पाकिस्तान द्वारा भारत पर हमले के लिए ड्रोन्स और मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया जिनमें से कई चीन और तुर्किए में बने हथियार थे. हालांकिभारत के मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम के आगे उनकी एक न चली. सोमवार को डीजीएमओ की प्रेस ब्रीफिंग के दौरान एयर मार्शल एके भारती ने कहाकि ‘पाकिस्तान द्वारा चीन में बनी पीएल-15 मिसाइल का इस्तेमाल किया गया. लेकिन वह भी निशाना नहीं साध पाई और हमारे एयर डिफेंस ने उसेइंटरसेप्ट कर हवा में ही तबाह कर दिया. एयर मार्शल एके भारती ने कहा कि उसका मलबा हमारे सशस्त्र बलों ने बरामद किया है. एयर मार्शल एकेभारती ने कहा कि लॉन्ग रेंज रॉकेट, अनमैन्ड एरियल सिस्टम का भी पाकिस्तान द्वारा इस्तेमाल किया गया. जिन्हें भी हमारे एयर डिफेंस सिस्टम ने तबाहकर दिया. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान द्वारा बड़ी संख्या में ड्रोन्स और अनमैन्ड कॉम्बैट एरियल व्हीकल्स से हमले की कोशिश की गई. लेकिन उन्हें भारतके स्वदेशी सॉफ्ट एंड हार्ड किल काउंटर यूएएस सिस्टम और शानदार प्रशिक्षित एयर डिफेंस सैनिकों ने तबाह कर दिया.
डीजीएमओ की प्रेस ब्रीफिंग के दौरान किया गया था सवाल
डीजीएमओ की प्रेस ब्रीफिंग के दौरान एक सवाल किया गया कि तुर्किए के ड्रोन्स को लेकर दुनिया में बहुत ज्यादा हल्ला मचा हुआ था, लेकिन लगताहै कि बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए गए तुर्किए के ड्रोन्स भारत में धराशायी हो गया और दुनिया को एक संदेश चला गया है कि अब हाइब्रिड वारफेयर मेंइसकी औकात नहीं बची? इसके जवाब में एयर मार्शल एके भारती ने कहा कि तुर्किए ड्रोन्स हों या कहीं और के भी ड्रोन्स हो, आपने देखा यहां कितरह से ड्रोन्स के मलबे की तस्वीरें सामने आईं. हमने दिखा दिया कि हमारे काउंटर डिफेंस सिस्टम और हमारे ट्रेंड डिफेंस ऑपरेटर्स पूरी तरह से सक्षम हैं. हमारे देश की स्वदेशी तकनीक किसी भी तरह के ड्रोन हमलों या किसी भी तरह की तकनीक से निपटने के लिए तैयार हैं. हमें यहां ज्यादा बोलने कीजरूरत नहीं है आपने खुद अपनी आंखों से देखा है कि हमने इनका क्या हश्र किया है. पीएल-15ई चीन की PL-15 मिसाइल का एक्सपोर्ट वर्जन है।इस मिसाइल में डुअल पल्स प्रोपेलेंट रॉकेट मोटर और एक्टिव इलेक्ट्रॉनिकली स्कैन्ड ऐरे (AESA) रेडार लगा हुआ है. यह मिसाइल मैक 5 की स्पीडसे 145 किलोमीटर की दूरी पर मौजूद लक्ष्य को निशाना बना सकती है. डेटा लिंक और इनर्शियल रेफरेंस यूनिट मिसाइल निशाना लगाने की सटीकक्षमता को सुनिश्चित करते है.