मंत्री ने कहा है मुझे नहीं लगता कि यह कोई रहस्य है कि पाकिस्तान का अतीतरहा है. इसी वजह से हमने नुकसान उठाया है। पाकिस्तान ने काफी नुकसान सहा है.
आतंकवाद अब चरम पर
हम चरमपंथ आतंकवाद की लहर से गुजरे हैं. हमने जो कुछ भी झेला है उससे सबक लिया है. इस समस्या को हल करने के लिए हमने आंतरिक सुधारोंको अपनाया है.भुट्टो ने आगे कहा जहां तक पाकिस्तान के इतिहास का सवाल है यह सच है यह ऐसा कुछ नहीं है. जिसमें हम आज हिस्सा ले रहे हैं यहसच है कि यह हमारे इतिहास का एक दुर्भाग्यपूर्ण हिस्सा है.इससे पहले गुरुवार को मीरपुर खास में एक रैली को संबोधित करते हुए बिलावल भुट्टो नेएक बार फिर खोखली बयानबाजी की थी. उन्होंने गीदड़भभकी देते हुए दावा किया था कि पाकिस्तान शांति चाहता है लेकिन अगर भारत ने उन्हेंउकसाया तो वे युद्ध के लिए तैयार हैं. उन्होंने बड़बोलापन दिखाते हुए कहा पाकिस्तान एक शांतिपूर्ण देश है। इस्लाम एक शांतिपूर्ण धर्म है. हम युद्धनहीं चाहते हैं लेकिन अगर कोई हम पर हमला करता है तो उसे भी युद्ध के लिए तैयार रहना चाहिए.
हम नहीं चाहते युद्ध का ढोल पीटना
हम युद्ध का ढोल नहीं पीटते हैं लेकिन अगर उकसाया गया तो एकजुट पाकिस्तान की दहाड़ कानफोड़ू होगी.कुछ दिन पहले वायरल हुए एक वीडियोक्लिप में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री स्काई न्यूज की यल्दा हकीम से बात कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने उनसे पूछा आप मानते हैं कि पाकिस्तान काआतंकवादी संगठनों को समर्थन, प्रशिक्षण और वित्त पोषण करने का लंबा इतिहास रहा है. इस पर ख्वाजा आसिफ ने अपने जवाब में कहा हम करीबतीन दशकों से अमेरिका के लिए यह गंदा काम कर रहे हैं. ब्रिटेन समेत पश्चिमी देशों के लिए ऐसा कर रहे हैं यह एक गलती थी हमें इसका खामियाजाभुगतना पड़ा. इसीलिए आप मुझसे यह कह रहे हैं अगर हम सोवियत संघ के खिलाफ युद्ध में और बाद में 9/11 के बाद के युद्ध में शामिल नहीं होते तोपाकिस्तान का ट्रैक रिकॉर्ड बेदाग होता.