पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं. हमले के बाद भारत के एक्शन से पाकिस्तान भी घबरा उठाहै पाकिस्तान ने 24-25 अप्रैल को अपने विशेष आर्थिक क्षेत्र के भीतर कराची तट पर सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल का परीक्षण करने केलिए अधिसूचना जारी की है. भारतीय एजेंसियां सभी घटनाक्रमों पर नजर बनाए हुए है. पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़ेफैसले लिए हैं. सिंधु जल समझौता समेत अन्य फैसलों को लेकर पाकिस्तान की घबराहट बढ़ गई है. पाकिस्तान को लग रहा है कि भारत हमला करसकता है इसलिए पाकिस्तान ने मिसाइलों का परीक्षण शुरू कर दिया है.पाकिस्तान ने अरब सागर के लिए नोटम (वायुसैनिकों/नौसैनिकों को नोटिस) जारी किया है. साथ ही सैन्य प्रतिक्रिया की आशंका के मद्देनजर अपनी सेना को पूरी तरह अलर्ट पर रखा है. भारत में रक्षा और सुरक्षा प्रतिष्ठान के सूत्रोंने बताया कि पाकिस्तान की नौसेना ने अभ्यास शुरू किया है. पाकिस्तान ने अपनी वायु रक्षा को अलर्ट पर रखा है और एयरबोर्न वार्निंग एंड कंट्रोलसिस्टम भारतीय विमानों की आवाजाही पर नजर रखने के लिए नियमित रूप से उड़ान भर रहे हैं.
पहलगाम के दोषियों को जल्द ही लाया जाएगा कटघरे में
वहीं भारत ने सार्वजनिक तौर पर कहा है कि पहलगाम हमले के दोषियों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा तथा उनके प्रायोजकों को जवाबदेहठहराया जाएगा. पाकिस्तान में हो रहीं गतिविधियों पर भारतीय एजेंसियों की कड़ी नजर है. पाकिस्तानी सेना की तैयारियों की निगरानी की जा रही है. पहलगाम हमले के बाद भारत में हुई सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीएस) की बैठक में बड़े फैसले लिए गए. इसमें कहा गया कि आतंकीहमले के सीमा पार संबंधों की बात सामने आई. पहलगाम हमले से पाकिस्तान का संबंध सामने आया भारत सरकार ने 1960 की सिंधु जल संधि कोतत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया है. जब तक कि पाकिस्तान विश्वसनीय और अपरिवर्तनीय रूप से सीमा पार आतंकवाद को अपना समर्थन देना बंदनहीं कर देता. हालांकि इस कदम का तत्काल कोई प्रभाव नहीं होगा. लेकिन पाकिस्तान जानता है कि उसे दीर्घावधि में इसका दर्द महसूस होगा. अटारी में एकीकृत चेक पोस्ट को भी तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है और पाकिस्तानी नागरिकों को सार्क वीज़ा छूट योजना (एसवीईएस) केतहत भारत की यात्रा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी. पाकिस्तानी नागरिकों को अतीत में जारी किए गए किसी भी एसवीईएस वीज़ा को रद्द मानाजाता है. ऐसे वीज़ा के तहत भारत में मौजूद किसी भी पाकिस्तानी नागरिक के पास भारत छोड़ने के लिए 48 घंटे हैं.