प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले महीने थाईलैंड और श्रीलंका की यात्रा करेंगे. इसे लेकर आधिकारिक एलान कर दिया गया है पीएम मोदी पहले थाईलैंडऔर फिर श्रीलंका जाएंगे. विदेश मंत्रालय के मुताबिक, थाईलैंड के प्रधानमंत्री पैटोंगटार्न शिनावात्रा के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री मोदी 4 अप्रैल 2025 को आयोजित होने वाले छठे बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे. इसके लिए पीएम मोदी 3 से 4 अप्रैल तक बैंकॉक का दौरा करेंगे. इस शिखरसम्मेलन की मेजबानी वर्तमान बिम्सटेक अध्यक्ष थाईलैंड करेगा. यह प्रधानमंत्री की थाईलैंड की तीसरी यात्रा होगी इसके बाद पीएम मोदी कोलंबोरवाना होंगे. प्रधानमंत्री श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायका के निमंत्रण पर 4 से 6 अप्रैल 2025 तक वे श्रीलंका की राजकीय यात्रा पररहेंगे.2015 के बाद से यह प्रधानमंत्री मोदी की द्वीप राष्ट्र की चौथी यात्रा होगी. इससे पहले पीएम मोदी ने 2015, 2017 और 2019 में श्रीलंका कादौरा किया था. यह यात्रा ऐसे वक्त हो रही है जब भारत और श्रींलका के बीच मछुआरों की गिरफ्तारी का मुद्दा गरम है. इस कारण से दोनों देशों केबीच तनातनी चल रही है. तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन कई बार विदेश मत्री एस. जयशंकर को पत्र लिखकर मुद्दे के स्थायी हल निकालने केलिए काम करने को कह चुके हैं.
श्रीलंकाई नौसेना ने किया था दावा
इससे पहले श्रीलंकाई नौसेना ने दावा किया था कि उन्होंने 2024 में श्रीलंकाई जलक्षेत्र में मछली पकड़ने के लिए घुसे 550 से अधिक भारतीयमछुआरों को गिरफ्तार किया है. इस साल अब तक करीब 150 से अधिक भारतीय मछुआरों को गिरफ्तार किया जा चुका है.द्विपक्षीय मोर्चे परप्रधानमंत्री मोदी 3 अप्रैल को प्रधानमंत्री शिनावात्रा के साथ बैठक करेंगे. मीटिंग में मौजूदा सहयोग की समीक्षा की जाएगी और दोनों देशों के बीचभविष्य की साझेदारी के रोडमैप पर चर्चा की जाएगी. भारत और थाईलैंड के बीच मजबूत सभ्यतागत संबंध हैं जो दोनों देशों की समुद्री निकटता सेऔर मजबूत होते हैं.थाईलैंड की अपनी यात्रा के बाद प्रधानमंत्री मोदी श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके के निमंत्रण पर 04-06 अप्रैलतक राजकीय यात्रा पर श्रीलंका जाएंगे. यात्रा के दौरान वे राष्ट्रपति दिसानायके के साथ चर्चा करेंगे. उच्च स्तरीय चर्चाओं के अलावा पीएम मोदी वरिष्ठगणमान्य व्यक्तियों और राजनीतिक नेताओं से मिलेंगे.
विकास परियोजनाओं का करेंगें उद्घाटन
वह भारतीय वित्तीय सहायता वाली विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करने के लिए अनुराधापुरा का दौरा करेंगे. प्रधानमंत्री मोदी ने आखिरी बार2019 में श्रीलंका का दौरा किया था. इससे पहले, श्रीलंका के राष्ट्रपति दिसानायके ने पदभार ग्रहण करने के बाद अपनी पहली आधिकारिक विदेशयात्रा के लिए भारत को चुना था. जो दोनों देशों के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंधों को दर्शाता है.भारत क्षेत्रीय सहयोग और साझेदारी को मजबूत करनेके लिए बिम्सटेक में कई पहल कर रहा है, जिसमें सुरक्षा बढ़ाना, व्यापार, निवेश को सुविधाजनक बनाना, भौतिक, समुद्री, डिजिटल संपर्क स्थापितकरना, खाद्य, ऊर्जा, जलवायु और मानव सुरक्षा में सहयोग करना, क्षमता निर्माण और कौशल विकास और लोगों के बीच संबंधों को बढ़ाना शामिलहै.