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सरिता साहनी
नई दिल्ली, 20 मार्च 2026

दिल्ली के पालम इलाके में हुए दर्दनाक अग्निकांड को लेकर अब राजनीतिक बयानबाज़ी और तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस हादसे में लोगों की जान बचाने के बजाय सरकार अपनी बदनामी छिपाने में लगी रही। उन्होंने कहा कि अगर सही समय पर सही फैसले लिए जाते, तो कई लोगों की जान बच सकती थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

सरकार चाहती तो जान बच सकती थी
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि जब आग लगी थी, उस समय कई लोग इमारत के अंदर फंसे हुए थे और मदद का इंतजार कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि फायर ब्रिगेड समय पर पहुंचने के बावजूद पूरी तरह से काम नहीं कर पाई। उनका कहना है कि अगर पूरी तैयारी और सही उपकरण होते, तो लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सकता था।

हाइड्रोलिक लिफ्ट काम नहीं कर रही थी
सौरभ भारद्वाज ने बताया कि फायर ब्रिगेड की हाइड्रोलिक लिफ्ट उस समय ठीक से काम नहीं कर रही थी। यह वही मशीन होती है जिससे ऊंची इमारतों में फंसे लोगों को सुरक्षित नीचे लाया जाता है। उन्होंने कहा कि जब यह लिफ्ट नहीं चली, तब बचाव कार्य और मुश्किल हो गया और समय निकलता चला गया।

स्थानीय लोगों ने खुद बचाने की कोशिश की
सौरभ भारद्वाज ने बताया कि वहां मौजूद स्थानीय लोगों और दुकानदारों ने खुद लोगों को बचाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि पास में गद्दों की दुकान थी और लोग चाहते थे कि नीचे गद्दे बिछाकर ऊपर फंसे लोगों को कूदने का मौका दिया जाए, ताकि उनकी जान बच सके। लेकिन आरोप है कि फायर ब्रिगेड की गाड़ी नहीं हटाई गई, जिससे यह कोशिश पूरी नहीं हो पाई।

अगर गद्दे बिछ जाते तो जान बच सकती थी
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि जिस मंजिल पर लोग फंसे थे, वह बहुत ज्यादा ऊंची नहीं थी। अगर नीचे गद्दे बिछा दिए जाते, तो लोग कूदकर अपनी जान बचा सकते थे। उन्होंने कहा कि यह एक आसान और तुरंत किया जा सकने वाला उपाय था, लेकिन इसे भी नहीं अपनाया गया।

सरकार पर गंभीर आरोप
सौरभ भारद्वाज ने बहुत गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार को डर था कि अगर लोग बच गए, तो उसकी फायर ब्रिगेड की कमी सामने आ जाएगी। इसलिए उसने लोगों को बचाने की पूरी कोशिश नहीं की। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुखद और चौंकाने वाली बात है कि किसी भी सरकार के लिए लोगों की जान से ज्यादा उसकी छवि महत्वपूर्ण हो जाए।

मृतकों पर दोष डालने की कोशिश का आरोप
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि अब भाजपा सरकार इस हादसे की जिम्मेदारी खुद लेने के बजाय मारे गए लोगों पर ही दोष डालने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि पहले भी जनकपुरी में कमल ध्यानी के मामले में ऐसा ही हुआ था, जहां सरकार ने अपनी गलती मानने के बजाय अन्य कारण बताए थे। अब पालम अग्निकांड में भी वही तरीका अपनाया जा रहा है।

शोकसभा में हंगामे का आरोप
सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि जब अरविंद केजरीवाल पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे, तब वहां हंगामा किया गया। उनका कहना है कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने जानबूझकर माहौल खराब किया, ताकि इस हादसे के कारणों पर कोई चर्चा न हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि मीडिया को भी ठीक से काम नहीं करने दिया गया।

घटना के दर्दनाक पहलू का जिक्र
सौरभ भारद्वाज ने इस हादसे को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि इसमें एक ही परिवार के कई लोगों की जान चली गई। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे बच्चे भी इस हादसे का शिकार हुए, जो पूरे समाज के लिए बहुत दर्दनाक बात है। उन्होंने एक भावुक उदाहरण देते हुए बताया कि एक मां अपनी बेटी को बचाने की कोशिश करते हुए खुद भी आग में फंस गईं।

फायर ब्रिगेड और पुलिस पर सवाल
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि फायर ब्रिगेड और पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मौके पर मौजूद लोगों को वीडियो बनाने से रोका गया, ताकि सच्चाई बाहर न आ सके।
उन्होंने कहा कि अगर सब कुछ सही था, तो फिर वीडियो बनाने से क्यों रोका गया।

हम डरने वाले नहीं हैं
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि वह इस मुद्दे को उठाते रहेंगे और किसी से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने प्रतीक के रूप में अर्थी मंगाई और सिर पर कफन बांधा है, ताकि यह दिखाया जा सके कि वे सच्चाई के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी जनता की आवाज उठाती रहेगी।

भाजपा नेताओं पर निशाना
सौरभ भारद्वाज ने भाजपा नेताओं पर भी निशाना साधा और कहा कि वे इस दुखद घटना पर भी राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने खास तौर पर वीरेन्द्र सचदेवा के बयानों की आलोचना की और कहा कि ऐसे समय में संवेदनशीलता जरूरी है। पालम अग्निकांड ने कई परिवारों को गहरा दुख दिया है और पूरे शहर को झकझोर दिया है। इस घटना को लेकर अब आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है, लेकिन सबसे जरूरी बात यह है कि सच्चाई सामने आए और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो। लोगों की उम्मीद है कि जांच के बाद सच सामने आएगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।

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