Skip to main content

NEWS अब तक

नई दिल्ली।

दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष श्री देवेंद्र यादव ने प्रधानमंत्री आवास अधिकार योजना-शहरी (पीएम-उदय) को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और भारतीय जनता पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पहले यह बताएं कि दिल्ली के विकास और अनधिकृत कॉलोनियों के नियमितीकरण के लिए अब तक जो धनराशि मिली, उसका उपयोग कहां किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार केवल नई घोषणाएं कर रही है, जबकि अनधिकृत कॉलोनियों के लोगों की समस्याएं आज भी जस की तस बनी हुई हैं।

अनधिकृत कॉलोनियों के लोगों को वर्षों से केवल आश्वासन मिले
देवेंद्र यादव ने कहा कि दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लाखों लोगों को कई वर्षों से मालिकाना हक और विकास कार्यों के नाम पर केवल वादे किए गए हैं। उन्होंने कहा कि अब नए सर्वे और सत्यापन की घोषणाओं से लोगों का भरोसा नहीं जीता जा सकता। जनता यह जानना चाहती है कि अब तक वास्तव में कितना काम हुआ और कितने लोगों को उसका लाभ मिला। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार लंबे समय से अनधिकृत कॉलोनियों के लोगों को मालिकाना हक देने का दावा करती रही है, लेकिन बड़ी संख्या में परिवार आज भी स्पष्ट स्वामित्व दस्तावेजों से वंचित हैं। इसके साथ ही कई कॉलोनियों में आज भी सीवर, पीने का पानी, सड़क और अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमी बनी हुई है।

1,511 कॉलोनियों में अब तक कितना काम हुआ, सरकार बताए
देवेंद्र यादव ने दिल्ली सरकार द्वारा 1,511 अनधिकृत कॉलोनियों में आधुनिक सर्वे और सत्यापन प्रणाली लागू करने की घोषणा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि इन कॉलोनियों में अब तक कितना सर्वे पूरा हुआ है और कितने लोगों को वास्तविक रूप से संपत्ति के अधिकार दिए गए हैं। उन्होंने सरकार से पूछा कि अब तक कितने आवेदन प्राप्त हुए, उनमें से कितनों का निपटारा किया गया और कितने परिवारों को मालिकाना हक के दस्तावेज सौंपे गए। उनके अनुसार केवल नई योजनाओं की घोषणा करने के बजाय सरकार को अब तक की प्रगति का पूरा विवरण जनता के सामने रखना चाहिए।

100 करोड़ रुपये की मांग सरकार की विफलता की स्वीकारोक्ति
देवेंद्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा केंद्र सरकार से 100 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता मांगना इस बात का संकेत है कि अब तक चलाई गई योजनाएं अपेक्षित परिणाम नहीं दे सकीं।
उन्होंने कहा कि जब केंद्र और दिल्ली दोनों जगह भाजपा की सरकार है, तब भी यदि अनधिकृत कॉलोनियों के लोगों को वर्षों से राहत नहीं मिल पाई, तो सरकार को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार केवल घोषणाओं और पत्राचार की राजनीति कर रही है, जबकि जमीन पर लोगों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा।

पीएम-उदय योजना पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग
देवेंद्र यादव ने दिल्ली सरकार से मांग की कि वह पीएम-उदय योजना के तहत अब तक किए गए सभी कार्यों का विस्तृत श्वेत पत्र जारी करे। उन्होंने कहा कि इसमें यह स्पष्ट बताया जाए कि योजना के कितने लाभार्थी हैं, अब तक कितनी राशि खर्च की गई, कितने मामले लंबित हैं और कितने लोगों को पूर्ण स्वामित्व अधिकार मिले हैं। उन्होंने कहा कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि योजना पर खर्च किए गए सरकारी धन का उपयोग किस प्रकार हुआ और उसका वास्तविक लाभ कितने लोगों तक पहुंचा।

जनता के सामने रखा जाए पूरा सामाजिक लेखा-जोखा
देवेंद्र यादव ने कहा कि यदि सरकार दावा करती है कि पीएम-उदय योजना सफल रही है, तो उसे सभी आंकड़े सार्वजनिक करने चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार बताए कि कितनी कॉलोनियों में विकास कार्य पूरे हुए, कितने लोगों को मालिकाना हक मिला और अब तक खर्च की गई राशि का सामाजिक लेखा-जोखा जनता के सामने क्यों नहीं रखा गया। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता अब केवल वादे नहीं, बल्कि ठोस परिणाम देखना चाहती है। इसलिए सरकार को पारदर्शिता के साथ पूरी जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए ताकि लोगों को योजना की वास्तविक स्थिति का पता चल सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *