प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुंबई के नेवी डॉकयार्ड में भारतीय नौसेना के तीन नए युद्धपोतों, INS सूरत, INS नीलगिरी और INS वाघशीर को देश कोसमर्पित किया। इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि इन नए युद्धपोतों से भारत की सुरक्षा को और मजबूती मिलेगी और यह भारत की नौसेना कोसशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
नौसेना की ताकत बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम
पीएम मोदी ने इस अवसर पर कहा, “हमारी नौसेना ने सैकड़ों लोगों की जान बचाई है और आज हम एक अहम कदम उठा रहे हैं जिससे हमारी नौसेनाऔर मजबूत होगी।” उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय नौसेना ने आत्मनिर्भरता के मार्ग को अपनाया है, जिससे हम अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूती देरहे हैं।
उन्होंने भारत की नीति पर भी बात की, कहकर कि भारत हमेशा विकास के दृष्टिकोण से काम करता है, न कि विस्तारवाद के। पीएम ने कहा, “भारतआज एक भरोसेमंद और जिम्मेदार साथी के रूप में पहचाना जा रहा है, विशेष रूप से ग्लोबल साउथ में।”
मेड इन इंडिया युद्धपोत
पीएम मोदी ने गर्व के साथ कहा कि यह युद्धपोत पूरी तरह से मेड इन इंडिया हैं, जो भारत की बढ़ती ताकत और आत्मनिर्भरता को दर्शाते हैं। उन्होंनेकहा, “भारत पर दुनिया का भरोसा बढ़ रहा है और आज हमारा देश एक प्रमुख समुद्री शक्ति के रूप में उभर रहा है।”
समुद्री विरासत और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
पीएम ने इस दिन को भारत की समुद्री विरासत और नौसेना के गौरवशाली इतिहास के साथ-साथ आत्मनिर्भर भारत अभियान के लिए भी महत्वपूर्णबताया। उन्होंने कहा, “आज हम छत्रपति शिवाजी महाराज की पवित्र भूमि पर 21वीं सदी की नौसेना को सशक्त करने के दिशा में एक अहम कदमउठा रहे हैं।”
यह पहली बार है जब भारतीय नौसेना में एक विध्वंसक, एक फ्रिगेट और एक पनडुब्बी एक साथ कार्यरत हो रहे हैं।
छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रेरणा
पीएम मोदी ने छत्रपति शिवाजी महाराज का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने भारतीय नौसेना को नया दृष्टिकोण और सामर्थ्य दिया था।
तीनों युद्धपोतों का भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल होना, भारत के रक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जो देश को रक्षा विनिर्माण औरसमुद्री सुरक्षा में वैश्विक नेतृत्व की ओर अग्रसर करेगा।